आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी बूटियां है जिनका सेवन करने से एक साथ कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। अश्वगंधा एक ऐसी ही जड़ी बूटी है जो औषधीय गुणों से भरपूर होती है। अश्वगंधा एक सदाबहार झाड़ी है, जो एशिया और अफ्रीका में पाई जाती है। ये एक ऐसी जड़ी बूटी है जो बॉडी को एनर्जी देती है, कमजोरी और थकान को दूर करती है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर तनाव (Stress) कम करने के लिए किया जाता है। अश्वगंधा में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो दिमाग को शांत करने, सूजन कम करने, ब्लड प्रेशर घटाने और इम्यून सिस्टम को दुरुस्त करने में मदद कर सकते हैं।
आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, अश्वगंधा का सेवन हड्डियों की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। अश्वगंधा में मौजूद प्राकृतिक तत्व हड्डियों को मजबूती देने में मदद करते हैं और बोन डेंसिटी बनाए रखने में सहायक होते हैं। डॉ. जैदी बताते हैं कि जिन लोगों को अर्थराइटिस की समस्या रहती है, उनके लिए अश्वगंधा खासतौर पर फायदेमंद हो सकता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण जोड़ों की सूजन, अकड़न और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। नियमित और सही मात्रा में सेवन करने से जोड़ों की मूवमेंट बेहतर हो सकती है और सुबह के समय होने वाली जकड़न में राहत मिलती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि अश्वगंधा का सेवन कैसे रात की नींद को बेहतर करता है और इससे बॉडी को कौन कौन से फायदे होते हैं।
अश्वगंधा कैसे हड्डियों की दवा है?
हड्डियों को हेल्दी रखने के लिए अश्वगंधा को केवल एक पारंपरिक जड़ी-बूटी नहीं, बल्कि आधुनिक विज्ञान में बोन हीलर माना गया है। कई क्लिनिकल ट्रायल्स और रिसर्च यह साबित करते हैं कि यह हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बनाने की क्षमता रखती है। इसके अलावा अश्वगंधा मांसपेशियों को मजबूत करने और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में भी असरदार माना जाता है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की कमजोरी, कैल्शियम की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अश्वगंधा शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर करने और हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
Journal of Ethnopharmacology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार हमारी हड्डियों में दो तरह की कोशिकाएं होती हैं ओस्टियोब्लास्ट और ओस्टियोक्लास्ट। अश्वगंधा में मौजूद Withaferin-A नई हड्डियों बनाने वाली कोशिकाओं (Osteoblasts) के निर्माण को तेज कर देता है। ये हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाता है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा कम हो जाता है।
ये पत्ते हैं नींद की दवा
सुकून भरी नींद चाहते हैं तो अश्वगंधा के पत्तों का सेवन करें। अश्वगंधा में Triethylene glycol नाम का तत्व पाया जाता है जो दिमाग को शांत करता है और गहरी नींद लाने में मदद करता है। जापान की यूनिवर्सिटी ऑफ सुकुबा (University of Tsukuba) के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्लीप मेडिसिन द्वारा की गई एक रिसर्च के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया कि अश्वगंधा के पत्तों में प्रचुर मात्रा में Triethylene Glycol (TEG) होता है। जब रिसर्च में चूहों को ये तत्व दिया गया, तो उनकी Non-REM (गहरी नींद) का स्तर काफी बढ़ गया। रिसर्च ने स्पष्ट किया कि TEG सीधे दिमाग के उन रिसेप्टर्स पर काम करता है जो नींद चक्र को नियंत्रित करते हैं।
अश्वगंधा के पत्तों का सेवन कैसे करें
अश्वगंधा के पत्तों का सेवन करने के लिए आप 2 से 3 ताजे पत्तों को अच्छी तरह धोकर एक गिलास पानी में डालें। इसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। इसे छान लें और हल्का गुनगुना होने पर पिएं।
जोड़ों के दर्द और सूजन के लिए अश्वगंधा के ताजा पत्तों को रगड़ कर उसे गोली बना लें। इस गोली का सेवन सुबह खाली पेट पानी के साथ औ रात को सोने से पहले कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अश्वगंधा एक बहुउपयोगी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो न सिर्फ तनाव और थकान को कम करने में मदद करती है, बल्कि हड्डियों, जोड़ों और नींद की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय के अनुसार, अश्वगंधा हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने, जोड़ों की सूजन और दर्द कम करने, मांसपेशियों को मजबूत करने और गहरी, सुकूनभरी नींद लाने में सहायक हो सकती है। संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ अश्वगंधा को अपनाने से शरीर और मन दोनों बेहतर रहते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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