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बुखार कोई भी हो, हरसिंगार के पत्ते जड़ से करेंगे खत्म, जानिए और क्या-क्या हैं फायदे

हरसिंगार को वनस्पति शास्त्र में निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस नाम से जाना जाता है। इसके पत्ते, छाल और फूल चिकित्सकीय गुणों से भरपूर होते हैं।
रातरानी, पारिजात, नाइट जैसमीन जैसे नामों से आम लोगों के बीच जाना पहचाना जाने वाला हरसिंगार अद्भुत औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

हरसिंगार को वनस्पति शास्त्र में निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस नाम से जाना जाता है। रातरानी, पारिजात, नाइट जैसमीन जैसे नामों से आम लोगों के बीच जाना पहचाना जाने वाला हरसिंगार अद्भुत औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसके पत्ते, छाल और फूल चिकित्सकीय गुणों से भरपूर होते हैं। इसके सफेद रंग के फूल दिखने में बेहद खूबसूरत होते हैं। तकरीबन 10-15 फीट की औसत ऊंचाई रखने वाले इस पौधे की पत्तियों को पानी के साथ उबालकर सेवन किया जाता है। तो चलिए, आज हम आपको बताते हैं कि हरसिंगार का सेवन करने से आपको किन-किन बीमारियों से निजात मिल सकती है।

हर तरह के बुखार का रामबाण इलाज – बुखार के प्राकृतिक उपचार में हरसिंगार का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए इसके पत्ते को पीसकर गर्म पानी में मिलाकर पिया जाता है। इससे सामान्य बुखार से लेकर चिकुनगुनिया, डेंगू, इंसेफलाइटिस, ब्रेन मलेरिया तक किसी भी तरह के बुखार को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।

घावों को भरने में – हरसिंगार में घावों को भरने की अद्वितीय क्षमता होती है। इसके पत्तों को पीसकर उसका लेप चोट पर लगाने से घाव जल्दी भरते हैं।

बवासीर के उपचार में – बवासीर के उपचार में हरसिंगार रामबाण औषधि है। इसके एक बीज का सेवन प्रतिदिन करने से बवासीर रोग ठीक हो जाता है। इसके अलावा इसके बीज का लेप बनाकर गुदा पर लगाएंगे तो इससे बवासीर से राहत मिलती है।

सूखी खांसी के उपचार में – हरसिंगार की पत्तियों को पीसकर शहद के साथ सेवन करने से सूखी खांसी में आराम मिलता है। इसके अलावा आप इसकी पत्तियों को चाय के साथ उबालकर भी पी सकते हैं।

दर्द और सूजन के उपचार में – हरसिंगार एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुणों से भरपूर होता है। यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। कई तरह की दर्द निवारक आयुर्वेदिक औषधियों में हरसिंगार के एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है।

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