Inflammatory Bowel Disease: पेट में दर्द, मरोड़ और बार-बार दस्त होना अक्सर हम इन लक्षणों को सामान्य संक्रमण या बवासीर समझकर घरेलू नुस्खों से दबाने की कोशिश करते हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान की भाषा में यह साइलेंट डेंजर आईबीडी (Inflammatory Bowel Disease) हो सकता है। आईबीडी कोई साधारण इन्फेक्शन नहीं, बल्कि पाचन तंत्र की एक क्रॉनिक (लंबे समय तक चलने वाली) सूजन है, जो अगर समय पर न पहचानी जाए तो आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट्स के अनुसार IBD  के मुख्य रूप क्रोहन डिजीज (Crohn’s Disease) और अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) मरीज की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं।

आदर्श आयुर्वेदिक फार्मेसी हरिद्वार,उत्तराखंड में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक कुमार ने बताया आंतों में सूजन होने पर कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे पेट दर्द और ऐंठन, दस्त या कब्ज,खून या म्यूकस के साथ मल आना, वजन घटना और कमजोरी, भूख न लगना,पेट में लगातार गैस बनने जैसे लक्षण दिखते हैं। समय रहते लक्षणों की पहचान और बचाव के उपाय से बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि IBD और बवासीर के बीच का बारीक अंतर क्या है, इसके शुरुआती संकेत कौन से हैं और सही समय पर इलाज शुरू करना क्यों जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

IBD कौन सी बीमारी है?

इन्फ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज (IBD) पाचन तंत्र की एक गंभीर, क्रोनिक सूजन वाली स्थिति है जो बवासीर से अधिक खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह आंतों को स्थायी नुकसान पहुंचाती है। यह मुख्य रूप से अल्सरेटिव कोलाइटिस या क्रोन रोग के रूप में दिखती है, जिसमें गंभीर पेट दर्द, खूनी दस्त, थकान और वजन कम होना शामिल है। समय पर जांच और हेल्दी लाइफस्टाइल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

आईबीडी के लक्षण (Symptoms of IBD)

Johns Hopkins Medicine में छपी रिपोर्ट के मुताबिक IBD के कुछ लक्षण बॉडी में दिखते हैं जैसे

  • पेट में लगातार दर्द और ऐंठन होना,खाने के बाद या मल त्याग के दौरान दर्द होना
  • दस्त में खून या मवाद (pus)आना।
  • अचानक वजन कम होना और भूख न लगना।
  • शरीर में सूजन के कारण कमजोरी और बुखार महसूस होना।
  • मल त्याग की तीव्र इच्छा होना
  • जोड़ों में दर्द, स्किन पर चकत्ते, और आंखों में सूजन।
विशेषता (Feature)बवासीर (Piles)आईबीडी (IBD)
प्रभावित क्षेत्रकेवल गुदा (Anus) के पास की नसें।पूरी बड़ी आंत या पाचन तंत्र (GI Tract)।
दर्द का प्रकारमल त्याग के समय तेज जलन या चुभन।पेट के निचले हिस्से में मरोड़ और ऐंठन।
वजन कम होनाआमतौर पर नहीं होता।अचानक और तेजी से वजन गिरता है।
अन्य लक्षणमस्से या गांठ महसूस होना।बुखार, जोड़ों में दर्द और अत्यधिक थकान।

आईबीडी के कारण (Causes of IBD)

इम्यून सिस्टम की खराबी होने के कारण इम्यून सिस्टम भोजन या अच्छे बैक्टीरिया पर ही हमला करने लगता है।
परिवार में किसी को यह बीमारी होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
धूम्रपान, तनाव और अनहेल्दी फूड का सेवन।
एंटीबायोटिक्स या दर्द निवारक दवाएं भी इसका कारण बनती हैं।  

बचाव और प्रबंधन (Prevention and Management)

  • इस बीमारी से बचाव करने के लिए डाइट में फल, सब्जियां और घर का बना खाना खाएं। फास्ट फूड और जंक फूड से परहेज करें।
  • तनाव कम करें। तनाव कंट्रोल करने के लिए योग, ध्यान या वॉक करें।
  • धूम्रपान छोड़ें। स्मोकिंग की वजह से क्रोन रोग बदतर बन सकता है।
  • लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करेंप्रोबायोटिक्स फूड्स का सेवन करें। दही या छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैंफाइबर का ध्यान रखें। कच्ची सब्जियां या छिलके वाली दालें डॉक्टर की सलाह पर ही लें।आपको बता दें कि IBD बवासीर (Piles) से बिल्कुल अलग है, क्योंकि बवासीर में केवल गुदा के आसपास की नसें सूजती हैं, जबकि आईबीडी आंतों के अंदरूनी हिस्से को पूरी तरह से प्रभावित करता है। 

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें दी गई सामग्री किसी पेशेवर डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। आईबीडी एक गंभीर स्थिति है, जिसके लक्षण दिखने पर तुरंत किसी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। जंसत्ता इस जानकारी की चिकित्सकीय सटीकता के लिए जिम्मेदारी नहीं लेता है।