ताज़ा खबर
 

दांत और मसूड़ों की मजबूती के लिए रामबाण माने जाते हैं तिल, रोज़ इस तरह करें इस्तेमाल

Oral Health Tips/Toothache Remedies: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दांतों की देखभाल के लिए सिर्फ ब्रश करना ही काफी नहीं है

dental problems, toothache, teeth problems, teeth problems home remediesतिल में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं जो दांतों और मसूड़ों की हड्डियों को मजबूत करने में मददगार हैं

Home Remedies for Toothache: फिजिकल हेल्थ के साथ ही ओरल हेल्थ का ख्याल रखना भी जरूरी है। इस ओर ध्यान नहीं देने से दांत व मसूड़ों से संबंधी परेशानियां होने लगती हैं। उम्र के किसी न किसी पड़ाव पर दांत का दर्द लोगों को परेशान करता ही है। ओरल हाइजीन का पालन नहीं करने से सिर्फ दांतों में दर्द ही नहीं, उनमें पीलापन, कीड़ा लगना और मसूड़ों में सूजन भी हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि कई बार कुछ ठंडा-गर्म खा लेने से तो कभी किसी इंफेक्शन की वजह से लोग दांत दर्द की समस्या से जूझते हैं। परेशानी तब ज्यादा बढ़ जाती है जब इसके प्रभाव से कई बार सिर व कान में भी दर्द होने लगता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दांतों की परेशानी को दूर करने के लिए सफेद या भूरे तिल का इस्तेमाल कारगर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे –

आयुर्वेद में माना जाता है खास: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दांतों की देखभाल के लिए सिर्फ ब्रश करना ही काफी नहीं है। इन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को खाने की भी जरूरत होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सुबह-सुबह भुने हुए तिल को दांत मजबूत होते हैं और मसूड़ों में सड़न नहीं होती है। उनका मानना है कि इन्हें चबाने के बाद किसी सॉफ्ट टूथब्रश से दांतों को एक बार फिर ब्रश करें। इन्हें किसी टूथपेस्ट या टूथपाउडर के बगैर इस्तेमाल करना चाहिए।

किस तरह करें इस्तेमाल: तिल को हल्का भुन लें और फिर नियमित रूप से इनका सेवन करें। बता दें कि सिर्फ आयुर्वेद में ही नहीं बल्कि साइंटिफिक कारणों से भी इसे खास माना गया है। तिल में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं जो दांतों और मसूड़ों की हड्डियों को मजबूत करने में मददगार हैं। साथ ही, प्लेक को हटाने में भी ये कारगर हैं।

इन घरेलू उपायों का भी कर सकते हैं इस्तेमाल: दांतों में दर्द व अन्य तकलीफ को दूर करने में नमक-पानी का कुल्ला बेहद कारगर हो सकता है। इसके प्रभाव से मसूड़ों में सूजन की परेशानी दूर होती है। वहीं, इससे बचने के लिए लौंग के तेल का इस्तेमाल भी लाभकारी होगा। इसमें यूजिनॉल पाया जाता है जो प्राकृतिक एनेस्थेटिक की तरह कार्य करता है। इसके अलावा, लहसुन भी ओरल हेल्थ के लिए जरूरी है। इसमें एलिसिन नामक एंटी-बैक्टिरियल तत्व होता है जो दांत के दर्द को कम करता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को मारकर यह दातों को कैविटीज और दर्द से बचाते हैं।

Next Stories
1 ब्लड में ज्यादा यूरिक एसिड बन सकता है शरीर के लिए खतरा, इन हरे पत्तों को खाने से रहेगा काबू
2 इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर पाचन सुधारने तक में मददगार है तुलसी, जानें खाली पेट इसे खाने के लाभ
3 बवासीर के मरीजों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जानें पाइल्स के लक्षण व बचाव के उपाय
यह पढ़ा क्या?
X