आज के डिजिटल दौर में घंटों स्क्रीन के सामने बिताना हमारी आंखों की रोशनी और सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। अक्सर लोग आंखों की थकान, धुंधलापन या कम होती रोशनी से परेशान होकर जल्दबाजी में धड़ल्ले से घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि आंखों को अगर हेल्दी रखना है तो एक दो दिन की मेहनत नहीं बल्कि रोज आंखों का ध्यान रखना होगा। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए ‘इंस्टेंट इलाज’ के बजाय जीवनशैली में सही बदलाव और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट का सेवन बेहद उपयोगी है।

एस्टर आरवी हॉस्पिटल में नेत्र रोग विशेषज्ञ (कंसल्टेंट) डॉ. जयश्री के भट ने बताया कि मायोपिया यानी नजदीक की नजर कमजोर होना या हाइपरोपिया जैसी रिफ्रैक्टिव समस्याओं के लिए आमतौर पर चश्मा या मेडिकल इलाज जरूरी होता है। हालांकि कुछ नेचुरल उपाय आंखों को स्वस्थ रखने, आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने और उम्र के साथ होने वाली समस्याओं को धीमा करने में मदद कर सकते हैं। डॉ. भट के अनुसार हेल्दी लाइफस्टाइल, संतुलित आहार और नियमित आंखों की जांच आंखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर तरीका है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि आंखों की रोशनी नेचुरल तरीके से बढ़ाने के लिए कौन-कौन से तरीके असरदार साबित होते हैं।

आंखों की रोशनी को नेचुरल तरीके से बढ़ाने के उपाय

20-20-20 नियम को अपनाएं

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और आंखें सूखने लगती हैं। हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी चीज को कम से कम 20 सेकंड तक देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है।

ज्यादा बार पलकें झपकाएं

पलक झपकाने से आंखों में नमी बनी रहती है और सूखापन कम होता है। स्क्रीन इस्तेमाल करते समय लोग सामान्य से लगभग 60% कम पलकें झपकाते हैं, इसलिए बीच-बीच में पलकें झपकाने की आदत डालें।

पूरी नींद लें

आंखों को ठीक से काम करने के लिए आराम की जरूरत होती है। रोजाना 7–9 घंटे की अच्छी नींद लें। नींद की कमी से आंखों में सूखापन, फड़कना और धुंधला दिखना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

शरीर को हाइड्रेट रखें

पानी की कमी से आंखें सूख सकती हैं और नजर धुंधली हो सकती है। इसलिए रोजाना 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। कैफीन और शराब का सेवन सीमित रखें।

यूवी किरणों से आंखों का बचाव करें

बाहर जाते समय यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें। इससे मोतियाबिंद और रेटिना से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है।

सही रोशनी और सही पोस्चर में काम करें

कम रोशनी में पढ़ने या गलत पोस्चर में काम करने से आंखों पर दबाव बढ़ता है। हमेशा पर्याप्त रोशनी में काम करें और स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें।

नियमित एक्सरसाइज करें

आंखों के व्यायाम से नजर स्थायी रूप से ठीक नहीं होती, लेकिन इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और स्क्रीन से होने वाला तनाव कम होता है।

आंखों के लिए फायदेमंद एक्सरसाइज

ब्लिंकिंग एक्सरसाइज करें

तेजी से 10–15 बार पलकें झपकाएं, फिर कुछ सेकंड के लिए आंखें बंद करके आराम दें।

आई रोलिंग

सीधे बैठकर ऊपर देखें और धीरे-धीरे आंखों को गोल घुमाएं। पहले घड़ी की दिशा में और फिर उल्टी दिशा में।

फोकस शिफ्टिंग

अपने अंगूठे को चेहरे से करीब 10 इंच दूर रखें। कुछ सेकंड उस पर फोकस करें, फिर दूर की किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करें। इसे 10–15 बार दोहराएं।

नियर और फार फोकस

पहले पास की किसी वस्तु पर ध्यान दें, फिर कम से कम 20 फीट दूर की वस्तु पर फोकस करें। इससे आंखों की फोकस करने की क्षमता बेहतर होती है।

आंखों की रोशनी के लिए क्या खाएं?

डॉ. भट के अनुसार पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार आंखों की हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। डाइट में  हरी पत्तेदार सब्जियां  जैसे पालक, केल का सेवन करें। इनमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन होते हैं जो रेटिना की हिफाजत करते हैं। गाजर, शकरकंद, कद्दू खाएं। इनमें बीटा-कैरोटीन होता है जो नाइट विज़न के लिए फायदेमंद है। फैटी फिश जैसे सैल्मन, सार्डिन का सेवन करें। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करता है। सिट्रस फल और बेरी का सेवन करें। इनमें विटामिन C होता है जो मोतियाबिंद के खतरे को कम कर सकता है। नट्स और बीज खाएं, इनमें विटामिन E और जिंक होता है जो आंखों की कोशिकाओं की हिफाजत करता हैं।

निष्कर्ष:

प्राकृतिक तरीके आंखों को स्वस्थ रखने में मदद जरूर करते हैं, लेकिन अगर नजर से जुड़ी समस्या है तो डॉक्टर की सलाह और उचित इलाज लेना जरूरी है। हेल्दी लाइफस्टाइल, हेल्दी डाइट और नियमित आंखों की जांच ही आंखों की नेचुरल तरीके से रोशनी बढ़ाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी सप्लीमेंट या दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।