आजकल लोग हड्डियों को मजबूत बनाने और बालों को हेल्दी रखने के लिए कैल्शियम सप्लीमेंट का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह से करने लगते है, जिसके कई बार घातक परिणाम सामने आते हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें 32 साल की एक महिला को कैल्शियम का सेवन करने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मैक्स हेल्थकेयर में आंतरिक चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. टिक्कू ने बताया महिला ओपीडी में काफी उलझन और कन्फ्यूजन की हालत में पहुंची थी। पिछले दो हफ्तों से उसे थकान, कब्ज, मतली और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं हो रही थीं। डॉक्टरी जांच में पता चला कि उसके शरीर में कैल्शियम का स्तर 12.5 mg/dL था, जबकि नॉर्मल रेंज 8.5 से 10.5 mg/dL के बीच होना चाहिए।

कैसे बढ़ गया कैल्शियम लेवल?

डॉक्टरी जांच में पता चला कि महिला ने ऑनलाइन सलाह के आधार पर हड्डियों और बालों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम सप्लीमेंट लेना शुरु किया था। वो रोजाना 1,000 mg की जगह 2,000 mg कैल्शियम की गोलियां दिन में तीन बार ले रही थी। इतना ही नहीं, कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाने के लिए उसने खुद से विटामिन D का कैप्सूल लेना भी शुरू कर दिया था। इसके अलावा उसकी डाइट में रोज दही, बादाम वाला दूध और पनीर जैसे कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ भी शामिल थे। इस तरह सप्लीमेंट और भोजन दोनों से ज्यादा कैल्शियम शरीर में जमा हो गया।

ज्यादा कैल्शियम के बॉडी पर साइड इफेक्ट

जरुरत से ज्यादा कैल्शियम सप्लीमेंट का सेवन करने की वजह से महिला की किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई और थायरॉयड फंक्शन भी गड़बड़ा गया था। डॉक्टरों को उसे अस्पताल में भर्ती कर IV फ्लूइड देना पड़ा ताकि खून से अतिरिक्त कैल्शियम को बाहर निकाला जा सके। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने को हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है। अगर इसका इलाज समय पर न हो तो इससे कई गंभीर समस्याएं जैसे किडनी स्टोन और किडनी को स्थायी नुकसान होना, दिल की धड़कन अनियमित होना, दिमाग पर असर हो सकता है जिससे भ्रम, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन हो सकता है। गंभीर मामलों में बेहोशी या कोमा भी हो सकता है। इतना ही नहीं ज्यादा कैल्शियम का सेवन हड्डियां कमजोर और भुरभुरी कर सकता है।

क्या हर किसी को कैल्शियम सप्लीमेंट की जरूरत होती है?

एक्सपर्ट के मुताबिक हर इंसान को कैल्शियम सप्लीमेंट का सेवन करने की जरूरत नहीं होती। संतुलित आहार से ही शरीर को पर्याप्त कैल्शियम मिल सकता है। आमतौर पर वयस्कों के लिए रोजाना 1,000 से 1,200 mg कैल्शियम पर्याप्त माना जाता है। डाइट में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, टोफू और बादाम जैसे खाद्य पदार्थ कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। एक कप दही से लगभग 300–400 mg कैल्शियम होता है जबकि एक गिलास दूध से लगभग 300 mg, 28 ग्राम चीज से लगभग 200 mg कैल्शियम मिल सकता है।

किन लोगों को सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है?

कैल्शियम सप्लीमेंट आमतौर पर उन्हीं लोगों को दिए जाते हैं जिन्हें इसकी जरूरत होती है जैसे ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों की बीमारी वाले लोगों को, वेगन डाइट लेने वाले लोग, लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग,
गर्भवती या रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाएं, क्रॉनिक किडनी डिजीज के मरीजों को ये परेशानी हो सकती है।

डॉक्टर की सलाह

एक्सपर्ट के मुताबिक कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए किसी भी तरह के विटामिन या मिनरल सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी सप्लीमेंट या दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।