बढ़ते वजन का सबसे ज्यादा असर हमारी लोअर बॉडी में दिखता है। लोअर बॉडी से मतलब है हमारी कमर, जांघों और कूल्हों पर फैट जमने से है। इन जगहों का फैट ज्यादा जिद्दी होता है जिसे घंटों जिम करने के बाद भी आसानी से बर्न नहीं किया जा सकता। योग एक्सपर्ट के मुताबिक लोअर बॉडी फैट को सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज से नहीं घटाया जा सकता, इसके लिए कुछ खास योगासन जरूरी हैं जो इन हिस्सों की मांसपेशियों पर सीधा दबाव डालते हैं। 

महिलाओं में लोअर फैट बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। अगर आप भी कूल्हे कमर और जांघों के फैट से परेशान हैं तो आप योग और आयुर्वेद को अपनाएं। योग की मदद से आप जिद्दी फैट को नैचुरल तरीके से कम कर सकते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा रामदेव के मुताबिक सुबह तेज चलना और कुछ देर योग करना आपके लोअर फैट को कंट्रोल करने के लिए जरूरी हैं। इन योग के साथ ही कुछ आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन भी आपके लोअर फैट को कंट्रोल कर सकता है। आइए जानते हैं कि लोअर फैट कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन से योगासन करें।

स्क्वाट कीजिए

स्क्वाट एक ऐसा योगाभ्यास है जिसे करने के लिए  पूरा नीचे बैठना और पूरा ऊपर आना होता है। ये अभ्यास थाई, जंघों और कूल्हों का फैट बर्न करने में असरदार साबित होता है।  इसे धीरे-धीरे 50 से 100 बार करें तो लोअर बॉडी के मसल्स मजबूत होंगे और आपकी कूल्हों और थाई की चर्बी भी कम होगी। ये योगासन लोअर बॉडी का शेप बेहतर करता है, मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है।

मर्कटासन (Markatasana) है जरूरी

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा राम देव ने बताया कमर, थाई और बटॉक्स फैट को कंट्रोल करने के लिए आप मर्कटासन कीजिए। ये योगाभ्यास शरीर को रिलैक्स करता है। मर्कटासन एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी योगासन है, जिसमें शरीर को दाएं-बाएं मोड़कर रीढ़ और कमर को सक्रिय किया जाता है। मर्कटासन में शरीर को मोड़ने से कमर और हिप्स की मसल्स स्ट्रेच होती हैं। यह स्ट्रेच फैट टिश्यू को एक्टिव करती है, जिससे इन हिस्सों में जमा चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

लुढ़कने वाला अभ्यास (Rolling Movement) कीजिए

इस अभ्यास में शरीर को हल्के-हल्के इधर-उधर लुढ़काया जाता है। ये अभ्यास जांघ और कूल्हों की चर्बी को लूज करने में मदद करता है। जब शरीर को बार-बार इधर-उधर लुढ़काया जाता है, तो जांघ और कूल्हों में जमी चर्बी पर हल्का दबाव पड़ता है। इससे फैट टिश्यू ढीले होते हैं और जमी हुई चर्बी धीरे-धीरे बर्न  होने लगती है।

बैठकर या लेटकर पैर हिलाने का अभ्यास

लेटकर या बैठकर पैरों को ऊपर-नीचे हिलाना थाई फैट को कम करने का आसान तरीका है। यह अभ्यास ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर करता है। इस अभ्यास की मदद से पैरों में जमा फैट और जकड़न कंट्रोल रहती है।

एक्सपर्ट की राय

योग एक्सपर्ट डॉक्टर हंसा योगेंद्र के अनुसार इन आसनों को सुबह खाली पेट करने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और फैट बर्निंग प्रोसेस 2 गुना बढ़ जाता है।

रिसर्च से समझें कैसे योगासन लोअर बॉडी फैट कंट्रोल करते हैं?

Journal of Physical Therapy Science की एक रिसर्च के मुताबिक जो लोग नियमित योगासन करते हैं, उनके शरीर में HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और Triglycerides कम होता हैं। लोअर बॉडी में फैट जमा होने का एक बड़ा कारण वहां खराब रक्त संचार और लिम्फैटिक फ्लूइड का रुकना होता है। बाबा रामदेव द्वारा बताए गए चक्की चलासन या  स्थित कोणासन जैसे आसन पेल्विक एरिया और जांघों में ब्लड फ्लो को तेज करते हैं। बेहतर सर्कुलेशन से वहां जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और फैट सेल्स टूटने लगते हैं। जांघों और कूल्हों का फैट जिद्दी(Stubborn Fat) फैट कहलाता है, क्योंकि यहां Alpha-receptors ज्यादा होते हैं जो फैट रिलीज को धीमा करते हैं। योग इन रिसेप्टर्स को उत्तेजित करता है, जिससे फैट बर्न करना आसान हो जाता है।

निष्कर्ष

योगाभ्यास जांघ और कूल्हों की जमी चर्बी को धीरे-धीरे लूज करते हैं। ये फैट बर्निंग, ब्लड सर्कुलेशन और मसल टोनिंग तीनों पर एक साथ काम करते हैं, इसलिए इसे नियमित रूप से करने पर लोअर बॉडी में फर्क साफ नजर आने लगता है।

रात में सोते-सोते पेशाब के लिए भागते हैं और यूरिन हो जाता है लीक, ये 2 चीजें बिना दवा रोकेंगी मूत्र रिसाव

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।