किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाला अदरक न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे महाऔषधि का दर्जा भी दिया गया है। हालिया वैज्ञानिक शोधों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अदरक में मौजूद सक्रिय यौगिक शरीर की पुरानी से पुरानी सूजन और दर्द को कम करने में असरदार हैं। चाहे जोड़ों का दर्द हो या फिर मांसपेशियों की अकड़न, अदरक एक प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम कर सकता है। सूजन शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली है, जो चोट या संक्रमण के खिलाफ काम करती है। लेकिन जब यह लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह क्रॉनिक बीमारियों का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि रिसर्च के अनुसार अदरक सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है और इसके इस्तेमाल का सही तरीका क्या है।
अदरक कैसे सूजन करती है कंट्रोल, रिसर्च से जानें
नई रिसर्च बताती है कि अदरक (Ginger) में मौजूद खास तत्व शरीर की सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से अदरक का सेवन या सप्लीमेंट लेने से सूजन से जुड़ी बीमारियों में दर्द से राहत मिल सकती है। अदरक में जिंजरोल (Gingerol) नामक सक्रिय यौगिक होता है जो शरीर में सूजन पैदा करने वाले एंजाइम को रोकने में मदद करता है। Journal of Medicinal Food की रिसर्च के मुताबिक ये गठिया और जोड़ों के दर्द का इलाज करती है।
अदरक का अर्क पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द को कम करने में इबुप्रोफेन दवा की तरह ही प्रभावी होता है। इसका सेवन करने से मांसपेशियों का खिंचाव दूर होता है। वर्कआउट के बाद होने वाले मांसपेशियों के दर्द (Soreness) को कम करने में अदरक का सेवन असरदार साबित होता है। रिसर्च के मुताबिक अदरक का पाउडर माइग्रेन के हमलों की गंभीरता को कम कर सकता है और पीरियड में होने वाले दर्द से राहत दिलाता है।
अदरक के फायदे मुख्य रूप से इसके सक्रिय तत्व जिंजरॉल (Gingerol) और शॉगॉल (Shogaol) से मिलते हैं। जिंजरॉल ताजे अदरक में अधिक पाया जाता है जबकि शॉगॉल सूखे अदरक में ज्यादा होता है। रिसर्च के अनुसार ये तत्व शरीर में सूजन बढ़ाने वाले रसायनों के उत्पादन को कम करते हैं और सूजन की प्रक्रिया को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
किन बीमारियों में अदरक का सेवन करता है असर?
- अदरक का सेवन रूमेटाइड अर्थराइटिस में भी असरदार साबित होता है। ये सूजन पैदा करने वाले एंजाइम को ब्लॉक कर दर्द में राहत देता है।
- ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए भी अदरक असरदार साबित होती है। ये घुटनों के दर्द को कम करने और मूवमेंट बेहतर करने में मददगार। कुछ मामलों में ये दवाओं की तरह ही असरदार साबित होता है।
- एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों में होने वाले दर्द और सूजन को कंट्रोल करने में अदरक असरदार साबित होती है।
गंभीर पीरियड पेन में नेचुरल पेन किलर है अदरक।
पाचन तंत्र की सूजन कम करने और आंतों की कार्यप्रणाली सुधारने में अदरक का सेवन असरदार साबित होता है।
पाचन से जुड़ी परेशानियों में, प्रेग्नेंसी में अदरक का सेवन बेहद असरदार साबित होता है।
क्या हैं साइड इफेक्ट्स?
संतुलित मात्रा में अदरक का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। प्रेग्नेंसी में भी सीमित मात्रा में इसका सेवन सही बताया गया है। अदरक का सेवन ज्यादा मात्रा में करने से पेट में जलन, दस्त, एसिडिटी या मुंह-गले में जलन हो सकते है।
कितनी मात्रा सही है?
2025 की एक समीक्षा के अनुसार, सूजन कम करने के लिए रोजाना 1 से 3 ग्राम अदरक लेना फायदेमंद हो सकता है। आधा चम्मच पिसा हुआ अदरक का सेवन आप पानी के साथ करें या फिर उसका काढ़ा बनाकर कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आप किसी गंभीर बीमारी के लिए दवा ले रहे हैं या आपकी सर्जरी होने वाली है, तो अदरक का औषधीय उपयोग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
