किडनी हमारे शरीर का वो साइलेंट फिल्टर है जो 24 घंटे बिना थके खून को साफ करने और टॉक्सिन्स बाहर निकालने का काम करता है। हैरानी की बात ये है कि किडनी अपनी क्षमता का 60-70% हिस्सा खराब होने तक अक्सर शरीर में कोई बड़ा लक्षण नहीं दिखाती, यही वजह है कि इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारा शरीर बहुत पहले ही छोटे-छोटे संकेतों के जरिए हमें आगाह करना शुरू कर देता है? अक्सर हम सुबह के पेशाब में होने वाले बदलावों या शरीर की मामूली सूजन को थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो भविष्य में गंभीर संकट का कारण बन सकते हैं।

वीएनए अस्पताल में यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख और निदेशक डॉ. विनीत मल्होत्रा ने बताया सुबह का पहला पेशाब कई बार किडनी की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। डॉक्टरों के अनुसार सुबह का पेशाब शरीर की स्थिति का एक तरह से नेचुरल हेल्थ इंडिकेटर होता है। अगर इसमें कुछ असामान्य बदलाव दिखाई दें तो ये किडनी की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।

The Lancet में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, किडनी की बीमारियों की समय पर पहचान से डायलिसिस के खतरे को 50% तक कम किया जा सकता है। WHO के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में 10 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी तरह की किडनी की बीमारी से ग्रसित है। इनमें से अधिकांश को शुरुआती संकेतों का पता नहीं चल पाता। हार्वर्ड हेल्थ के एक शोध के अनुसार, गहरा पीला या भूरा पेशाब न केवल किडनी की समस्या, बल्कि शरीर में गंभीर डिहाइड्रेशन और लिवर के डिसऑर्डर का भी संकेत हो सकता है।

किडनी के अहम काम

डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि किडनी का मुख्य काम शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स को पेशाब के जरिए बाहर निकालना है। सुबह का पहला यूरिन ज्यादा कंसंट्रेट होता है, इसलिए इसमें बदलाव जैसे झाग, बहुत गहरा रंग, जलन या बार-बार पेशाब आना किडनी से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। अगर ऐसे लक्षण लगातार दिखें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

सुबह के पेशाब में किडनी की परेशानी के दिख सकते हैं ये संकेत

झागदार पेशाब आना

अगर सुबह के पेशाब में बार-बार ज्यादा झाग बनता है, तो यह पेशाब में प्रोटीन की मौजूदगी का संकेत हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में प्रोटीन यूरिया कहा जाता है और यह किडनी डैमेज का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

बहुत गहरा या बदला हुआ रंग

सामान्य तौर पर पेशाब हल्का पीला होता है, लेकिन अगर उसका रंग बहुत गहरा, भूरा या लालिमा लिए हो तो यह डिहाइड्रेशन, संक्रमण या किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है।

सुबह उठते ही बार-बार पेशाब आना

अगर रात भर में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़े या सुबह उठते ही बार-बार पेशाब आए, तो यह किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम होने का संकेत हो सकता है।

पेशाब में जलन या दर्द होना

सुबह पेशाब करते समय जलन, दर्द या बदबू महसूस होना यूरिन इन्फेक्शन या किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

शरीर में दिखने वाले अन्य संकेत

किडनी खराब होने से पहले शरीर कुछ और संकेत भी देता है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। जैसे चेहरे या पैरों में सूजन, लगातार थकान, भूख कम लगना, मतली, त्वचा में खुजली और हाई ब्लड प्रेशर। ये सभी लक्षण किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का संकेत हो सकते हैं।

डॉ. विनीत मल्होत्रा कहते हैं किडनी की बीमारी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं। इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापे की समस्या है, उन्हें समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें

एक्सपर्ट के मुताबिक किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना, नमक का सीमित सेवन करना, नियमित व्यायाम करना और ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से भी बचना चाहिए। अगर सुबह के पेशाब में लगातार कोई असामान्य बदलाव दिखे, तो इसे हल्के में न लें। समय पर जांच और सही इलाज से किडनी की गंभीर बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी या सुझाव किसी भी प्रकार से पेशेवर चिकित्सा सलाह, बीमारी के निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या या शरीर में लेख में बताए गए लक्षण महसूस होने पर तुरंत किसी प्रमाणित नेफ्रोलॉजिस्ट या डॉक्टर से परामर्श लें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का सेवन या जीवनशैली में गंभीर बदलाव न करें। जनसत्ता इस लेख में दी गई जानकारी की पूर्ण सटीकता और उससे होने वाले परिणामों की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

(डॉ. विनीत मल्होत्रा वीएनए अस्पताल में यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं और किडनी रोगों के विशेषज्ञ हैं)