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दालचीनी से लेकर हल्दी तक, हार्ट पेशेंट्स के लिए रामबाण से कम नहीं है ये 5 घरेलू आहार

Diet Tips for Heart Patients: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अनार में ग्रीन टी की तुलना में तीन गुना अधिक एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होता है।

Heart Disease, heart disease causes, heart disease definition, heart disease treatmentहार्ट के मरीजों को सांस लेने में समस्या होने लगती है या फिर सीने में तेज दर्द होने लगता है।

Tips for Heart Patients: एक रिपोर्ट की मानें तो पिछले 25 सालों में देश में दिल के मरीज लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं। खराब लाइफस्टाइल, धूम्रपान और जंक फूड्स की लत हृदय को कमजोर बनाती है। ऐसे में ये कहना कतई गलत नहीं होगा कि भारत में हृदय रोग और स्ट्रोक्स से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस के दौरान हार्ट पेशेंट्स में तनाव की स्थिति बनी रहती है जो उनकी सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। आमतौर पर यह समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में देखने को मिलती है। हार्ट के मरीजों को सांस लेने में समस्या होने लगती है या फिर सीने में तेज दर्द होने लगता है। ऐसे में मरीजों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए और डाइट में इन घरेलू चीजों को शामिल करें।

अनार: अनार में एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होता है, जिसका नाम प्युनिकालगिन है। इस तत्व में एक खास क्षमता होती है जो शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में मददगार है। साथ ही, लिपिड ऑक्सीडेशन की मात्रा में कमी आती है। ऐसे में हृदय रोग का खतरा कम होता है और जो हार्ट के मरीज हैं उन्हें दूसरी बीमारियां जल्दी नहीं होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अनार में ग्रीन टी की तुलना में तीन गुना अधिक एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होता है।

लहसुन, दालचीनी और हल्दी: अपनी डाइट में कच्चा लहसुन शामिल करने से इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट ‘ऐलिसिन’ शरीर में सकारात्मक प्रभाव डालता है।  इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। बता दें कि हाई बीपी हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है। वहीं, अगर आप ग्रीन टी या हर्बल टी का सेवन करते हैं, तो उसमें दालचीनी और तुलसी डालें। इससे दिल के मरीजों को फायदा होगा। वहीं, हल्दी में कर्क्यूमिन पाया जाता है जो कि एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुणों से भरपूर होता है।

साबुत अनाज: ओट्स, गेहूं का आटा, दलिया जैसे साबुत अनाज और रागी, जवार और बाजरा जैसे आहारों में फाइबर, विटामिन्स और स्टैनॉल्स पाए जाते हैं। ये सभी फूड आइटम्स कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करते हैं और शरीर पर पॉजिटिव प्रभाव डालते हैं।

फैटी फिश: सारडाइन्स, मैकेरल, वाइल्ड सालमन जैसे फैटी फिश को हृदय रोगियों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इससे बॉडी में ओमेगा 3 फैटी एसिड की पूर्ति होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के सुझाव के अनुसार सप्ताह में 2 बार मछली खाने से दिल स्वस्थ रहता है।

बेरीज: नीली, काली, गुलाबी और लाल रंग की बेरीज में प्रचुर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। साथ ही, इसमें दूसरे जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं। ऐसे में लोग चेरीज, स्ट्रॉबेरीज, जामुन, ब्लैकबेरीज और लाल अंगूर को अपनी डाइट में शामिल करें।

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