दुनियाभर में मशहूर Zespri कीवीफ्रूट न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पोषण का भी बेहतरीन स्रोत है। खासतौर पर Green Kiwi और SunGold Kiwi दोनों ही अपनी-अपनी खासियतों के लिए जाने जाते हैं। आज के समय में लोग हेल्दी और न्यूट्रिशन से भरपूर फलों को खाना पसंद करते हैं। कीवी एक ऐसा ही फल है जिसे लोग उसकी न्यूट्रिशन प्रोफाइल और टेस्ट को ध्यान में रखते हुए खाना ज्यादा पसंद करते हैं। यह छोटा सा फल इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और स्किन को हेल्दी रखने में मददगार साबित होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं।

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ विमल झांझर ने बताया कीवी एक ऐसा फल है जो दिल के मरीजों के लिए भी अमृत है। एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर ये फल सेहत को दुरुस्त करता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले ग्रीन और गोल्डन (SunGold) कीवी को लेकर लोगों के मन में अक्सर ये सवाल रहता है कि दोनों में से कौन ज्यादा फायदेमंद है और इनका अंतर क्या है। देखने में अलग, स्वाद में अलग और पोषण में भी हल्का फर्क होने के कारण दोनों की अपनी अलग पहचान है। आइए जानते हैं कि दोनों कीवी की न्यूट्रिशन वैल्यू क्या है और दोनों के स्वाद और गुणों में क्या अंतर है।

ग्रीन कीवी और गोल्डन कीवी में अंतर

ग्रीन कीवी जहां अपने खट्टे-मीठे स्वाद और ज्यादा फाइबर के लिए जानी जाती है, वहीं Sun Gold Kiwi अपनी नैचुरल मिठास, कम खट्टेपन और हाई विटामिन C कंटेंट के कारण खास पसंद की जाती है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इन दोनों को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को संतुलित पोषण मिल सके।

दिखने में क्या है फर्क (Appearance)

Green Kiwi भूरी और हल्की रोएंदार (fuzzy) स्किन की होती है। इसके अंदर हरे रंग का गूदा और काले बीज ज्यादा होते हैं जो इसे स्वाद देते हैं। Green Kiwi का स्वाद खट्टा-मीठा होता है और इसका फ्लेवर ताजगी भरा होता है। Green Kiwi थोड़ा कच्चा मिलता है और इसे कमरे के तापमान पर पकाना पड़ता है। इसे फ्रिज में लगभग 1 हफ्ते स्टोर करके खाया जा सकता है।

Sun Gold Kiwi Fruit दिखने में कैसा है (Sun Gold Kiwi)

SunGold Kiwi Fruit दिखने में स्मूथ और बिना रोयें वाली स्किन का होता है। इसका सुनहरा-पीला गूदा, कम बीज और छोटा आकार होता है। SunGold Kiwi का स्वाद मीठा और ट्रॉपिकल टेस्ट होता है। इसका स्वाद आम और स्ट्रॉबेरी जैसा होता है जिसे छिलके के साथ खाया जा सकता है। इसे खाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है, ताकि पेस्टिसाइड या गंदगी साफ हो सके। SunGold Kiwi आमतौर पर खरीदते समय ही पका हुआ मिलता है। ये फल जल्दी मीठा होता है। इसे फ्रिज में लगभग 2 हफ्ते तक स्टोर किया जा सकता है।

Green Kiwi और Sun Gold Kiwi Fruit के पोषण मूल्य (Nutrition Differences)

पोषक तत्व (Per 2 Kiwi Serving)Green KiwiZespri Sun Gold Kiwi fruit
कैलोरी (Calories)~90 kcal~110 kcal
विटामिन C (Vitamin C)बहुत अधिक (संतरे से ज्यादा)अत्यधिक (संतरे से ~3 गुना ज्यादा)
फाइबर (Fiber)ज्यादाथोड़ा कम
पोटैशियम (Potassium)केले से ज्यादालगभग केले जितना
शुगर (Natural Sugar)कमज्यादा (नेचुरल मिठास अधिक)
फैट (Fat)नगण्यनगण्य
सोडियम (Sodium)बहुत कमबहुत कम
ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI)लो (Low GI)लो (Low GI)
FODMAP स्तरलोलो

Green Kiwi और Sun Gold Kiwi fruit में से किसे चुनें

दोनों ही Low Glycemic Index और Low FODMAP फूड हैं। अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद और ज्यादा फाइबर चाहिए तो आप Green Kiwi का सेवन कर सकते हैं।  अगर मीठा स्वाद और ज्यादा Vitamin C चाहिए तो आप Sun Gold Kiwi का सेवन कर सकते है।

विशेषता (Features)ग्रीन कीवी (Green Kiwi)सनगोल्ड कीवी (SunGold Kiwi)
बाहरी दिखावटभूरी और रोएंदार (Fuzzy) त्वचाचिकनी और बिना रोएं वाली त्वचा
अंदर का रंगचमकीला हरा (Black Seeds)सुनहरा पीला (Fewer Seeds)
स्वाद (Taste)ताज़ा, खट्टा-मीठा (Tangy)बहुत मीठा और ट्रॉपिकल (Sweet)
विटामिन Cउच्च (संतरे से भी ज्यादा)अत्यधिक उच्च (ग्रीन कीवी से भी 3 गुना)
फाइबर (Fiber)ज्यादा (पाचन के लिए बेस्ट)थोड़ा कम (ग्रीन कीवी की तुलना में)
स्टोरेज (Life)कमरे के तापमान पर पकती हैआमतौर पर पकी हुई ही मिलती है
कैसे खाएं?छीलकर खाना बेहतर हैइसे छिलके सहित भी खा सकते हैं

सुरक्षा और सावधानियां

जिन लोगों को ‘लेटेक्स’ (Latex) से एलर्जी है, उन्हें कीवी से भी एलर्जी हो सकती है। कुछ परेशानियों में कीवी का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। कीवी में पोटैशियम और ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है, इसलिए किडनी की पथरी या गंभीर किडनी रोग वाले मरीज डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।