डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। रोजाना शुगर की जांच करने से यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर किस तरह रिएक्ट कर रहा है। सुबह खाली पेट से लेकर खाने के बाद तक ब्लड में शुगर का स्तर बदलता रहता है। सुबह खाली पेट ब्लड में शुगर का स्तर 80 से 100 के बीच में होना सही माना जाता है। जबकि खाने के 2 घंटे बाद 140-150 mg/dl तक शुगर लेवल सामान्य माना जाता है, लेकिन जब यह 350 mg/dl से ऊपर चला जाए, तो यह गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है। 350 mg/dl से ऊपर जाना एक मेडिकल इमर्जेंसी है। आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और दवाओं से इसे कंट्रोल करें।
डायबिटीज कोच और फिटनेस एक्सपर्ट डॉक्टर अनुपम घोष के मुताबिक अगर 350 mg/dl ब्लड शुगर है तो आप डाइट में तुरंत बदलाव करें। कुछ सुपर फूड्स का सेवन आसानी से ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए नट्स का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। कुछ फूड्स का सेवन बॉडी में ब्लड शुगर के स्तर को नॉर्मल लाने में मदद करता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि 350 mg/dl तक ब्लड शुगर कैसे बॉडी को नुकसान पहुंचा सकता है और इसे कैसे कंट्रोल किया जाए।
350 mg/dl तक ब्लड शुगर कैसे बॉडी को पहुंचाता है नुकसान
ज्यादा शुगर होने पर बार-बार पेशाब आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और कमजोरी महसूस होती है। लंबे समय तक हाई शुगर रहने से किडनी पर दबाव बढ़ता है और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड शुगर बढ़ने से आंखों की नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे धुंधला दिखना या विजन लॉस का खतरा होता है। बहुत ज्यादा शुगर नर्व्स को प्रभावित कर सकती है, जिससे हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या दर्द हो सकता है। शुगर हाई होने पर शरीर में एसिड बढ़ सकता है, जो एक गंभीर और जानलेवा स्थिति बन सकती है।
कब हो जाए सावधान?
अगर बहुत ज्यादा प्यास लगें, बार-बार पेशाब आएं, धुंधला दिखाई दे,उल्टी या सांस लेने में दिक्कत हो तो आप तुरंत सावधान हो जाएं और अच्छे अस्पताल में दिखाएं।
शुगर कंट्रोल करने के लिए कैसी हो डाइट
पालक का करें सेवन
डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए पालक एक बेहतरीन सुपरफूड माना जाता है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है। पालक का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह शुगर लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर करते हैं। साथ ही, इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण सूजन को कम करते हैं और दिल की बीमारियों के खतरे को घटाते हैं। विटामिन C से भरपूर पालक इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है, जिससे शरीर कई बीमारियों से बचा रहता है।
दालचीनी का करें सेवन
दालचीनी डायबिटीज मरीजों के लिए एक असरदार प्राकृतिक उपाय मानी जाती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। दालचीनी में मौजूद Cinnamaldehyde कंपाउंड इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है और शरीर में ग्लूकोज के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करता है। यह खाने के बाद ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ने से रोकती है, क्योंकि यह ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करती है। नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल में रहता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है।
रोजाना एक सेब खाएं
डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए रोजाना एक सेब खाना फायदेमंद हो सकता है। सेब में फाइबर, खासकर पेक्टिन, भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को धीमा करता है और ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता। सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं। साथ ही, यह मीठा खाने की क्रेविंग को भी कम करता है, जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है और वजन कंट्रोल में रहता है।
करेले का करें सेवन
करेला डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी मानी जाती है। इसमें एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। करेले में मौजूद कंपाउंड्स इंसुलिन की तरह काम करते हैं और शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कम करते हैं। इसका नियमित सेवन इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है और शुगर लेवल को संतुलित रखता है। आप करेले की सब्जी, भुजिया या जूस के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। साथ ही, यह पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है, जिससे ओवरऑल हेल्थ में सुधार होता है।
हल्दी का करें सेवन
हल्दी एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है, जो डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार मानी जाती है। इसमें मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है। हल्दी शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को बेहतर बनाती है और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करती है। इसका नियमित सेवन सूजन को कम करता है और दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को भी घटाता है। आप इसे दूध, सब्जी या पानी में मिलाकर ले सकते हैं, जिससे शरीर को इसके पूरे फायदे मिलते हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए खाद्य पदार्थ और उपाय डायबिटीज के इलाज का विकल्प नहीं हैं। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए अपनी डाइट या लाइफस्टाइल में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। यदि आपका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित रहता है या आप पहले से दवाएं ले रहे हैं, तो बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से बचें।
