बिगड़ती जीवनशैली और असंतुलित खानपान हृदय रोगों के खतरे को तेजी से बढ़ा रहे हैं। तला-भुना भोजन, अधिक नमक, ट्रांस फैट और जंक फूड का नियमित सेवन धमनियों में वसा जमा होने की प्रक्रिया को तेज करता है। शारीरिक गतिविधि की कमी, घंटों बैठकर काम करना, बढ़ता मोटापा, धूम्रपान और लगातार तनाव भी दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। हृदय रोगों के पीछे एक बड़ा कारण शरीर में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड स्तर है। जब खराब LDL कोलेस्ट्रॉल धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है, तो ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, ट्राइग्लिसराइड का उच्च स्तर रक्त को गाढ़ा बनाकर हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। समय के साथ यह स्थिति हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
जब दिल से जुड़ी बीमारी विकसित होती है, तो शरीर कुछ संकेत देने लगता है। सबसे सामान्य लक्षण सीने में दर्द या असहजता है, जो अक्सर बीच में या बाईं ओर महसूस होता है। यह दर्द दबाव, जकड़न, भारीपन या जलन जैसा लग सकता है। कई बार ये दर्द कुछ मिनटों में ठीक हो जाता है, लेकिन कभी-कभी लंबे समय तक बना रह सकता है। एमडी, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दिमित्री यारानोव ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट को शेयर करके दिल के रोगों से जुड़े कुछ लक्षण बताएं हैं जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। डॉ. यारानोव ने हार्ट डिजीज के 5 सबसे अजीब और आमतौर पर नजरअंदाज किए जाने वाले चेतावनी संकेत साझा किए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आपका दिल किसी परेशानी में हो सकता है। आइए जानते हैं कि हार्ट अटैक के कौन-कौन से लक्षण है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
हार्ट अटैक के आमतौर पर दिखने वाले लक्षण
- छाती में दर्द होना
- सांस लेने में कठिनाई होना या सांस फूलना
- बेचैनी या घबराहट का अनुभव
- पसीना आना
- मतली या उल्टी महसूस होना
- चक्कर आना या बेहोशी जैसा लगना शामिल है।
जबड़े या दांतों में दर्द होना
कभी-कभी हार्ट अटैक का दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जबड़े, गर्दन, कंधे या दांतों तक फैल सकता है। कई लोग इसे दांतों की सामान्य समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। अगर जबड़े का दर्द अचानक शुरू हो, दबाव या जकड़न जैसा लगे और साथ में पसीना, घबराहट या सांस फूलना भी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अत्यधिक थकान होना
बिना ज्यादा शारीरिक मेहनत के असामान्य थकान महसूस होना दिल की कमजोरी का संकेत हो सकता है। यदि रोजमर्रा के छोटे काम, जैसे सीढ़ियां चढ़ना या चाय बनाना भी मुश्किल लगने लगे, तो यह सामान्य थकावट नहीं हो सकती। खासकर महिलाओं में हार्ट डिजीज का यह शुरुआती लक्षण माना जाता है। लगातार कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने के साथ थकान हो तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
मसूड़ों में सूजन और दर्द
रिसर्च बताती है कि मसूड़ों की बीमारी, खासकर पीरियोडोंटाइटिस, का सीधा संबंध हृदय स्वास्थ्य से हो सकता है। मसूड़ों में सूजन, खून आना या दर्द केवल दंत समस्या नहीं है। बैक्टीरिया खून के जरिए दिल तक पहुंचकर सूजन बढ़ा सकते हैं और धमनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए बार-बार मसूड़ों में संक्रमण या सूजन दिखे तो डेंटल चेकअप के साथ हार्ट हेल्थ की जांच भी करानी चाहिए।
पैरों और टखनों में सूजन
जब दिल प्रभावी ढंग से खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के निचले हिस्सों जैसे पैर, टखने और पंजे में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसे एडिमा कहा जाता है। यदि सूजन लगातार बनी रहे, जूते तंग लगने लगें या दबाने पर गड्ढा पड़ जाए, तो यह हार्ट फेल्योर का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में देरी किए बिना डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
खर्राटे और स्लीप एपनिया
सोते समय तेज खर्राटे लेना या सांस का बार-बार रुकना स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। यह स्थिति शरीर में ऑक्सीजन की कमी पैदा करती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है। लंबे समय तक अनुपचारित रहने पर यह हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित धड़कन और हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है। यदि नींद के दौरान सांस रुकने, घुटन या दिन में अत्यधिक नींद आने की समस्या हो, तो जांच जरूरी है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी चिकित्सा विशेषज्ञों या शोध रिपोर्टों पर आधारित हो सकती है, लेकिन यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। हृदय रोग एक गंभीर स्थिति है; यदि आप लेख में बताए गए किसी भी लक्षण जैसे जबड़े में दर्द, अत्यधिक थकान या सूजन को महसूस करते हैं, तो बिना देरी किए तुरंत किसी योग्य कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) से परामर्श लें। अपनी मर्जी से कोई भी दवा या घरेलू उपचार शुरू न करें। जंसत्ता इस जानकारी की सटीकता या इसके आधार पर किए गए किसी भी निर्णय की जिम्मेदारी नहीं लेता है।
