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जूते-चप्पल भी Diabetes को करते हैं प्रभावित, जानिये मरीजों के लिए कैसे फुट वियर्स हैं सही

Foot wears for Diabetes Patients: डायबिटीज के मरीज को वैसे चप्पल का चुनाव करना चाहिए जो शरीर के वजन को समान रूप से डिस्ट्रिब्यूट करें

diabetes, footwear for diabetic foot, diabetes precautionsइन जूते-चप्पलों के कठोर सोल्स (soles) पैरों को सही ढ़ंग से सपोर्ट प्रदान नहीं कर पाते हैं

Tips for Diabetes Patients: शरीर में जब पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है तो लोग डायबिटीज की समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हर साल लगभग 1.6 मिलियन लोगों की जान डायबिटीज के कारण जाती है। वहीं, उसका दावा है कि साल 2030 तक दुनिया में ये बीमारी 7वीं सबसे घातक बीमारी बन जाएगी। शरीर में जब ब्लड ग्लूकोज की मात्रा अनकंट्रोल्ड हो जाती है तब डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। मधुमेह एक जीवन शैली से जुड़ी हुई बीमारी है जिसमें एक स्ट्रिक्ट डाइट प्लान को फॉलो करने, एक्सरसाइज और स्लीपिंग पैटर्न पर ध्यान देने की जरूरत होती है। लेकिन क्या Foot wears भी इस बीमारी को कम करने में मददगार होते हैं, आइए जानते हैं-

डायबिटीज कैसे करता है शरीर को प्रभावित: हाई ब्लड शुगर के मरीजों के शरीर के कई हिस्से इससे प्रभावित होते हैं। इन मरीजों में किडनी, लिवर, पैनक्रियाज, इंटेस्टाइन, गॉल ब्लैडर, स्प्लीन जैसे महत्वपूर्ण अंगों के डैमेज होने का खतरा अधिक रहता है। इन अंगों के प्रभावित होने के कारण शरीर में ब्लड फ्लो वेलॉसिटी और ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है। बता दें कि डायबिटीज के मरीजों के शरीर में छोटे-छोटे ब्लड वेसल्स डैमेज हो जाते हैं। ऐसे में जब किडनी के ब्लड वेसल्स भी इससे प्रभावित होते हैं तो किडनी खून में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सक्षम नहीं रह जाती है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही चप्पल पहनने से डायबिटीज के मरीजों को मदद मिल सकती है।

फुट वियर्स पर ध्यान देना क्यों है जरूरी: पहले के समय में कई लोग हरी घास जैसे नरम सतहों पर नंगे पैर चला करते थे। इससे पैर, घुटने और पीठ हेल्दी रहते थे। लेकिन आज के समय में जब लोग दिन भर में 3 हजार कदम भी नहीं चलते हैं, वो भी हार्ड सर्फेस पर और गलत तरह के फुट वियर्स के साथ। इन जूते-चप्पलों के कठोर सोल्स (soles) पैरों को सही ढ़ंग से सपोर्ट प्रदान नहीं कर पाते हैं। इससे शरीर के साथ पैरों के प्राकृतिक संबंध लगभग खत्म हो जाता है। यही कारण है कि शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में रुकावट पैदा होती है। कई डॉक्टर्स इस बात को मानते हैं कि आप जिस तरह के फुट वियर्स का इस्तेमाल करते हैं, वो आपके स्वास्थ्य को दर्शाता है।

डायबिटीज के मरीज किन चप्पलों का करें चुनाव: डायबिटीज के मरीज को वैसे चप्पल का चुनाव करना चाहिए जो शरीर के वजन को समान रूप से वितरित करके पैर के दबाव को कम करते हैं। इसके अलावा, जो फुट वियर कुशन कम्फर्ट के साथ डिजाइन किये गए हों, उन्हें भी पहन सकते हैं। इनका इस्तेमाल करने से टखने और एड़ी को सपोर्ट मिलता है और प्रेशर पॉइंट्स में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है। जूते-चप्पलों का साइज भी बेहद अहम है। सही साइज के फुट वियर्स को पहनना चाहिए ताकि पैर में होने वाले घाव और छालों से बचा जा सके। ऐसा इसलिए क्योंकि इन मरीजों की हीलिंग क्षमता कम होती है।

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