जिंदगी की भागदौड़ में सिर्फ हमारी बॉडी ही नहीं भाग रही बल्कि हमारा दिमाग भी भाग रहा है। बढ़ती मसरूफियत में शरीर की थकान तो हम लेट-बैठ कर उतार लेते हैं लेकिन दिमागी थकान जस की तस बनी रहती है। ये दिमागी थकान का ही नतीजा है कि कभी हमें लोगों के नाम याद नहीं रहते, कभी चीजें रखकर भूल जाते हैं, कभी फोकस नहीं कर पाते और दिमाग थका-थका महसूस होता है। इस थकान की वजह से ही हमारा मन उदास रहता है और सब कुछ धुंधला-धुंधला दिखाई देता है।
याददाश्त कमजोर होने के लिए अक्सर लोग बढ़ती उम्र को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन आप जानते हैं कि कम उम्र में भी लोगों की याददाश्त प्रभावित होती है। भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र ने बताया आप किसी भी उम्र में दिमाग को तेज, याददाश्त को मजबूत कर सकते हैं। कुछ योगासन, डाइट और कुछ खास फूड्स का सेवन करने से न सिर्फ ब्रेन से जुड़ी सभी परेशानियां दूर होती है बल्कि याददाश्त भी मजबूत होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ऐसे कौन से 10 टिप्स हैं जो दिमागी सेहत में सुधार कर सकते हैं।
दिमाग को तेज करने वाले फूड खाइए
हम जो खाते हैं, उसका सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है। ब्रेन को सही तरीके से काम करने के लिए पोषण की जरूरत होती है। ब्रेन की हेल्थ में सुधार करने के लिए आप डाइट में अखरोट, ब्रोकली, ब्लूबेरी, फ्लैक्स सीड्स, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और डार्क चॉकलेट का सेवन करें। ये फूड्स दिमाग को प्रोटेक्ट करते हैं और मेमोरी को मजबूत बनाते हैं।
गर्मी ही नहीं सर्दी में भी पानी पिएं
हमारे दिमाग का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। शरीर में हल्की-सी भी पानी की कमी कन्फ्यूजन, थकान और मेमोरी प्रॉब्लम की वजह बन सकती है। इसलिए दिनभर में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। अक्सर लोग सर्दी में कम पानी पीते हैं जिसका असर बॉडी से लेकर ब्रेन तक पर पड़ता है। University of Westminster और University of East London के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन बच्चों और वयस्कों ने टेस्ट से पहले पर्याप्त पानी पिया, उनका रिएक्शन टाइम और एकाग्रता उन लोगों से बेहतर थी जिन्होंने पानी नहीं पिया था। पर्याप्त पानी पीने से दिमाग की सूचनाओं को प्रोसेस करने की गति बढ़ जाती है।
अच्छी और पूरी नींद लें
नींद दिमाग के लिए रिचार्ज बटन की तरह काम करती है। रोज 7 से 9 घंटे की गहरी नींद लेने से मेमोरी, कंसंट्रेशन और मूड तीनों बेहतर होते हैं। सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। University of Rochester Medical Center के शोध में पाया गया कि सोते समय दिमाग में ग्लिम्फैटिक सिस्टम सक्रिय हो जाता है। यह सिस्टम दिमाग से जहरीले प्रोटीन जैसे Beta-amyloid को बाहर निकालता है, जो अल्जाइमर और याददाश्त की कमी का कारण बनते हैं। नींद की कमी का मतलब है दिमाग में कचरा जमा होना।
रोज़ थोड़ी एक्सरसाइज जरूर करें
ब्रेन और बॉडी को एक्टिव रखने के लिए 30 मिनट की कोई भी एक्टिविटी बेहद जरूरी है। रोज चलना, योगासन, हल्का डांस या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी अगर रोज़ की जाए तो दिमाग तक खून का फ्लो बेहतर होता है। इससे सोचने की क्षमता बढ़ती है और मेंटल क्लैरिटी आती है।
माइंडफुलनेस और मेडिटेशन अपनाएं
रोज़ सिर्फ 10 मिनट सांस पर ध्यान लगाना भी दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मेडिटेशन से स्ट्रेस कम होता है, फोकस बढ़ता है और मन शांत रहता है।
रोज़ कुछ नया सीखने की आदत डालें
आप रोज कुछ नया सीखने की आदत डालें। नई किताब पढ़ना, कोई नई भाषा सीखना या म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाना दिमाग में नए न्यूरल कनेक्शन बनाता है। इससे मेमोरी और लर्निंग पावर दोनों में सुधार होता है।
शुगर और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कंट्रोल करें
ज्यादा चीनी और पैकेज्ड फूड दिमाग को सुस्त बना सकते हैं। इसकी जगह ड्राई फ्रूट्स, ताजे फल, शहद और होल ग्रेन्स को डाइट में शामिल करना बेहतर होता है।
काम के बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें
लगातार एक ही तरह का काम करने से दिमाग थक जाता है। 50 मिनट काम करने के बाद 10–15 मिनट का ब्रेक लेने से फोकस लंबे समय तक बना रहता है और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है।
लोगों से जुड़े रहना भी जरूरी है
दोस्तों, परिवार और कलीग्स से बातचीत दिमाग को एक्टिव रखती है। रिसर्च बताती है कि सोशल कनेक्शन मजबूत होने से कॉग्निटिव डिक्लाइन यानी दिमागी कमजोरी का खतरा कम होता है।
दिमाग को चैलेंज देते रहें
पज़ल्स, सुडोकू, शतरंज और ब्रेन गेम्स खेलने से मेमोरी और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल बेहतर होती है। दिमाग को जितना चैलेंज मिलेगा, वह उतना ही शार्प बना रहेगा।
निष्कर्ष
दिमाग हमारी सबसे बड़ी ताकत है। अगर हम इसे सही पोषण, पूरा आराम और नियमित चैलेंज दें, तो यह पूरी जिंदगी साफ सोच, मजबूत याददाश्त और बेहतर फैसले लेने की क्षमता देता है। ये 10ों टिप्स बेहद आसान हैं और रोज़मर्रा की दिनचर्या में थोड़ी-सी जगह देकर आप अपनी ब्रेन पावर को शानदार बूस्ट दे सकते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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