ड्राई फ्रूट्स कुदरत का दिया हुआ ऐसा अनमोल मेवा हैं, जो पेड़ों पर फल के रूप में उगते हैं और फिर सूखकर पोषण से भरपूर ड्राई फ्रूट्स बन जाते हैं। ड्राई फ्रूट में जिस ड्राईफ्रूट का सेवन दुनिया भर में ज्यादा किया जाता है उसमें बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश है। ड्राई फ्रूट का सेवन सदा से ही सेहत के लिए उपयोगी माना जाता है। आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों ही इन कुदरती मेवों को सेहत के लिए उपयोगी मानते हैं। सरकार ने बजट 2026 में इन ड्राई फ्रूट्स का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है, इन ड्राई फ्रूट को ज्यादातर आयात किया जाता है लेकिन सरकार चाहती है कि अब हम इसका उत्पादन अपने देश में ही बढ़ाएं।

सरकार का मकसद सेहत के लिए उपयोगी इन मेवों का देश में उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। हमारे देश में इन ड्राई फ्रूट के फायदों की अहमियत समझते हुए लोगों में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। सरकार ने अखरोट और बादाम की खेती को खासतौर पर प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। आयुर्वेदिक और युनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक अखरोट काजू और बादाम ऐसे ड्राई फ्रूट हैं जो दिल से लेकर दिमाग और बॉडी को हेल्दी रखते हैं। आइए जानते हैं कि ये ड्राई फ्रूट कैसे सेहत को फायदा पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं कि अखरोट, बादाम और काजू कैसे हमारी सेहत के लिए अमृत हैं।

अखरोट कैसे सेहत के लिए उपयोगी है?

अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो LDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में और गुड कोलेस्ट्रॉल यानी HDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है। नियमित सेवन से दिल की बीमारियों का जोखिम घटता है। अखरोट को नेचर का ब्रेन फूड कहा जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है जो दिमाग की कार्यक्षमता बेहतर बनाता है। इसका सेवन करने से याददाश्त दुरुस्त रहती है। ये नट उम्र के साथ होने वाले कॉग्निटिव डिक्लाइन को कम करता हैं।

The Journal of Nutrition, Health & Aging में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से अखरोट खाते हैं उनका कॉग्निटिव फंक्शन उन लोगों से बेहतर होता है जो अखरोट नहीं खाते। इसका सेवन करने से वजन भी कंट्रोल रहता है। इससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन कंट्रोल रहता है। ये सूजन को कंट्रोल करता है। ये अर्थराइटिस, हार्ट डिजीज और अन्य क्रॉनिक बीमारियों के जोखिम को घटा सकता है।

बादाम कैसे सेहत के लिए उपयोगी है?

गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल कानपुर में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा के मुताबिक बादाम एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जिसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, फाइबर, विटामिन-E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो सेहत के लिए उपयोगी हैं। बादाम का सेवन LDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार साबित होता है। नियमित और सीमित मात्रा में बादाम खाने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

Journal of Dietary Supplements में प्रकाशित शोध बताता है कि बादाम खाने से भोजन के बाद बढ़ने वाले इंसुलिन और ग्लूकोज के स्तर में कमी आती है। बादाम पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, जिससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन कंट्रोल रहता है। बादाम का सेवन फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता हैं। ये नट इम्यूनिटी को बूस्ट करता है और ओवरऑल हेल्थ में सुधार करता है। बादाम में मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त करता है और शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देता है।

काजू के फायदे

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट  डॉक्टर बिमल छाजर के मुताबिक काजू एक ऐसा नट है जो एनर्जी को बूस्ट करता है। इसमें हेल्दी फैट और कैलोरी मौजूद होती है जो हमारी बॉडी को तुरंत एनर्जी देती है। जिन लोगों को कमजोरी और थकान रहती है वो इन नट का सेवन करें। काजू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है जो मांसपेशियों को मजबूत करता है और बॉडी की मरम्मत करता है। इस नट का सेवन करने से वजन कंट्रोल रहता है और दिल की सेहत में सुधार होता है।

The Journal of Nutrition में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, काजू का नियमित सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है। काजू में मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों को मजबूत करते हैं और नर्व फंक्शन को दुरुस्त करते हैं। इसका सेवन करने से एनीमिया का इलाज होता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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