हड्डियों की मजबूती और शरीर के सुचारू कामकाज के लिए कैल्शियम एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है। जब भी कैल्शियम का जिक्र होता है, तो सबसे पहले दूध का नाम दिमाग में आता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए दूध उपयुक्त नहीं होता। कुछ लोगों को दूध से एलर्जी होती है या वे लैक्टोज इनटॉलरेंस के शिकार होते हैं, जिससे उन्हें दूध पचाने में परेशानी होती है। वहीं, कुछ लोग शाकाहारी या वीगन जीवनशैली अपनाने के कारण डेयरी उत्पादों से परहेज करते हैं।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नवीन अग्रवाल के मुताबिक, कैल्शियम शरीर के लिए एक अहम मिनरल है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है और फ्रैक्चर की आशंका भी ज्यादा हो जाती है। कई मामलों में लोगों को कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की जरूरत पड़ती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित और पोषक आहार के जरिए भी पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि अपनी डाइट में कैल्शियम से भरपूर विकल्पों को शामिल किया जाए, ताकि हड्डियां मजबूत रहें और शरीर स्वस्थ बना रहे।

अगर आप दूध नहीं पीते तो आप कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कुछ दूसरे फूड्स का सेवन कर सकते हैं। प्रकृति में ऐसे कई खाद्य पदार्थ मौजूद हैं जो कैल्शियम के मामले में दूध को भी टक्कर दे सकते हैं। इन विकल्पों को सही मात्रा में डाइट में शामिल कर आप अपनी हड्डियों और दांतों को लंबे समय तक हेल्दी रख सकते हैं। आइए जानते हैं दूध के अलावा कैल्शियम के उन बेहतरीन स्रोतों के बारे में जिनका सेवन कर कैल्शियम की कमी पूरी की जा सकती है।डेयरी प्रोडक्ट्स सबसे प्रमुख कैल्शियम स्रोत

दूध कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। एक कप गाय या भैंस के दूध में लगभग 300 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। बात करें दही की तो एक कप दही से 250 से 400 मिलीग्राम तक कैल्शियम मिल सकता है। 30 ग्राम चीज़ में लगभग 150–200 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां भी फायदेमंद

एक कप पके हुए पालक में करीब 240 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। केल में लगभग 180 मिलीग्राम और कोलार्ड ग्रीन्स में 350 मिलीग्राम तक कैल्शियम मिल सकता है।

फोर्टिफाइड फूड्स का करें सेवन

बादाम या सोया मिल्क में प्राकृतिक रूप से कैल्शियम कम होता है, लेकिन अगर इन्हें फोर्टिफाइड किया गया हो तो एक कप में लगभग 300 मिलीग्राम कैल्शियम मिल सकता है।
फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस में भी इतनी ही मात्रा में कैल्शियम हो सकता है।

मछली, नट्स और बीन्स खाएं

100 ग्राम सैल्मन में लगभग 180 मिलीग्राम और सार्डिन में 325 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। एक चौथाई कप बादाम में करीब 80 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जबकि चिया सीड्स में लगभग 325 मिलीग्राम तक मिल सकता है। आधा कप  टोफू में करीब 250 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। सफेद बीन्स में लगभग 160 मिलीग्राम और काली मटर में 200 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है।

विटामिन D भी जरूरी

एक्सपर्ट के मुताबिक कैल्शियम के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन D जरूरी है। बिना विटामिन D के शरीर कैल्शियम को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता। इसलिए धूप, विटामिन D युक्त आहार या जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लेना भी जरूरी हो सकता है। अगर कैल्शियम की गंभीर कमी हो तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना चाहिए। लेकिन संतुलित आहार में विविध स्रोत शामिल कर हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है।

उम्र के मुताबिक कैल्शियम की जरूरत चार्ट से समझें चार्ट से समझें

आयु वर्ग (Age Group)दैनिक आवश्यकता (mg/दिन)विशेष नोट
0-12 महीने (शिशु)300 – 500 mgमां के दूध या फॉर्मूला से पूर्ति
1-3 साल (बच्चे)500 – 600 mgहड्डियों के शुरुआती विकास के लिए
4-9 साल (बच्चे)600 – 800 mgशारीरिक वृद्धि का समय
10-18 साल (किशोर)1000 – 1300 mgसबसे अधिक जरूरत (Growth Spurt)
19-50 साल (वयस्क)1000 mgहड्डियों के घनत्व को बनाए रखने के लिए
50+ साल (बुजुर्ग)1200 mgऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए
गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएं1200 – 1300 mgमां और बच्चे दोनों के लिए अनिवार्य

डिस्क्लेमर:

यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।