हमारी आंत सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करती बल्कि ये तय करती है कि आपकी बॉडी में एनर्जी कैसी रहेगी, इम्यूनिटी कितनी मजबूत होगी, स्किन हेल्दी दिखेगी या नहीं,मूड स्टेबल रहेगा या नहीं। गट सिर्फ डाइजेशन नहीं करती बल्कि पूरी सेहत को कंट्रोल करती है। आयुर्वेद के मुताबिक कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं आंतों (Gut) से शुरू होती हैं। गट को सेकंड ब्रेन कहा जाता है। हमारी आंत लगभग 7 से 8 मीटर लंबी होती है और इसमें करीब 500 मिलियन न्यूरॉन्स होते हैं। इसी वजह से साइंस गट को Second Brain मानती है। सबसे अहम बात ये है कि गट ही सेरोटोनिन (Happy Hormone) का बड़ा हिस्सा बनाती है।
आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी जो पिछले 15 सालों से आयुर्वेदिक तरीके से मरीजों का इलाज करते हैं, ने बताया गट हेल्थ खराब होने के लिए 5 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे
- प्रोसेस्ड और फास्ट फूड का ज्यादा सेवन
- बार-बार पेन किलर और एंटीबायोटिक लेना
- क्रोनिक स्ट्रेस और ओवरथिंकिंग
- खराब नींद और लेट नाइट डिनर
- सालों से चली आ रही गैस, एसिडिटी और कब्ज की परेशानी होना।
इन कारणों से गट की अंदरूनी लाइनिंग कमजोर हो जाती है और टॉक्सिन्स ब्लड में जाने लगते हैं, जिसे Leaky Gut कहा जाता है। गट हेल्थ में सुधार करने के लिए सिर्फ कम खाना काफी नहीं बल्कि सही खाना जरूरी है। एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ लोग कम खाते हैं फिर भी उनका पेट भारी रहता है, पेट में गैस और कब्ज की शिकायत रहती है। इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह डाइट में फाइबर का कम सेवन करना है। गट में मौजूद गुड बैक्टीरिया को भी खाना चाहिए और उनका खाना फाइबर होता है।
गट हेल्थ खराब होने के लक्षण
जब आंतें ठीक से काम नहीं करतीं तो शारीरिक और मानसिक दोनों सेहत प्रभावित होती है। गट हेल्थ बिगड़ने पर उदासी, चिड़चिड़ापन, एंजायटी, थकान और मोटिवेशन की कमी होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। गट हेल्थ बिगड़ने पर पाचन बिगड़ने लगता है। इससे पेट में गैस, एसिडिटी, पेट भारी रहना और कब्ज की परेशानी होने लगती है।
गट हेल्थ के लिए कैसी डाइट का करें सेवन
गट हेल्थ में सुधार के लिए डाइट में फाइबर का सेवन करें
फाइबर वह हिस्सा है जिसे हम नहीं पचा पाते, लेकिन यही गुड बैक्टीरिया का फूड होता है। जब डाइट में फाइबर कम होता है तो गुड बैक्टीरिया कमजोर हो जाते हैं जिससे डाइजेशन स्लो हो जाता है, पेट में गैस,ब्लोटिंग और एसिडिटी बढ़ने लगती है। गट हेल्थ में सुधार करने के लिए डाइट में फाइबर रिच फूड्स जैसे दलिया, ओट्स, ज्वार, बाजरा, लौकी, तोरी, भिंडी, गाजर, पत्ता गोभी, सेब, नाशपाती, अमरूद, केला, साबुत फल का सेवन करें।
प्रोबायोटिक्स फूड्स का करें सेवन
गट में अच्छे और खराब दोनों बैक्टीरिया होते हैं। सेहत इस बात पर निर्भर करती है कि कौन ज्यादा हैं। आप गट हेल्थ में सुधार करने के लिए डाइट में प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन करें। डाइट में दही, छाछ, कांजी, फर्मेंटेड इडली और डोसा का सेवन करें। ये फूड्स सीधे गट में जाकर बैक्टीरिया का बैलेंस ठीक करते हैं।
प्रीबायोटिक फूड खाएं
प्रीबायोटिक फूड गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। प्रीबायोटिक फूड्स में प्याज, लहसुन, केला, ओट्स, जीरा, प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक फूड का सेवन गट हेल्थ में सुधार करता है।
रोजाना 8–10 गिलास पानी जरूर पीएं
रोज पर्याप्त पीना का सेवन गट हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। पानी की कमी कब्ज का कारण बन सकती और आपका पाचन बिगाड़ सकती है।
जीरा-धनिया और पुदीना के पानी का सेवन करें
जीरा,धनिया और पुदीने के पानी का सेवन करें। ये पानी एसिडिटी कंट्रोल करेगा। पेट की गैस और ब्लोटिंग का इलाज करेगा। इसका सेवन करने से आंतों में गुड बैक्टीरिया बढ़ेंगे। गट हेल्थ में सुधार होगा। ये पानी पीकर आपको पेट हल्का महसूस होगा।
जीरा-धनिया और पुदीना बनाने का तरीका
- 1 गिलास पानी
- आधा चम्मच जीरा
- आधा चम्मच साबुत
- कुछ पुदीने के पत्ते
जीरा-धनिया और पुदीना को पानी में डालें और कुछ देर तक उसे उबालें। कुछ देर बाद पानी को छानकर उसका सेवन करें। आप इस पानी का सेवन लंच के बाद हल्का गर्म कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अगर गट हेल्थ ठीक है तो एनर्जी बेहतर होती है, मूड स्टेबल रहता है, स्किन हेल्दी दिखती है और इम्यूनिटी मजबूत रहती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह की पाचन से जुड़ी बीमारी का इलाज करने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
