खाने में अगर नमक न हो तो खाना स्वादिष्ट नहीं लगता। नमक खाने का स्वाद बढ़ाता है लेकिन इसका सीमित सेवन ही सेहत के लिए काफी है। अक्सर लोग दिन भर का खाना कुछ भी खा लेते हैं लेकिन रात का खाना बड़े चाव से तैयार करते हैं। रात के खाने में नमक से भरपूर अचार, पापड़, चाट और खाने में नमक का इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं खाने के अलावा शाम में भूख लगे तो तुरंत पैक्ड फूड जैसे चिप्स,नमकीन बिस्कुट और स्नैक्स का इस्तेमाल करते हैं। शाम 7 बजे के बाद डाइट में नमक का सेवन सेहत के लिए दुश्वारियां पैदा कर सकता है।
भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) के मुताबिक रात में अधिक नमक सेहत की सादगी छीन लेता है। एक्सपर्ट ने बताया अगर 21 दिनों तक सिर्फ ये संकल्प लिया जाए कि रात में 7 बजे के बाद नमक का सेवन बंद कर दिया तो आपकी बॉडी को शेप मिलेगा,साथ ही आपके चेहरे पर एक नया नूर भी दिखेगा।
रात के समय नमक खाने से शरीर में ज़रूरत से ज़्यादा सोडियम पहुंच जाता है और बॉडी उसे संभालने के लिए अतिरिक्त पानी खींचती है। इससे शरीर में फ्लूइड बैलेंस बिगड़ता है और किडनी पर दबाव पड़ता है। बहुत से लोगों को यह एहसास नहीं होता, लेकिन रिसर्च बताती है कि नमक कम करने से कुछ ही हफ्तों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 4 से 5 mmHg तक कम हो सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि रात में नमक का सेवन क्यों नुकसानदायक होता है? अगर 21 दिनों तक नमक का सेवन नहीं किया जाए तो सेहत पर कैसा होता है असर।
रात में नमक क्यों नुकसानदायक है?
सूरज ढलने के बाद शरीर अपने नेचुरल कूलिंग और रिपेयर मोड में चला जाता है। हार्ट रेट धीमी हो जाती है, पाचन हल्का हो जाता है और किडनी को भी आराम की स्थिति में काम करना चाहिए। लेकिन जब सोने से ठीक पहले नमक लिया जाता है, तो शरीर आराम की बजाय करेक्शन मोड में चला जाता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को रात में बार-बार प्यास लगती है, किसी का दिल तेज धड़कने लगता है और कई लोग सुबह आंखों व चेहरे पर सूजन के साथ उठते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि देर शाम लिया गया सोडियम शरीर के उस नेचुरल प्रोसेस को बिगाड़ सकता है, जिसमें रात के समय ब्लड प्रेशर अपने आप थोड़ा कम हो जाता है। इसे नॉक्टर्नल डिपिंग कहा जाता है। जब ये गिरावट नहीं होती, तो दिल को वो आराम नहीं मिल पाता जिसकी उसे जरूरत होती है। यही आदत धीरे-धीरे लंबे समय में शरीर पर दबाव बढ़ाती है।
शाम को नमक छोड़ने के बाद सेहत में कौन-कौन से होते हैं बदलाव?
- शाम 7 बजे के बाद सब्ज़ी या दाल में अतिरिक्त नमक डालने से बचें। रात का खाना हल्का और सादा रखें, जैसे खिचड़ी, सब्ज़ी सूप या रोटी-सब्ज़ी। स्वाद के लिए नमक की जगह जीरा, हींग, काली मिर्च, धनिया या करी पत्ता इस्तेमाल करें। शाम 7 बजे के बाद नमक कम कर देंगे तो आपको गहरी नींद आएगी। नमक का कम सेवन करने से रात में प्यास कम लगती है, बार-बार बाथरूम जाने की जरूरत नहीं पड़ती और दिल की धड़कन शांत रहती है। रात में पापड़, अचार, पकौड़े, चिप्स और चटनी जैसी चीज़ों को खाने से बचें। कोशिश करें कि डिनर 7 से 8 बजे के बीच पूरा हो जाए। सिर्फ 7 दिन भी ऐसा करके देखें, फर्क खुद महसूस होगा।
- नमक कम खाएंगे तो सुबह उठने पर शरीर हल्का महसूस होगा, पेट फूलना और चेहरे की सूजन कम होगी। कम नमक वाला डिनर आसानी से पच जाता है और ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है। जिन लोगों का बीपी बॉर्डरलाइन होता है, वे सुबह खुद को ज्यादा शांत महसूस करते हैं।
- डायटरी स्टडीज बताती हैं कि अगर शाम के समय सोडियम को सिर्फ 30 प्रतिशत भी कम कर दिया जाए, तो कुछ ही दिनों में वॉटर बैलेंस और सुबह की एनर्जी में सुधार दिखने लगता है।
- शाम 7 बजे के बाद नमक कम करने की आदत को 21 दिन तक लगातार अपनाएं तो बिना कुछ किए आपकी नींद, पाचन, सुबह की ताजगी और ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने जैसे बदलाव आप महसूस करेंगे।
किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है
- जिन लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से कम रहता है, वे नमक अचानक बंद न करें, बल्कि धीरे-धीरे कम करें। बुजुर्गों को दिन में पर्याप्त पानी पीना चाहिए, नहीं तो रात में नमक कम करने से कमजोरी महसूस हो सकती है।
- नमक पूरी तरह बंद न करें। दिन के समय का भोजन संतुलित होना चाहिए। नमक कम करने के चक्कर में मीठी चीज़ें ज़्यादा लेना भी गलत आदत बन सकती है।
- शाम 6 से 7 बजे के बीच गुनगुना पानी पिएं, ताकि शरीर की पानी की जरूरत पूरी हो सके। आखिरी भोजन शांति से बैठकर करें, मोबाइल या टीवी देखते हुए नहीं। डिनर के बाद 10 मिनट की हल्की वॉक पाचन में मदद करती है।
- खाने के बाद 3 मिनट वज्रासन करें और सोने से पहले 5 गहरी, धीमी सांसें लें। दिन के आखिरी एक घंटे में रोशनी हल्की रखें, ताकि शरीर खुद-ब-खुद शांत और ठंडा हो सके।
निष्कर्ष
हम सोने से पहले क्या खाते हैं और क्या सोचते हैं, वही हमारी नींद की गुणवत्ता तय करता है। रात 7 बजे के बाद नमक कम करना शरीर की नेचुरल रिदम का सम्मान करने जैसा है। इससे किडनी को आराम मिलता है और दिल शांत रहता है। ऐसी छोटी-छोटी आदतें हमें धीरे-धीरे ज्यादा प्राकृतिक और संतुलित जीवन की ओर ले जाती हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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