फैटी लिवर ग्रेड 3 को अक्सर एक लाइलाज स्थिति मान लिया जाता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक मेडिकल सुपरविजन और सख्त डाइट कंट्रोल से लिवर की सेहत में सुधार किया जा सकता है। एक 34 साल के पुरुष की रिकवरी स्टोरी इस बात का प्रमाण है। इस पुरुष ने डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए खास डाइट चार्ट को फॉलो किया, जिसमें कुछ चीजों को प्रमुखता से शामिल किया और कुछ चीजों से परहेज किया। पीड़ित ने बताया कि वो शुरुआत में थकान को गंभीरता से नहीं ले रहा था, लेकिन दो साल के अंदर स्थिति बिगड़ गई और उसकी दाहिनी पसलियों के नीचे हल्का लेकिन लगातार दर्द होने लगा। डॉक्टर को दिखाया तो पता लगा कि उसे ग्रेड 3 फैटी लिवर है, जो नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज का सबसे गंभीर चरण होता है।
नारायणा हेल्थ सिटी बेंगलुरु में डायटीशियन इन चार्ज सुपर्णा मुखर्जी ने बताया लिवर में फैट जमा होने पर बॉडी में सूजन बढ़ सकती है। एक्सपर्ट ने बताया 34 साल का युवा जब उनके पास आया तो उसके लिवर एंजाइम बढ़े हुए थे, ट्राइग्लिसराइड्स ज्यादा था और ब्लड शुगर प्री डायबिटिक स्तर पर था। एक्सपर्ट ने बताया वो ज्यादा लापरवाह नहीं था, लेकिन छोटी-छोटी आदतों जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, छिपी हुई शुगर, कम शारीरिक गतिविधि और नियमित सॉफ्ट ड्रिंक्स के सेवन ने धीरे-धीरे उसके लिवर को खतरे में डाल दिया। आइए एक्पर्ट से जानते हैं कि इस स्थिति में लिवर के लिए कौन सा खतरा बढ़ जाता है और इस शख्स को डॉक्टर ने कौन सी डाइट बताई जिससे उसका ग्रेड 3 फैटी लिवर रिवर्स हो गया।
ग्रेड 3 फैटी लिवर में कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ता है?
एक्सपर्ट ने बताया इस स्टेज पर लिवर का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा फैट से भर सकता है, जिससे सूजन, फाइब्रोसिस और सिरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। एक्सपर्ट ने बताया हालांकि यह स्थिति गंभीर है, लेकिन लिवर में खुद को ठीक करने की अद्भुत क्षमता होती है। गंभीर फैटी लिवर को ठीक करने के लिए ट्रेंडी डाइट नहीं, बल्कि सही न्यूट्रिशन थेरेपी की जरूरत होती है। फैटी लिवर को कंट्रोल करने के लिए कैलोरी को कंट्रोल करना सबसे पहला काम है। रोजाना डाइट से 500 से लेकर 1000 कैलोरी तक को कम करें, ताकि हर हफ्ते लगभग आधा से एक किलो वजन सुरक्षित तरीके से कम हो सके। रिसर्च बताती है कि जब शरीर का 7–10% वजन कम होता है, तभी लिवर असल में ठीक होना शुरू करता है।
किन फूड्स के सेवन से युवा का लिवर हुआ फैटी
34 साल का युवा दिन भर खराब डाइट का सेवन करता था। देर रात खाना खाना, दिन में कई बार मीठी चाय पीना, लम्बे समय तक बैठे रहना और एनर्जी ड्रिंक का अधिक सेवन करना उसके वजन बढ़ने और लिवर के फैटी होने का कारण बना। इस डाइट की वजह से युवक का दो साल में करीब आठ किलो वजन बढ़ गया।
फैटी लिवर (मेडिटेरेनियन-स्टाइल इंडियन) डाइट चार्ट
| समय | क्या खाएं | पोषण फोकस |
| सुबह खाली पेट | गुनगुना पानी + नींबू + 5–6 भीगे बादाम | डिटॉक्स + हेल्दी फैट |
| नाश्ता | वेज ओट्स / दलिया / मिलेट उपमा + ग्रीन टी/ब्लैक कॉफी | कॉम्प्लेक्स कार्ब + फाइबर |
| मिड-मॉर्निंग | 1 फल (सेब/पपीता) या नारियल पानी | फाइबर + एंटीऑक्सीडेंट |
| लंच | 1–2 रोटी (मल्टीग्रेन/बाजरा) या ब्राउन राइस + दाल/चना + सब्जी + सलाद | बैलेंस्ड (कार्ब + प्रोटीन + फाइबर) |
| शाम स्नैक | ग्रीन टी/ब्लैक कॉफी + अखरोट/बीज | हेल्दी फैट + हल्का प्रोटीन |
| एक्सरसाइज | 30–60 मिनट वॉक/हल्की एक्सरसाइज | मेटाबॉलिज्म सुधार |
| डिनर | वेज सूप + पनीर/टोफू या 1–2 रोटी + हल्की सब्जी | लो कार्ब + प्रोटीन |
| सोने से पहले | हल्दी वाला लो-फैट दूध (optional) | रिकवरी |
| इन फूड्स को करें डाइट में शामिल | |
| फूड ग्रुप | उदाहरण |
| साबुत अनाज | ओट्स, मिलेट्स, ब्राउन राइस |
| प्रोटीन | दाल, चना, पनीर, टोफू |
| हेल्दी फैट | अखरोट, अलसी, चिया सीड्स |
| सब्जियां | हरी पत्तेदार सब्जियां |
| ड्रिंक्स | बिना शक्कर की कॉफी |
इन फूड्स को बिल्कुल बंद करें
| फूड | कारण |
| चीनी, मिठाई | फैट बढ़ाती है |
| सॉफ्ट ड्रिंक, जूस | हाई फ्रक्टोज |
| तला हुआ खाना | लिवर पर दबाव |
| प्रोसेस्ड फूड | खराब फैट और केमिकल |
लाइफस्टाइल में किया बदलाव
फैटी लिवर को कंट्रोल करने के लिए युवक ने बॉडी को एक्टिव करने पर जोर दिया। डॉक्टर ने बताया फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए डाइट के साथ-साथ शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। उसने शुरुआत हल्की वॉक से की और धीरे-धीरे रोज करीब एक घंटे तक चलने लगा। बाद में हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जोड़ी। यह बहुत कठिन नहीं था, लेकिन नियमितता ही सबसे अहम साबित हुई।
एक्सपर्ट ने बताया लिवर के फैट को कंट्रोल करने के लिए प्रोसेस और रिफाइंड फूड से परहेज करें। डाइट में फाइबर का सेवन ज्यादा करें तो आंतों की सेहत में सुधार हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया इस शख्स ने अपना मोटापा को कंट्रोल करने के लिए AI द्वारा सुझाई गई डाइट अपनाई, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। फैटी लिवर का इलाज मुख्य रूप से पोषण पर आधारित होता है, लेकिन इसके लिए अनुशासित और वैज्ञानिक तरीके की जरूरत होती है, न कि किसी शॉर्टकट की।
3 महीने में बॉडी में कौन कौन से दिखे बदलाव
डॉक्टर ने बताया कि 34 साल के युवा ने लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव किया तो 3 महीने में ही उसकी बॉडी पर असर दिखने लगा। उसका एनर्जी का स्तर बढ़ने लगा और खाने के बाद भारीपन की समस्या कंट्रोल हुई। ब्लड टेस्ट में लिवर एंजाइम कम होने लगे। छह महीने में उसने करीब छह किलो वजन कम कर लिया और रिपोर्ट में फैटी लिवर की स्थिति में सुधार दिखा। लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर भी सामान्य होने लगे। नौ महीने में बदलाव साफ दिखने लगा और एक साल के भीतर उसका लिवर लगभग नॉर्मल हो गया।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरूकता और सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए है। लेख में बताए गए डाइट चार्ट और अनुभव व्यक्तिगत सुधार पर आधारित हो सकते हैं। ग्रेड 3 फैटी लिवर एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, इसलिए किसी भी आहार या घरेलू उपचार को अपनाने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। जंसत्ता इस जानकारी की सटीकता या इसके प्रभावों की जिम्मेदारी नहीं लेता है।
