क्या आप भी रात भर करवटें बदलते रहते हैं या सुबह उठने पर आंखों में भारीपन और दिमाग में धुंधलापन महसूस करते हैं? बॉडी में दिखने वाले ये बदलाव थकान नहीं बल्कि नींद की कमी की वजह से हो सकते हैं। आप जानते हैं कि नींद की कमी आपकी आंखों की रोशनी और मानसिक सतर्कता को धीरे-धीरे खत्म कर सकती है। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार अधूरी नींद शरीर के आंतरिक मेंटेनेंस सिस्टम को बिगाड़ देती है।

Journal of Neuroscience में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक नींद की कमी से मस्तिष्क का अमिग्डाला जो भावनाओं को कंट्रोल करता है 60% से ज्यादा सक्रिय हो जाता है। यही कारण हैं कि लोग कम सोने पर छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़े, दुखी या गुस्से में आ जाते हैं। UC Berkeley की एक रिसर्च बताती है कि नींद की कमी से दिमाग की नई जानकारी को स्टोर करने की क्षमता कम हो जाती है। कम सोने से अल्जाइमर का खतरा बढ़ने लगता है। कम नींद डिप्रेशन और एंजायटी का भी कारण बनती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार क्रॉनिक अनिद्रा (Insomnia) की परेशानी मानसिक बीमारियों के जोखिम को 4 गुना बढ़ा देती है।

अनिद्रा की समस्या से परेशान रहते हैं तो आप कुछ योगासन कीजिए। बाबा रामदेव ने बताया लाइफस्टाइल में किए गए बदलाव और कुछ योगासन आपकी नींद की समस्या का इलाज कर सकते हैं। योग में ऐसी शक्ति है जो आपके नर्वस सिस्टम को रीसेट कर सकती है।  बाबा रामदेव द्वारा बताए गए ये 4 शक्तिशाली योगासन, जो न केवल आपकी नींद की गुणवत्ता सुधारेंगे बल्कि दिमाग और आंखों को नई ऊर्जा से भर देंगे।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें

अगर आप रात भर करवटें बदलते रहते हैं और नींद नहीं आती तो आप सोने से  10–15 मिनट पहले अनुलोम-विलोम करें। अनुलोम-विलोम करने से नर्वस सिस्टम शांत रहता है, नींद गहरी आती है। इसे रोज करने से तनाव कंट्रोल रहता है और मन शांत और स्थिर रहता है।

त्राटक क्रिया नींद में करेंगी सुधार
 
नींद और आंखों की सेहत के लिए त्राटक योग क्रिया बेहद असरदार है। यह योग मस्तिष्क की गहरी सफाई और अनिद्रा (Insomnia) को दूर करने का एक शक्तिशाली प्राचीन विज्ञान है। यह हठयोग की उन छह शुद्धिकरण क्रियाओं में से एक है, जो मन को स्थिर करने और एकाग्रता बढ़ाने के लिए की जाती हैं। त्राटक के दौरान जब आंखों से पानी आता है, तो यह आंखों की ग्रंथियों को साफ करता है। नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करने से आंखों का धुंधलापन दूर होता है और चश्मे का नंबर कम करने में मदद मिलती है।

दीपक जलाकर उसे एक टक देखें

आप दीपक जलाकर बिना पलक झपकाए उसे तीने से 5 मिनट तक देखें। ऐसा करने से आंखों में हल्का पानी आना सामान्य है।  यह अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और दिमाग को रिलैक्स करता है, जिससे नींद में सुधार होता है।

घास पर नंगे पांव चले

सुबह-सुबह हरी घास पर नंगे पांव चलने से आंखों की नसों को आराम मिलता है। स्वामी रामदेव के अनुसार यह आंखों को लंबे समय तक हेल्दी रखने में मदद करता है और नींद की क्वालिटी भी सुधारता है।

शरीर को थकाना जरूरी है

दिन में हल्का पसीना बहना जरूरी है। अगर बॉडी शारीरिक रूप से एक्टिव रहेगी तो रात में नींद अपने आप अच्छी आएगी। जो लोग ईश्वर, परमात्मा या अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और अपना काम ईमानदारी से करके फल की चिंता छोड़ देते हैं, उन्हें नींद बेहतर आती है। लगातार चिंता डर और तनाव नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है।

निष्कर्ष

स्वामी रामदेव के अनुसार नींद की गोली नहीं, बल्कि सही दिनचर्या, योग, प्राणायाम और मानसिक शांति ही असली स्लीप थेरेपी है। जब नींद ठीक होती है तो आंखें, दिल, दिमाग और पाचन सब अपने आप बेहतर होने लगते हैं।

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डिस्कलेमर:  

इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।