खराब डाइट और बिगड़ता लाइफस्टाइल पाचन पर भारी पड़ रहा है। डाइट में तले भुने मसालेदार फूड का सेवन, जंक फूड, प्रोसेस फूड का सेवन करने से कब्ज की बीमारी बढ़ सकती है और पाचन तंत्र बिगड़ सकता है। कुछ लोग कब्ज का इलाज करने के लिए तरह-तरह की दवाओं का सेवन करते हैं तो कुछ लोग देसी तरीके से कब्ज का इलाज करते हैं। लेकिन आप जानते हैं कि एक फल ऐसा है जो नेचुरल तरीके से कब्ज का इलाज करता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं कीवी की जो एक नेचुरल लैक्सेटिव (Natural Laxative) के रूप में काम करती है।
अवॉर्ड-विनिंग रजिस्टर्ड डाइटिशियन न्यूट्रिशनिस्ट, योग-फिटनेस इंस्ट्रक्टर और माइंडफुलनेस विशेषज्ञ मांडी एनराइट के मुताबिक कीवी एक ऐसा सुपरफूड है जिसका सेवन अगर सुचारू रूप से किया जाए तो पाचन तंत्र में भी सुधार किया जा सकता है। इसमें मौजूद विटामिन सी और फाइबर इम्यूनिटी को मजबूत करने में भी सहायक होते हैं। आइए एक्सपर्ट्स से विस्तार से जानते हैं कि रोजाना कीवी खाने से आपकी सेहत को कौन से 4 बड़े फायदे मिल सकते हैं और इसे खाने का सही तरीका क्या है।
कब्ज से राहत के लिए कीवी क्यों है नंबर 1 फल?
फाइबर और पॉलीफेनॉल से है भरपूर
कीवी फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। एक कप कीवी में लगभग 5 ग्राम फाइबर होता है, जो मल त्याग को नियमित रखने में मदद करता है। गट-हेल्थ डाइटिशियन Amanda Sauceda के अनुसार रोज़ दो कीवी खाना कब्ज सुधारने में साइलियम (psyllium) जैसे लोकप्रिय फाइबर सप्लीमेंट के बराबर असरदार पाया गया। फाइबर आंतों की गति को नियमित रखता है और कब्ज व पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत देता है। कीवी में मौजूद पॉलीफेनॉल जो पौधों से मिलने वाले यौगिक है आंतों की सेहत को सपोर्ट करते हैं। रिसर्च बताती है कि कीवी मल में नमी बढ़ाकर और आंतों की अनियमितता सुधार के कब्ज से राहत दिला सकती है। ये फल गुड गट बैक्टीरिया को भी पोषण दे सकता है।
पाचन एंजाइम (Actinidin) होते हैं
कीवी में एक खास एंजाइम ऑक्टेनीडिन (Actinidin) पाया जाता है, जो प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है। डाइटिशियन Cari Riker के मुताबिक ये एंजाइम पाचन प्रक्रिया को तेज कर सकता है और भोजन को आंतों में आगे बढ़ाने में मदद करते है, जिससे हल्का नेचुरल मोशन जैसा असर हो सकता है।
पानी का है अच्छा स्रोत
कब्ज से राहत के लिए शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा जरूरी है, खासकर जब आप ज्यादा फाइबर ले रहे हों। एक कप कीवी में लगभग 5 औंस यानि 150 मि.ली.पानी होता है। पर्याप्त पानी मल को नरम बनाता है और उसे आसानी से बाहर निकलने में मदद करता है।
कब्ज से बचने के अन्य उपाय
दिनभर बॉडी को एक्टिव रखें
शारीरिक गतिविधि आंतों की गति सुधारती है। रोजाना 30 से 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एक्टिविटी जैसे तेज चलना कब्ज के जोखिम को कम कर सकती है। खाने के बाद हल्की वॉक भी फायदेमंद है।
कब्ज से बचाव के लिए मैग्नीशियम पर जोर दें
डाइटिशियन Danielle Zold के अनुसार, मैग्नीशियम कब्ज से राहत दिलाने में प्रभावी हो सकता है। हालांकि किस प्रकार का मैग्नीशियम लेना है ये डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह से तय करना चाहिए।
सप्लीमेंट्स से सावधान रहें
- लंबे समय तक जुलाब (laxatives) या सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। इसके हल्के से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
- अगर कब्ज लंबे समय से बना हुआ है तो उसकी मूल वजह जानने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
- रोजाना पर्याप्त फाइबर ले।महिलाओं को रोज़ कम से कम 25 ग्राम फाइबर और पुरुषों को 30 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी जाती है। इसके लिए फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और बीज को डाइट में शामिल करें।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी डाइट या जीवनशैली में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें, विशेषकर यदि आप किसी पुरानी बीमारी, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं।
