हमारी आंत को अक्सर दूसरा दिमाग कहा जाता है। पेट और आंतों की सेहत सिर्फ पाचन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह हमारी कुल सेहत पर गहरा असर डालती है। अच्छी गट हेल्थ न केवल पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से कंट्रोल करती है, बल्कि इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा गट हेल्थ का सीधा संबंध मेंटल हेल्थ, स्किन हेल्थ, एनर्जी लेवल और मूड से भी होता है। यही वजह है कि शरीर के इस बेहद जरूरी सिस्टम का हेल्दी रहना हमारी ओवरऑल वेल-बीइंग के लिए जरूरी है।

गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल कानपुर में गैस्ट्रोलॉजिस्ट और एंडोस्कोपिस्ट डॉक्टर वीके मिश्रा के मुताबिक डाइट में कुछ फूड्स का सेवन आपकी गट हेल्थ को बिगाड़ देता है। कुछ फूड्स जैसे जंक फूड और फास्ट फूड्स का सेवन लगातार और लम्बे समय तक करने से आंतों में गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है। प्रिजर्वेटिव्स फूड्स,  फिजिकल एक्टिविटी में कमी, तनाव और नेचुरल चीजों का सेवन नहीं करने से आंत में गुड बैक्टीरिया की संख्या घटती जाती है और आंतों की सेहत कमजोर पड़ने लगती है।

आंतों में कमजोरी होने पर बॉडी में कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे

  • खाने के तुरंत बाद पेट फूलना,पेट में गैस बनना गट हेल्थ कमजोर होने की निशानी है।
  • लगातार कब्ज या दस्त यानी मल त्याग की अनियमितता भी आंत की परेशानी का संकेत है।
  • ज्यादा मीठा खाने की इच्छा होना भी खराब गट की हेबिट है, क्योंकि खराब बैक्टीरिया शुगर पर पलते हैं।
  • स्किन एलर्जी जैसे मुहांसे, एक्जिमा या स्किन पर चकत्ते होना भी खराब गट की निशानी है।
  • हमारी आंतें 90% सेरोटोनिन यानी हैप्पी हार्मोन बनाती हैं, जो नींद के लिए जरूरी है।
  • बेवजह पेट में दर्द होना। बिना मेहनत किए भी एनर्जी की कमी होना भी खराब गट की निशानी है।
  • पेट की खराबी की वजह से अक्सर मुंह की दुर्गंध आती है जो खराब गट का संकेत है।
  • शरीर की 70% इम्यूनिटी आंतों में होती है। अगर आप बार बार बीमार पड़ते हैं तो साफ संकेत है कि आपकी गट बिगड़ रही है।

आंत में गुड बैक्टीरिया कैसे बढ़ाएं

प्रोबायोटिक फूड्स खाएं

आंतों में गुड बैक्टीरिया बढ़ाने के लिए और आंतों की सेहत में सुधार करने के लिए आप डाइट में प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन करें। ये फूड्स नेचुरल तरीके से बॉडी में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और आंतों के माइक्रोबायोम को मजबूत करते हैं। पाचन को दुरुस्त करने के लिए और गट हेल्थ में सुधार करने के लिए आप नियमित रूप से प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन करें। आप दही, केफिर, किमची, कंबुचा (फर्मेंटेड चाय), घर का बना अचार और जापानी फर्मेंटेड सूप का सेवन करें तो आंतों में गुड बैक्टीरिया तेजी से बढ़ेंगे। ये सभी फूड्स पाचन सुधारने के साथ-साथ सूजन और गैस जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद करते हैं।

प्रीबायोटिक फूड खाएं

प्रीबायोटिक गुड बैक्टीरिया के लिए फूड की तरह काम करते हैं। प्रीबायोटिक फूड्स ऐसे फूड होते हैं जिनमें खास तरह का फाइबर होता हैं। ये फाइबर सीधे शरीर में नहीं पचता, बल्कि आंतों तक पहुंचकर वहां मौजूद गुड बैक्टीरिया को पोषण देता हैं। आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए आप डाइट में प्रीबायोटिक फूड्स का सेवन करें।  जब गुड बैक्टीरिया को सही फ्यूल मिलता है, तो पाचन, इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से काम करता हैं। इन फूड्स में आप लहसुन, प्याज, केला, ओट्स, सेब, अलसी के बीज और चिकोरी रूट जैसे प्रीबायोटिक-रिच फूड्स का सेवन करें। इनका सेवन करने से पेट की गैस,कब्ज और ब्लोटिंग से निजात मिलती है।

फर्मेंटेड फूड्स का करें सेवन

फर्मेंटेड फूड्स वे फूड होते हैं जिन्हें फर्मेंटेशन से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में खाने को कुछ समय के लिए रखा जाता है, जहां गुड बैक्टीरिया और यीस्ट उसमें मौजूद शुगर और स्टार्च को तोड़ते हैं और सेहत के लिए उपयोगी गुड बैक्टीरिया विकसित हो जाते हैं, जो गट माइक्रोबायोम को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इडली, डोसा फर्मेंटेड चावल और दाल आंतों के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। इसी तरह भटूरा भी फर्मेंटेड आटे से तैयार किया जाता है, जो सीमित मात्रा में लेने पर गुड बैक्टीरिया को सपोर्ट कर सकता है।

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डिस्क्लेमर

इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।