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फ्लैक्स सीड से लेकर स्ट्रॉबेरी तक हाइपो थायरॉयड में करते हैं नुकसान, जानिये किनसे परहेज है जरूरी

Thyroid Patients Diet: इन मरीजों को अलसी के बीज या फिर इससे बने तेल का कम से कम उपयोग करना चाहिए।

thyroid disease, thyroid diet, thyroid treatment, TSH, T3, T4, Hypothyroidअगर आप इस बीमारी से जुड़ी कोई भी दवाई ले रहे हैं तो ये फल दवाई के प्रभाव को कम कर देते हैं

Tips for Thyroid Patients: पहले जो बीमारियां उम्रदराज लोगों को अपनी चपेट में लेती थी, उनसे आज व्यस्क और किशोर भी ग्रस्त हो जाते हैं। इन्हीं बीमारियों में से एक है हाइपो थायरॉयड। लापरवाह जीवन-शैली और अनहेल्दी खानपान के कारण ज्यादातर लोग थायरॉयड की बीमारी से परेशान होते हैं। ये बीमारी दो प्रकार की होती है –  हाइपो थायरॉयड और हाइपर थायरॉयड। इनमें से हाइपो थायरॉयड ज्यादातर मरीजों को अपना शिकार बनाती है। इसे अंडरैक्टिव थायरॉयड भी कहा जाता है। ह्यूमन एक्टिविटीज के लिए थायरॉयड ग्लैंड से निकलने वाला हार्मोन थायरॉक्सिन सीमित मात्रा में जरूरी है। लेकिन इस स्थिति में शरीर में इस हार्मोन की कमी हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बना लें –

फ्लैक्स सीड या अलसी के बीज: आमतैर पर अलसी के बीजों को स्वास्थ्य संबंधी फायदों के लिए जाना जाता है। हृदय रोग, डायबिटीज, किडनी रोग जैसे न जाने कितनी घातक बीमारियों के प्रभाव को कम करने में फ्लैक्स सीड कारगर है। लेकिन हाइपो थायरॉयड के मरीजों के लिए इसका सेवन बेहद नुकसानदायक हो सकता है।

इन मरीजों को अलसी के बीज या फिर इससे बने तेल का कम से कम उपयोग करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मौजूद साइनोजेन की अधिकता शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। वहीं, इसके सेवन से मरीजों में गॉयटर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्ट्रॉबेरी: थायरॉयड के मरीजों को स्ट्रॉबेरी व आडू के सेवन से भी बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दोनों ही फल शरीर में आयरन के एब्जॉर्पशन में बाधा उत्पन्न करते हैं। इससे थायरॉयड का फंक्शन भी प्रभावित होता है। इसके अलावा, अगर आप इस बीमारी से जुड़ी कोई भी दवाई ले रहे हैं तो इन दोनों फलों के सेवन से दवाइयों का असर कम होने के आसार रहते हैं।

सोया उत्पाद: प्रोटीन का बेहतर स्रोत माना जाने वाला सोयाबीन ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। हालांकि, थायरॉयड मरीजों को सोयाबीन या फिर इससे बने किसी भी उत्पाद जैसे सोया चाप, सोया बड़ी या फिर सोया मिल्क के सेवन से परहेज करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा सोया खाने से हाइपो थायरॉइडिज्म का खतरा बढ़ता है।

चाय-कॉफी: थायरॉयड के मरीजों को चाय-कॉफी कम पीने की सलाह दी जाती है, खासकर दवा खाने के बाद तो कॉफी पीने से परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये पेय पदार्थ थायरॉयड की दवाइयों को निष्प्रभावी बनाने का काम करती हैं। इससे मरीजों का ब्लड शुगर अचानक से बढ़ सकता है। साथ ही, थायरॉयड ग्लैंड भी प्रभावित होता है और लोगों में सूजन की समस्या भी देखने को मिलती है।

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