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शुगर के मरीजों में ज्यादा होता है फ्रैक्चर का खतरा, High Blood Sugar से कमजोर हो सकती हैं हड्डियां

High Blood Sugar and Osteoporosis: अनियंत्रित रक्त शर्करा का स्तर शरीर में बोन सेल्स के फॉर्मेशन को रोकते हैं जिससे हड्डियां कमजोर रह जाती हैं

टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों की बोन क्वालिटी बेहद कमजोर होती है और इससे हड्डियों की ये बीमारी हो जाती है

Diabetes and Bone Health: आज के व्यस्त जीवन में हल्के-फुल्के स्वास्थ्य समस्याओं को कई लोग नजरअंदाज करते हैं। मगर यही छोटी-छोटी दिक्कतें कई बार विकराल रूप धारण कर लेती हैं। बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं। लेकिन जवानी में अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इस स्वास्थ्य समस्या को टाला जा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार शुगर लेवल बढ़ने से भी हड्डियों से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं। जर्नल डायबिटीज केयर में छपी स्टडी के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज से जो मरीज लंबे समय से पीड़ित हैं, उनमें फ्रैक्चर का खतरा अधिक होता है।

क्या लिखा है शोध में: इस लेख के मुताबिक शरीर में रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि उन कुछ कारकों में शामिल है जो लोगों में फ्रैक्चर के खतरे को बढ़ाता है। वहीं, कुछ शोध में ऐसा जिक्र भी मिलता है कि डायबिटीज से ग्रस्त महिलाएं जिनकी उम्र 40 से अधिक हो, उनमें नॉन वर्टीब्रल फ्रैक्चर का खतरा 30 फीसदी बढ़ जाता है। वहीं, सामान्य लोगों की तुलना में मधुमेह रोगियों को कुल्हे में फ्रैक्चर का जोखिम 82 परसेंट तक ज्यादा हो जाता है।

ऑस्टियोपोरोसिस का होता है खतरा: नैशनल रिसोर्स सेंटर के लेख के मुताबिक टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों की बोन क्वालिटी बेहद कमजोर होती है और इससे हड्डियों की ये बीमारी हो जाती है। इसके अनुसार लंबे समय से इस बीमारी से पीड़ित मरीजों, अनियंत्रित रक्त शर्करा और जो लोग इंसुलिन लेते हैं उनमें इस बीमारी का खतरा अधिक होता है।

हड्डियों को कैसे प्रभावित करता है हाई ब्लड शुगर: अनियंत्रित रक्त शर्करा का स्तर शरीर में बोन सेल्स के फॉर्मेशन को रोकते हैं जिससे हड्डियां कमजोर रह जाती हैं। वहीं, ऐसे मधुमेह रोगी जिनका किडनी डैमेज हो चुका हो, उनके शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है जिससे हड्डियां प्रभावित होती हैं। इसके अलावा, कई दवाइयां जो शुगर लेवल कंट्रोल करने में सहायक हैं, उनके सेवन से साइड इफेक्ट के कारण हड्डियों को नुकसान हो सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान: बोन मास और डेंसिटी को बेहतर करने के लिए डाइट, शारीरिक गतिविधियां और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना बेहद आवश्यक है। इससे हड्डियां तो मजबूत रहेंगी ही, साथ में शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहेगा। डाइट में विटामिन डी, ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और जिंक युक्त भोजन करने से हड्डियां मजबूत होंगी और ये फूड्स शुगर लेवल भी नियंत्रित होता है।

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