हमारी डाइट इतनी खराब है कि हम सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर के खाने और रात के खाने में जंक फूड,ऑयली फूड, प्रोसेस फूड का सेवन किसी न किसी रूप में करते रहते हैं। ये जंक फूड न सिर्फ गट हेल्थ को बिगाड़ते हैं बल्कि दिमाग को भी प्रभावित करते हैं। अगर आप बेवजह उदास रहते हैं, छोटी-छोटी बातों पर घबराहट और बेचैनी होती है तो इसका इलाज आपकी डाइट में छुपा हो सकता है। हेल्दी ब्रेन के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करना जरूरी है। मेंटल हेल्थ का सीधा कनेक्शन हमारी थाली से है। University of New South Wales की एक रिसर्च ने बताया कैसे अधिक चीनी का सेवन बढ़ाता है हमारी टेंशन।
कुछ फूड ऐसे हैं जिन्हें हम बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन वो धीरे-धीरे हमारे दिमाग में एंग्जायटी और डिप्रेशन के बीज बोते रहते हैं। इन फूड्स की पहचान करके इनसे बचाव करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से फूड दिमागी सेहत के लिए खतरा हैं। तनाव और घबराहट का इलाज करने के लिए डाइट में कौन-कौन से फूड्स का सेवन करें।
खराब डाइट कैसे दिमाग की सेहत पर करती है असर?
रिसर्च बताती है कि जब हम जंक फूड खाते हैं, तो शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ती है, जो दिमाग के उन हिस्सों को प्रभावित करती है जो खुशी और शांति का अहसास दिलाते हैं। हेल्दी माइंड के लिए हेल्दी गट होना बहुत जरूरी है। हेल्दी दिमाग के लिए हेल्दी पेट का होना जरूरी है। कुछ चीजें ऐसी हैं जो धीरे-धीरे हमारे दिमाग में एंग्जायटी और डिप्रेशन के बीज बोती रहती है उनकी पहचान करना जरूरी है।
मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले फूड कौन-कौन से हैं?
अगर आप तनाव में है, अकेलापन महसूस करते हैं या आत्महत्या के विचार बार बार आते हैं तो तुरंत नीचे दिए किसी हेल्पलाइन पर संपर्क करें:
Tele-MANAS (Govt. of India): 14416 / 1800-891-4416 (24×7)
टोल-फ्री मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन किरण पर आप 24X7(1800-599-0019) बात कर सकते हैं।
आप अपने दोस्तों, परिवार या किसी विश्वासपात्र से भी बात कर सकते हैं, बात करना कमज़ोरी नहीं है।
ज्यादा शुगर वाले फूड दिमाग के हैं दुश्मन
ज्यादा शुगर वाला फूड जैसे केक, पेस्ट्री, कोल्ड ड्रिंक, कैन्डी का सेवन न सिर्फ ब्लड शुगर को प्रभावित करता है बल्कि याददाश्त और सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि ज्यादा शुगर का सेवन करने वाले लोगों में कॉग्निटिव डिक्लाइन का खतरा ज्यादा होता है। University of New South Wales की एक रिसर्च के मुताबिक ज्यादा चीनी वाले फूड दिमाग के हिप्पोकैम्पस (Hippocampus) हिस्से में सूजन पैदा करते हैं। ये वो हिस्सा होता है जो सीखने और याददाश्त के लिए जरूरी होता है। चीनी वाले फूड्स का ज्यादा सेवन करने से हिप्पोकैम्पस की नसें कमजोर होने लगती है और सीखने की क्षमता भी प्रभावित होती है।
ट्रांस फैट दिमाग है दुश्मन
ट्रांस फैट (Trans Fat) न केवल आपके दिल का दुश्मन है, बल्कि यह आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को फ्रीज कर सकता है। जब हम समोसे, चिप्स, या बाजार के बिस्कुट खाते हैं, तो यह सीधे हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर हमला करते हैं। ट्रांस फैट फूड जैसे पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, बेक्ड गुड्स का सेवन दिमाग के हिप्पोकैम्पस को नुकसान पहुंचा सकता हैं जिससे अल्जाइमर और डिप्रेशन का खतरा ज्यादा रहता है। न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक जिन लोगों के खून में ट्रांस फैट का स्तर अधिक पाया गया उनके दिमाग का कुल Volume कम था। ट्रांस फैट सीधे हिप्पोकैम्पस की कोशिकाओं में सूजन पैदा करते हैं।
प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट है दिमाग के लिए जहर
ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट जैसे सॉसेज, बैकन, पैकेज्ड मीट प्रोडक्ट्स का सेवन ब्रेन में सूजन बढ़ाते हैं। ये इन्फ्लेमेशन बढ़ाते हैं जो ब्रेन सेल्स को प्रभावित करते हैं। ये फूड माइक्रोबियल बैलेंस बिगाड़कर गट-ब्रेन एक्सिस पर भी असर डालते हैं।
बहुत ज्यादा कैफीन भी है दिमाग का दुश्मन
बहुत ज्यादा कैफीन का सेवन दिमागी सेहत को बिगाड़ सकता है। कैफीन से भरपूर एनर्जी ड्रिंक्स और कॉफी का सीमित सेवन एनर्जी बढ़ाता है लेकिन इनका ज्यादा सेवन एंग्जायटी, नींद की कमी और तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन बढ़ाता हैं। Journal of Clinical Sleep Medicine के अनुसार, सोने से 6 घंटे पहले ली गई कैफीन भी आपकी नींद की क्वालिटी को 1 घंटा कम कर सकती है। नींद की कमी सीधे तौर पर अगले दिन की एंग्जायटी को बढ़ाती है। कैफीन शरीर में ‘स्ट्रेस हार्मोन’ कोर्टिसोल और एड्रेनालिन के स्तर को बढ़ा देती है।
सोडा और शुगर रिच फ्रूट ड्रिंक से करें परहेज
सोडा और शुगर-फ्रूट ड्रिंक, हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप वाले ड्रिंक ब्रेन के ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकते हैं। इसका लम्बे समय तक सेवन करने से दिमाग कमजोर होता है। जर्नल में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी के अनुसार जो लोग रोजाना सोडा या मीठे ड्रिंक्स का सेवन करते हैं उनमें इस्कीमिक स्ट्रोक का खतरा उन लोगों की तुलना में 3 गुना ज्यादा होता है जो इन ड्रिंक का सेवन नहीं करते। इन ड्रिंक में मौजूद हाई शुगर दिमाग की छोटी रक्त वाहिकाओं को (Blood Vessels) सख्त और संकरा बना देती है, जिससे ऑक्सीजन युक्त खून दिमाग के कोनों तक नहीं पहुंच पाता। ये फूड आपके दिमाग में तनाव और घबराहट का कारण बनते हैं।
निष्कर्ष
जंक, प्रोसेस्ड और शुगर से भरपूर फूड हमारी थाली का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इनका असर सिर्फ वजन या पाचन तक सीमित नहीं रहता। ये फूड धीरे-धीरे दिमाग में सूजन बढ़ाकर एंग्जायटी, डिप्रेशन, याददाश्त कमजोर होने और नींद की समस्याओं की वजह बन सकते हैं। रिसर्च साफ तौर पर बताती है कि खराब डाइट गट हेल्थ को बिगाड़ती है और गट हेल्थ के बिगड़ने से ब्रेन हेल्थ भी प्रभावित होती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
