किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करके विषैले तत्व, यूरिया और अतिरिक्त तरल पदार्थ को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। यह शरीर में सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। अक्सर लोग किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी अन्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई बार ये लक्षण किडनी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए किडनी से जुड़ी किसी भी असामान्य परेशानी को हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय पर जांच करानी चाहिए। हालिया मेडिकल रिसर्च और वैश्विक कैंसर रिपोर्ट जैसे Global Cancer Statistics के अनुसार किडनी कैंसर जिसे Renal Cell Carcinoma भी कहा जाता है,अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है।

HCG Manavata Cancer Centre के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी Dr. Raj Nagarkar के अनुसार, किडनी कैंसर शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होता है। 40 से 50 साल की उम्र के लोगों में इसके मामलों में तेजी से उछाल देखा गया है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ किडनी का ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट धीरे-धीरे घटने लगता है जिससे शरीर से टॉक्सिन निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर लाइफस्टाइल और खानपान का ध्यान नहीं रखा जाए तो किडनी की मौत हो सकती है। आइए जानते हैं कि किडनी कैंसर के बॉडी में शुरुआत में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं।

पेशाब में खून आना (हेमाट्यूरिया)

किडनी से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का असर सबसे पहले पेशाब में दिखाई दे सकता है। अगर यूरिन का रंग सामान्य पीले की बजाय गुलाबी, लाल या भूरा नजर आए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह बदलाव दर्द के बिना भी हो सकता है, लेकिन यह किडनी कैंसर समेत किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में खुद से अनुमान लगाने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच कराना ही सुरक्षित विकल्प है।

क्रॉनिक लोअर बैक पेन

अगर कमर या पीठ के निचले हिस्से में एक तरफ लंबे समय तक दर्द बना रहता है और आराम या दवा लेने पर भी राहत नहीं मिलती, तो ये सामान्य मांसपेशियों का दर्द नहीं भी हो सकता है। खासकर जब दर्द बिना किसी चोट या भारी काम के शुरू हुआ हो तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसा लगातार रहने वाला दर्द किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। स्थिति बिगड़ने से पहले सही जांच और उपचार के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

बिना कारण तेजी से वजन कम होना 

अगर आप न तो डाइटिंग कर रहे हैं और न ही ज्यादा एक्सरसाइज, फिर भी आपका वजन अचानक और तेजी से कम होने लगे, तो इसे सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज न करें। शरीर का इस तरह बिना वजह वजन कम होना अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये किडनी या दूसरी तरह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चेतावनी भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

लगातार थकान होना

अगर बिना ज्यादा काम किए भी लंबे समय तक थकान महसूस हो और आराम करने के बाद भी ऊर्जा वापस न आए, तो यह सिर्फ सामान्य कमजोरी नहीं हो सकती। लगातार बनी रहने वाली थकान शरीर के अंदर चल रही किसी गंभीर समस्या का संकेत दे सकती है। जब शरीर सामान्य गतिविधियों में भी जल्दी थकने लगे, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर होता है, ताकि किसी छिपी बीमारी का समय पर पता लगाया जा सके।

शरीर में सूजन या ब्लोटिंग होना

अगर पेट, पैरों, टखनों या आंखों के आसपास अचानक सूजन नजर आने लगे तो ये शरीर में तरल पदार्थ के असंतुलन का संकेत हो सकता है। किडनी सही तरह से काम न करे तो शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देती है। ऐसी स्थिति को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सूजन लगातार बनी रहे या बढ़ती जाए, तो कारण जानने के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बार-बार या रात में ज्यादा पेशाब आना 

अगर आपको अचानक दिनभर में सामान्य से अधिक बार पेशाब आने लगे या रात में बार-बार उठकर टॉयलेट जाना पड़े, तो यह शरीर में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। खासकर जब ये समस्या बिना ज्यादा पानी पिए भी बनी रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। किडनी से जुड़ी समस्याएं इस तरह के बदलाव का कारण बन सकती हैं। ऐसे लक्षण लगातार दिखें तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

लगातार हल्का बुखार या रात में ज्यादा पसीना 

अगर बिना किसी स्पष्ट संक्रमण या सर्दी-जुकाम के रोज हल्का बुखार बना रहे या रात में सोते समय अत्यधिक पसीना आए, तो यह शरीर के अंदर किसी छिपी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी कभी-कभी इस तरह के संकेत दे सकती हैं। स्थिति को समझने और सही इलाज के लिए तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी डाइट या जीवनशैली में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें, विशेषकर यदि आप किसी पुरानी बीमारी, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं।