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सेहतः ताकि हड्डियां कमजोर न हों

एक उम्र के बाद मनुष्य की हड्डिंयां कमजोर होने लगती हैं। खासकर महिलाओं में हड््िडयों से संबंधित विकार अधिक पैदा होने लगते हैं। अनेक अध्ययनों में पाया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को हड्डी संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं।

Author May 6, 2018 1:54 AM

एक उम्र के बाद मनुष्य की हड्डिंयां कमजोर होने लगती हैं। खासकर महिलाओं में हड्डियों से संबंधित विकार अधिक पैदा होने लगते हैं। अनेक अध्ययनों में पाया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को हड्डी संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं। हड्डियों में कमजोरी की समस्या महिलाओं को अधिक इसलिए भी होती है, क्योंकि प्रजनन और माहवारी के दौरान उनके शरीर से बहुत सारा खून निकल जाता है, जिसके चलते भविष्य में उन्हें लगातार हड्डियों  की समस्या से गुजरना पड़ता है। हड्डियों  में कमजोरी को आॅस्टियोपोरोसिस कहते हैं। यह एक गंभीर रोग है, जो महिलाओं को बढ़ती उम्र के साथ प्रभावित करता है। इसके कारण हड्डियों  का घनत्व कम हो जाता है। आॅस्टियोपोरोसिस में हड्डियां इस कदर कमजोर हो जाती हैं कि जरा-सी चोट लगने से भी वे टूट जाती हैं। एक अध्ययन के अनुसार भारत में महिलाओं को आॅस्टियोपोरोसिस की समस्या अधिक होती है। यह जानना जरूरी है कि आखिर हड्डिंयां कमजोर क्यों होती हैं।

कारण

शरीर में हड्डिंयां  मुख्य रूप से कैल्शियम की बनी हैं। जब शरीर में खानपान के जरिए कैल्शियम की उचित मात्रा नहीं पहुंच पाती तो वह हड्डियों  से इसकी कमी को पूरा करना शुरू कर देता है। इस तरह हड्डिंयां  खोखली होने लगती हैं। इसकी दूसरी वजहें भी हैं।
आनुवंशिकता
आॅस्टियोपोरोसिस एक आनुवंशिक रोग है। अगर माता-पिता को यह रोग है, तो बच्चों में भी इसकी संभावना बढ़ जाती है।
दवाओं का प्रभाव
उम्र बढ़ने के साथ बीमारियां भी अधिक बढ़ने लगती हैं, जिस वजह से बहुत-सी दवाओं का सेवन करना पड़ता है। हड्डियों  में कमजोरी की समस्या या दर्द ज्यादा दवाएं खाने से भी होता है।
रजोनिवृत्ति
महिलाओं की रजोनिवृत्ति के बाद शरीर में हार्मोन संबंधी बदलाव होते हैं, जिससे हड्डिंयों में कैल्शियम की कमी हो जाती है। एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी होने से हड्डियों  का घनत्व कम होने लगता है। इस वजह से बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में हड्डिंयों की समस्या अधिक होती है।
अव्यवस्थित जीवन-शैली
आजकल खासकर शहरों में लोगों की जीवन-शैली अधिक व्यस्त होने की वजह से अस्त-व्यस्त हो गई है। इस वजह से अनेक लोग अपने खानपान पर उचित ध्यान नहीं दे पाते। इस वजह से शरीर को उचित पोषण नहीं मिल पाता। हड्डिंयों  की समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है। इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते। ये लक्षण चालीस की उम्र के बाद ही दिखते हैं। इसलिए जरूरी है कि हड्डिंयों  का खयाल रखने के लिए बचपन से ही संतुलित जीवन-शैली अपनाएं।

सावधानी

हड्डिंयों में दर्द होना या कमजोरी के कारण हड्डिंयों  का टूट जाना, यह सब महिलाओं को जल्दी और ज्यादा भुगतना पड़ता है। तीस की उम्र के बाद हड्डियों  में परेशानी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं। तो अगर आप कमर, कंधा, कूल्हा आदि के दर्द से परेशान हैं, तो घबराइए मत, क्योंकि हर मर्ज की दवा होती है। हड्डियों  की कमजोरी दूर करने के भी कई उपाय हैं, जिन्हें अपना कर आप स्वस्थ जीवन जी सकती हैं।
नियमित करें सैर
अगर आपको लगातार हड्डिंयों  में दर्द रहता है, तो व्यायाम के साथ-साथ कम से कम नियमित दो किलोमीटर सैर करें।
खानपान
बढ़ती उम्र के साथ आॅस्टियोपोरोसिस के बढ़ते खतरे को कम करने में जैतून के तेल वाला खाना उपयोगी होता है। इसके अलावा प्रोटीन युक्त खाना जैसे दालें, अंडा, राजमा, सोयाबीन और मछली खा सकती हैं। खट्टे फल जैसे संतरा, आंवला आदि का सेवन लाभकारी होता है। अगर हड्डियों में परेशानी अधिक बढ़ गई है तो विटामिन डी और कैल्शियम की गोलियां नियमित लेनी शुरू कर देनी चाहिए।
सोडा से बचें
अगर आप हड्डिंयों  की समस्या से पीड़ित हैं, तो कार्बोनेटेड पेय पदार्थों जैसे कोक, कोला, पेप्सी वगैरह से बचें। अधिक सोडे वाले पेय पदार्थ पीने से हड्डियां प्रभावित हो सकती हैं। सोडा पीने से महिलाओं की हड्डिंयां टूटने की चौदह प्रतिशत संभावना बढ़ जाती है। शोध के अनुसार यह सोडा, कैफीन, फॉस्फोरस और शुगर के कारण होता है, जो कैल्शियम के स्तर को कम कर देता है।
विटामिन डी
हम जानते हैं कि विटामिन डी हड्डिंयां के लिए बहुत जरूरी है। यह शरीर में कैल्शियम को घुलने और आॅक्सीजन का प्रवाह सुसंगत बनाए रखता है। यह एक मुफ्त की दवा भी है, क्योंकि यह हमें सूर्य की रोशनी से मिलता है। तो हड्डियों के दर्द को खत्म करने का सबसे सस्ता तरीका है, दिन में एक बार सूरज की धूप जरूर लें। अगर आप धूप से विडामिन-डी नहीं ले पा रहे हैं तो इसके पूरक रूप में गोलियां भी खा सकते हैं।
नृत्य व्यायाम
हर महिला को नाचना पसंद होता है। तो हड्डिंयों  की समस्या को दूर करने के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है नृत्य। इससे आप खुश भी रहेंगी और हड्डियों  के दर्द से भी निजात मिलेगी।

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