बार बार चक्कर आना, कहीं किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर

चक्कर आना ‘वर्टिगो’ होने का साइन भी हो सकता है। वर्टिगो में लोग सिर घुमने जैसा महसूस करते है। ये फीलिंग कुछ सेकेंड से लेकर कई दिनों तक रह सकती है।

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चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं (Photo-Getty/Thinkstock)

आपने अक्सर सुना होगा कि कई लोग बिस्तर से अचानक खड़े होने पर चक्कर आने जैसा महसूस करते हैं। ऐसा भी होता है कि जब किसी को चक्कर आने जैसा महसूस होता है तो उनका संतुलन बिगड़ जाता है। भला, ऐसा क्यों होता है और इसका कारण क्या है? हीरानंदानी अस्पताल और वाशी-ए फोर्टिस नेटवर्क अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ पवन ओझा कहते हैं कि चक्कर आने का मतलब बेहोशी, शरीर का खराब बैलेंस और यहां तक ​​कि मिर्गी भी हो सकता है।

चक्कर आना ‘वर्टिगो’ होने का साइन भी हो सकता है। वर्टिगो में लोग सिर घुमने जैसा महसूस करते है। ये फीलिंग कुछ सेकेंड से लेकर कई दिनों तक रह सकती है। डॉक्टर के अनुसार, वर्टिगो आमतौर पर वेस्टिबुलर सिस्टम की बीमारी के वजह से होता है। कान के अंदर वेस्टिबुलर सिस्टम हमारे शरीर से सिर की पोज़ीशन महसूस करने में मदद करता है। ये शरीर की पोज़ीशन सही रखने के लिए दिमाग के साथ तालमेल बनाता है। वर्टिगो होने की वजह वेस्टिबुलर तंत्रिका के कुछ हिस्सों में बीमारी होना हो सकता है।

कितनी बड़ी है समस्या

दरअसल, कान के अन्दर और उसकी तंत्रिका कमी से संबंधित रोग कम चिंताजनक माने जाते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि अक्सर सबसे गंभीर चक्कर का कारण वर्टिगो होता है और इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। हालांकि चक्कर आने की एक और महत्वपूर्ण वजह ‘वेस्टिबुलर न्यूरिटिस’ है जो वायरल इनफेक्शन या वेस्टिबुलर तंत्रिका में ऑटोइम्यून बीमारी से होता है। डॉ ओझा बताते है कि इस बीमारी में चक्कर, मितली या उल्टी कई दिनों तक आ सकती है। 

क्या है इसका लक्षण-

इसके लक्षणों में तेज़ सिरदर्द, लगातार उल्टी और असंतुलन, चीज़ों का दोहरा दिखना, देखने में समस्या आना, अचानक से सुनाई न देना और ब्रेन स्ट्रोक आदि शामिल हैं। साथ ही हाथ या पैर में कमजोरी, चेहरा एक तरफ झुकना और बोलने या खाना निगलने में परेशानी होना भी चक्कर आने के लक्षणों में शामिल है। 60 वर्ष या उससे अधिक की आयु वाले वैसे लोग, जो मधुमेह, हाई ब्लूडप्रेशर, हार्ट की बीमारी या ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। 

जानें इसका उपचार-

सावधानियों के बारें में डॉ ओझा कहते है कि सोडियम का लेना कम करें, कैफीन, चॉकलेट, शराब और तंबाकू से बचें। लगातार चक्कर आना किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है, जैसे- ब्रेन ट्यूमर, मस्तिष्क या गर्दन में चोट। ऐसा होने की स्थिति में सर्जिकल उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

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