लिवर हमारे शरीर का इंजन है जो हमारे शरीर में 500 से ज्यादा जरूरी काम करता है। खून साफ करने से लेकर पाचन बेहतर बनाने तक, टॉक्सिन को बाहर निकालने, पोषक तत्वों को संसाधित करने, ऊर्जा उत्पादन, हार्मोनल संतुलन और फैट मेटाबॉलिज्म में इसकी अहम भूमिका है। बॉडी का ये जरूरी अंग बिगड़ जाए तो शरीर बीमारियों का घर बन जाएगा। लिवर में खराब होने पर पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं, वजन अनियंत्रित होता है और बॉडी में टॉक्सिन के जमा होने  से थकान और कमजोरी होने लगती है। 

हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शिव कुमार सरीन ने बताया लिवर एक ऐसा अंग है जो खुद को दोबारा ठीक (Regenerate) कर सकता है, बशर्ते उसे सही ईंधन मिले। डॉ. सरीन के अनुसार केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि आपकी रसोई में मौजूद 5 खास चीजें लिवर की सूजन और गंदगी को साफ कर उसे पहले जैसा हेल्दी बना सकती हैं। आइए जानते हैं डॉ. सरीन द्वारा बताए गए उन 5 सुपरफूड्स के बारे में जो आपके लिवर के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

सेब खाएं, लिवर डिटॉक्स का नेचुरल तरीका

डॉ. सरीन रोज़ाना दो सेब खाने की सलाह देते हैं। दो सेब का सेवन न सिर्फ बीमारियों से बचाव करता है बल्कि लिवर को भी हेल्दी रखता है। सेब में विटामिन C, फाइबर और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। इसमें पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है। जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, पेक्टिन शरीर से भारी धातुओं और टॉक्सिन को बांधकर बाहर निकालता है, जिससे लिवर का ओवरलोड कम होता है और वह डिटॉक्सिफिकेशन का काम बेहतर ढंग से कर पाता है। यह लिवर पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मदद करता है।

साबुत अनाज लिवर का दोस्त

साबुत अनाज का सेवन लिवर की सेहत के लिए बहुत जरूरी है।  फाइबर से भरपूर बार्ले, चावल (ब्राउन), ओट्स, क्विनोआ, बाजरा, ज्वार और सत्तू जैसे खाद्य पदार्थ लिवर को हेल्दी रखते हैं। साबुत अनाज में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें फाइबर, B विटामिन्स, मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं जो बॉडी को हेल्दी रखते हैं। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन के अध्ययन बताते हैं कि साबुत अनाज में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सुचारु रखता है, ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है और फैटी लिवर के खतरे को कम करता है। फाइबर टॉक्सिक पदार्थों को बांधकर शरीर से निकालने में मदद करता है, जिससे लिवर पर दबाव घटता है।

काला चना है प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस

रोज़ाना काला चना का सेवन लिवर को हेल्दी रखने में मदद करता है। काला चना प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स , विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है। न्यूट्रिएंट्स जर्नल में छपी रिसर्च के अनुसार, काले चने में मौजूद हाई-फाइबर सामग्री आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है, जो लिवर के डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस को सपोर्ट करती है। यह हानिकारक पदार्थों को बांधकर बाहर निकालता है। प्रोटीन सामग्री लिवर कोशिकाओं की मरम्मत और नए सेल के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कलरफुल सब्जियां है एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का खजाना

डॉ. सरीन ने बताया गाजर, चुकंदर, ब्रोकली, शिमला मिर्च और पत्ता गोभी जैसी सभी रंगीन सब्जियों का सेवन लिवर को हेल्दी रखता है। ये रंगीन सब्जियां विटामिन्स A, C, K, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरी होती हैं। जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी के शोध बताते हैं कि ब्रोकली और पत्ता गोभी जैसी क्रूसीफेरस सब्जियां ग्लूकोसिनोलेट्स (Glucosinolates) नामक यौगिकों से भरपूर होती हैं, जो लिवर के डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइमों को सक्रिय करती हैं। गाजर और चुकंदर में मौजूद बीटा-कैरोटीन और बीटालेंस जैसे एंटीऑक्सिडेंट लिवर को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाते हैं और सूजन को कम करते हैं।

कॉफी है लिवर के लिए सुरक्षा कवच

डॉ. सरीन ने बताया कॉफी एक ऐसा ड्रिंक है जो लिवर से फैट को हटाता है और उसे हेल्दी रखने में मदद करता है। कई बड़े पैमाने के अध्ययनों ने कॉफी के लिवर-सुरक्षात्मक गुणों को साबित किया है। ‘मेयो क्लिनिक’ और वर्ल्ड जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी की रिसर्च के अनुसार कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड, कैफेस्टोल और कहवेओल जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व लिवर में एंजाइम के स्तर को प्रभावित करते हैं। यह फैटी लिवर रोग (NAFLD), लिवर कैंसर और सिरोसिस (गंभीर लिवर स्कारिंग) के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं। कॉफी लिवर में कोलेजन के जमाव को रोककर फाइब्रोसिस (स्कारिंग) को कम कर सकती है।

निष्कर्ष

डॉ. सरीन द्वारा सुझाए गए ये पांच खाद्य पदार्थ वैज्ञानिक प्रमाणों द्वारा समर्थित हैं और आपके लिवर को मजबूत बनाने का एक प्राकृतिक तरीका हैं। याद रखें, आपका लिवर एक अद्भुत अंग है जो खुद को ठीक करने की अद्भुत क्षमता रखता है, लेकिन उसे आपकी सही देखभाल और पोषण की आवश्यकता होती है। 

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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