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ग्रीन टी के फायदे: पाचन तंत्र और मूत्राशय के कैंसर का खतरा होता है कम

एक रिसर्च में यह सामने आया है कि ग्रीन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकते हैं।

ओरल कैंसर के लिए भी ग्रीन टी बहुत फायदेमंद है।

ग्रीन टी अधिकांश लोगों की पसंद होती है। इसके पीछे कारण ये हैं इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें विटामिन सी, पॉलीफेनोल्स के अलावा एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करता है। साथ ही साथ यह फैट को भी कम करता है। ग्रीन टी शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ने से भी रोकती है। ओरल कैंसर के लिए भी ग्रीन टी बहुत फायदेमंद है। आइए जानते हैं ग्रीन टी के फायदे।

ग्रीन टी के सेवन से पाचन तंत्र और मूत्राशय के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। एक रिसर्च में यह सामने आया है कि ग्रीन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक एपिगैलोकैटेचिन एटरेज़ोनम एंटीबायोटिक को स्टोर कर सकता है, जो आमतौर पर बैक्टीरिया के संक्रमण का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। पी. एरुगिनोसा जिसका उपयोग कई वर्षों से एंटीबायोटिक दवाओं के रूप में किया जाता है।

जांच के परिणाम: जांच में यह पाया गया कि एटरेओनम और ईजीसीजी का मिला हुआ रूप पी. एरुगिनोसा को कम करने में सहायक होता है। सरे विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा के स्कूल में पैथोलॉजी और संक्रामक रोगों के विभाग के प्रमुख प्रोफेसर रॉबर्टो ला रागियोन ने कहा, “डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में, स्यूडोमोनस एरुगिनोसा को मानव स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है।”

सीनियर रिसर्च फेलो के प्रमुख लेखक डॉ. जोनाथन बेट्स ने कहा, “एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) कई मामलों में सफल मेडिकल ट्रीटमेंट को प्रभावित करने वाली बढ़ती चिंता है। अब तक का एकमात्र तरीका ईजीसीजी और लाइसेंस प्राप्त एंटीबायोटिक्स का संयोजन हो सकता है।” रिसर्च में दावा किया गया है कि ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करता है। ओरल हेल्थ के लिए भी ग्रीन टी बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेशन पॉलीफेनोल होता है, जो मुंह में उन तत्वों को खत्म करता है जो सांस की समस्या पैदा करते हैं।

इसके अलावा ग्रीन टी शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को भी नियंत्रित करता है और इंसुलिन दवा के हानिकारक प्रभावों को कम करने में भी मददगार साबित होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के मुताबिक ग्रीन टी न केवल टाइप-1 डायबिटीज को कम करती है, बल्कि शरीर पर इसके प्रभाव को भी कम करती है।

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