तनाव और एंजायटी नई पीढ़ी में तेजी से ऊभरने वाली परेशानियां है जिसके लिए एक नहीं बल्कि अनेक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। खराब लाइफस्टाइल, मानसिक स्थिति, शारीरिक और हार्मोनल कारण मिलकर तनाव और एंजायटी को बढ़ा देते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का प्रेशर, समय की कमी, जिम्मेदारियां और भागदौड़ दिमाग को आराम नहीं लेने देतीं। इससे स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल बढ़ता है, जो एंजायटी को जन्म देता है। कम नींद और गलत खानपान जैसे ज्यादा कैफीन, शुगर, प्रोसेस्ड और जंक फूड दिमाग के केमिकल बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। इससे मूड स्विंग्स, बेचैनी और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

हार्मोनल असंतुलन,मोबाइल और स्क्रीन की लत, डर, अनिश्चितता और नेगेटिव सोच दिमाग को अलर्ट मोड में रखती है, जिससे एंजायटी बढ़ती है। शारीरिक एक्टिविटी की कमी भी तनाव और एंजायटी का कारण बनती है। तनाव और एंजायटी को अगर आप कंट्रोल करना चाहते हैं तो अपनी डाइट से कुछ फूड्स को स्किप कर दें या उनका सेवन करना कम कर दें। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड्स हैं जो तनाव को बढ़ाते हैं और आपकी मेंटल हेल्थ को बिगाड़ते हैं।

चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक से करें परहेज

ज्यादा चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से भी तनाव बढ़ता है। इसमें मौजूद कैफीन दिल की धड़कन तेज करता है और घबराहट बढ़ा सकता है। Journal of Psychopharmacology के अनुसार कैफीन शरीर में एड्रेनालाईन(Adrenaline) हार्मोन के स्तर को बढ़ा देता है जिसे फाइट-ऑर-फ्लाइट हार्मोन भी कहते हैं। यह शरीर को उसी स्थिति में ले आता है जैसे किसी खतरे के समय होता है। इससे दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना और बेचैनी होना शुरू हो जाती है जो घबराहट को ट्रिगर कर सकता है।

शुगर से भरपूर फूड्स से करें परहेज

केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, मिठाइयां और मीठे ड्रिंक्स ब्लड शुगर को तेजी से ऊपर-नीचे करते हैं, जिससे मूड स्विंग्स और एंजायटी बढ़ती है। जब हम मैदा या चीनी खाते हैं, तो ब्लड शुगर अचानक स्पाइक (Spike) होता है और फिर तेजी से गिरती है। शुगर के इस उतार-चढ़ाव से शरीर में तनाव पैदा होता है। American Journal of Clinical Nutrition के शोध के मुताबिक, हाई-शुगर डाइट से डिप्रेशन और एंजायटी का खतरा 23% तक बढ़ जाता है क्योंकि यह दिमाग में सूजन (Inflammation) पैदा करती है।

प्रोसेस्ड और जंक फूड बढ़ा रहे हैं तनाव

चिप्स, बर्गर, पिज्जा, इंस्टेंट नूडल्स जैसे फूड्स में ट्रांस फैट और नमक ज्यादा होता है, जो दिमाग की सेहत पर नकारात्मक असर डालता है। इन फूड्स में ट्रांस फैट और ओमेगा-6 फैटी एसिड अधिक होता है। ये दिमाग में मौजूद सेरोटोनिन जो खुश रखने वाला हार्मोन है के उत्पादन में बाधा डालता है। जब दिमाग को सही पोषण नहीं मिलता, तो वो स्ट्रेस को झेलने की क्षमता खो देता है।

अल्कोहल है ब्रेन का दुश्मन

अल्कोहल का सेवन दिमाग को शुरुआत में रिलेक्स करता है और बाद में एंजायटी और डिप्रेशन को बढ़ाता है। अल्कोहल एक डिप्रेसेंट है। ये दिमाग में GABA जो एक शांत करने वाला न्यूरोट्रांसमीटर है के संतुलन को बिगाड़ देता है। जब एल्कोहल का नशा उतरता है तो दिमाग का एंजायटी लेवल सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘Hangxiety’ कहते हैं।

बहुत ज्यादा नमक भी तनाव का कारण है

अत्यधिक नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जिससे बेचैनी और चिड़चिड़ापन हो सकता है। नमक का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जिससे दिल को ज्यादा काम करना पड़ता है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर शरीर को हाई अलर्ट मोड पर रखता है, जिससे आप छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़े और बेचैन महसूस करने लगते हैं।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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