कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना एक ऐसी परेशानी है जो नई पीढ़ी में तेजी से पनप रही है। खराब डाइट और बिगड़ते लाइफस्टाइल की वजह से पनपने वाली ये परेशानी दिल के रोगों का कारण बनती है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए डाइट में प्रोसेस, ऑयली और मसालेदार फूड्स से परहेज करना जितना जरूरी है उतना ही कुछ खास फूड्स का सेवन करना भी जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में ड्राई फ्रूट का सेवन असरदार साबित हो सकता है। ड्राई फ्रूट में बात करें अखरोट की तो इसमें Omega-3 Fatty Acids की मात्रा बादाम और काजू से अधिक होती है, जो इसे दिल के लिए खास बनाती है।
क्लाउडनाइन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, बेंगलुरु की चीफ क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट अभिलाषा वी के अनुसार अखरोट का सेवन अगर पानी में भिगोकर किया जाए तो बॉडी को हेल्दी फैट्स, खासतौर पर पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स भरपूर मिलता है जो LDL कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, नियमित रूप से भीगे हुए अखरोट का सेवन LDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने में सहायक हो सकता है।
भीगा हुआ अखरोट कैसे कोलेस्ट्रॉल करता है कंट्रोल, रिसर्च से समझें
हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक बड़ी रिसर्च के मुताबिक जो लोग नियमित रूप से अखरोट का सेवन करते हैं उनमें कुल कोलेस्ट्रॉल और LDL का स्तर काफी कम पाया गया। Journal of Nutrition में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक अखरोट रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) की लोच में सुधार करता है और धमनियों में जमा होने वाले प्लाक को बनने से रोकता है।
Omega-3 से भरपूर अखरोट में Alpha-linolenic Acid (ALA) सबसे ज्यादा होता है। रिसर्च के मुताबिक ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में सूजन को कंट्रोल करता है और लीवर के खराब कोलेस्ट्रॉल को साफ करने में मदद करता है।अखरोट में फाइटोस्टेरॉल होता हैं, जिनकी संरचना कोलेस्ट्रॉल जैसी ही होती है। जब हम अखरोट खाते हैं तो ये फाइटोस्टेरॉल छोटी आंत में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण (Absorption) को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे वह खून में नहीं मिल पाता। अखरोट में पॉलीफेनोल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल को Oxidize होने से बचाते हैं। BMC Medicine की एक रिसर्च के मुताबिक रोजाना 28 से 30 ग्राम अखरोट खाने से हृदय रोगों का खतरा 20-30% तक कम हो सकता है।
बादाम से ज्यादा कैसे ताकतवर है अखरोट, टेबल में देखिए
| ड्राई फ्रूट | खासियत | दिल के लिए फायदा |
| अखरोट | सबसे ज्यादा Omega-3 (ALA) | नसों की सफाई (Artery Scrubbing) |
| बादाम | विटामिन-E और फाइबर | ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव |
| पिस्ता | कम कैलोरी, पोटैशियम | ब्लड प्रेशर कंट्रोल |
अखरोट का सेवन भिगोकर क्यों करें?
आयुर्वेद में अक्सर लोगों को सलाह दी जाती है कि अखरोट का सेवन पानी में भिगोकर करें। अखरोट के छिलके में टैनिन और फाइटिक एसिड होता है जो पोषक तत्वों को सोखने से रोकता है। जब अखरोट को भिगोया जाता है तो ये निकल जाते हैं। भीगे हुए अखरोट पेट पर भारी नहीं पड़ते और गर्मी पैदा नहीं करते इसलिए एक्सपर्ट अक्सर अखरोट का सेवन पानी में भिगोकर करने की सलाह देते हैं।
निष्कर्ष:
सतर्कता ही दिल की सुरक्षा है। बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है, जिसके लक्षण अक्सर तब सामने आते हैं जब समस्या गंभीर हो चुकी होती है। हार्वर्ड और BMC जैसे संस्थानों की रिसर्च स्पष्ट करती है कि अखरोट केवल एक ड्राई फ्रूट नहीं, बल्कि दिल के लिए एक सुपरफूड है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 (ALA) और फाइटोस्टेरॉल नसों की प्राकृतिक रूप से सफाई करते हैं और गंदे कोलेस्ट्रॉल (LDL) को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके साथ ही एक संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम और तली-भुनी चीजों से परहेज करना भी उतना ही अनिवार्य है।
डिस्कलेमर:
इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
