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नवरात्रि के बाद डायबिटीज के मरीजों को खान-पान में इन बातों को जरूर रखना होगा ध्यान

भारत में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या लगभग 7.2 करोड़ है और 2025 तक यह 13.4 करोड़ होने की संभावना है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को नवरात्रि के उपवास के बाद सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए।

नवरात्रि के बाद डायबिटीज के रोगी खाने का रखें विशेष ख्याल

नवरात्रि के नौ दिनों के उपवास के बाद वक्त है सामान्य दिनचर्या में लौटने का। ऐसे में आपको अपने खान-पान का विशेष ख्याल रखना जरुरी होता है। नवरात्रि में उपवास रखने की प्रक्रिया शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मददगार होती है। हालांकि डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए अनियमित उपवास और उपवास के बाद कुछ भी खा लेना हानिकारक हो सकता है। बहुत सारे लोग उपवास के बाद त्यौंहार पर बनने वाले पकवान खा लेते हैं, बिना इस बात को सोचे कि ऐसा करना उनके लिए हानिकारक हो सकता है। भारत में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या लगभग 7.2 करोड़ है और 2025 तक यह 13.4 करोड़ होने की संभावना है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि के बाद डायबिटीज के मरीजों को खान-पान में किन बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है।

नियमित अंतराल में खाएं-
डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह जरुरी है कि वे नियमित अंतराल में कुछ ना कुछ जरुर खाते रहें ताकि ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बना रहे। उपवास खत्म होने के बाद यदि वे हाई-कैलोरी फूड खा लेते हैं तो यह उनके लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। सही तरह से खाना ना खाने पर ब्लड शुगर का स्तर असामान्य रुप से घटता-बढ़ता रहता है जिससे मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ता है। पर्याप्त मात्रा में पानी ना पीने से डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइटअसंतुलन और हाइपोटेंशन की समस्याएं भी पैदा हो जाती है। डायबिटीज के मरीजों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहना चाहिए और 9 दिन के उपवास के बाद भी तला-फला और फैट युक्त अस्वास्थ्यवर्धक खाना नहीं खाना चाहिए।

उपवास के बाद क्या पीएं-
उपवास के दौरान और उपवास के बाद शरीर में पानी की कमी ना होने दें। नारियल पानी, नींबू पानी, मिल्क स्मूदी आदि थोड़े-थोड़े समयान्तराल पर पीते रहे ताकि शरीर हाइड्रेट बना रहे और आपका पेट भरा रहे।

उपवास के बाद क्या करें और क्या ना करें-

  • उपवास के दौरान और उपवास के बाद भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
  • दवाओं का सेवन करना बंद ना करें।
  • रोजाना ब्लड शुगर का स्तर मापें।
  • नारियल पानी, ग्रीन टी, छाछ, नींबू पानी का सेवन करते रहें।
  • बहुत ज्यादा मीठे पेय पदार्थों का सेवन ना करें।
  • व्रत में बनने वाले मीठे और नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें।
  • व्रत के बाद बनने वाले तले-भुने पकवानों का सेवन ना करें।
  • आसानी से पचने वाले हल्के खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • सफेद की बजाय काले नमक का सेवन करें।
  • फलों और सब्जियों का सेवन अधिक करें।

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