अंजीर एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जिसका सेवन अक्सर लोग ड्राई और फ्रूट के रूप में करते हैं। अंजीर एक फल है जिसे सुखाकर ड्राई फ्रूट बनाया जाता है। अंजीर में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें यह फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इन पोषक तत्वों की वजह से ही इसे पोषक तत्वों का पावर हाउस कहा जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान (Nutrition Science) दोनों में ही अंजीर को सेहत के लिए उपयोगी मानते हैं। MOC कैंसर केयर एंड रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली में ऑन्कोलॉजी डाइटिशियन Dt. मांसी यादव ने जनसत्ता को बताया ने जनसत्ता को बताया अंजीर का सेवन करने से बॉडी की कमजोरी दूर होती है, बॉडी में पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है और स्टैमिना बूस्ट होता है। ड्राई फ्रूट का सेवन दूध के साथ करने पर उसके फायदे डबल हो जाते हैं।
जब अंजीर को दूध में उबालकर या रातभर भिगोकर खाया जाता है, तो यह पाचन तंत्र को दुरुस्त करने, हड्डियों को मजबूत बनाने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मददगार साबित होता है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या हर किसी के लिए अंजीर को दूध के साथ खाना फायदेमंद हो सकता है। आइए डायटीशियन से जानते हैं कि दूध के साथ अंजीर खाने से सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसे खाने का सही तरीका क्या है और किन लोगों को इसके सेवन से सावधानी बरतनी चाहिए।
अंजीर वाला दूध से क्या मतलब है?
अंजीर के दूध से मतलब है कि अंजीर को दूध के साथ उबालकर पीना है। अंजीर और दूध का सेवन एक पारंपरिक घरेलू तरीका है। अंजीर में फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर है, जबकि दूध प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है। जब दोनों चीजों को एक साथ डाइट में शामिल किया जाता है तो बॉडी को डबल बेनिफिट मिलता है। अंजीर को दूध के साथ लेना सभी के लिए फायदेमंद होता है। दूध कैल्शियम और प्रोटीन का स्रोत है, जबकि अंजीर में फाइबर और अन्य पोषक तत्व होते हैं। दोनों को मिलाकर लेने से एक पौष्टिक स्नैक बन सकता है। हालांकि, डायबिटीज या वजन कंट्रोल करने वाले लोगों को दूध और अंजीर दोनों की कुल कैलोरी व कार्बोहाइड्रेट मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
डायबिटीज में अंजीर का सेवन
डायबिटीज वाले लोग भी अंजीर खा सकते हैं, लेकिन यहां पोर्शन साइज सबसे महत्वपूर्ण है। सूखे अंजीर में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट केंद्रित होते हैं, इसलिए इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए। इसे ओट्स, दलिया या अन्य नट्स के साथ मिलाकर लेने से स्नैक का पोषण संतुलित किया जा सकता है।
हड्डियां और दांत बनते हैं मजबूत
अंजीर और दूध दोनों में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए जरूरी है। दूध से मिलने वाला कैल्शियम और अंजीर में मौजूद मिनरल्स संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।
कब्ज और पाचन में मिलती है मदद
सूखे अंजीर में अच्छी मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो मल को नरम करने और नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है। पर्याप्त पानी और संतुलित डाइट के साथ अंजीर का सेवन कब्ज से परेशान लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। दूध कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानी भी पैदा कर सकता है, इसलिए अपनी मेडिकल कंडीशन को ध्यान में रखते हुए अंजीर के दूध का सेवन करें।
शरीर को मिलती है भरपूर ताकत
अंजीर में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट होता हैं, जबकि दूध में प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता हैं। इसलिए अंजीर वाला दूध एक पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला स्नैक हो सकता है। इसका सेवन कमजोरी को दूर करने में बेहद असरदार साबित होता है। जिन लोगों का वजन नहीं बढ़ता या किसी बीमारी का इलाज समझने के बजाय संतुलित आहार का हिस्सा मानना बेहतर है।
दिल की सेहत के लिए
अंजीर में पोटैशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। फाइबर युक्त आहार हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन अंजीर वाला दूध सीधे तौर पर दिल की बीमारियों को ठीक करता है या हृदय को स्वस्थ रखने की गारंटी देता है, ऐसा कहना सही नहीं होगा।
अंजीर वाला दूध कैसे बनाएं?
इसके लिए करीब 2–3 सूखे अंजीर लें और उन्हें अच्छी तरह धो लें। एक कप दूध में अंजीर डालकर धीमी या मध्यम आंच पर कुछ मिनट गर्म कर सकते हैं। दूध को थोड़ा ठंडा करके गुनगुना सेवन करें। अतिरिक्त मिठास के लिए शहद डालना जरूरी नहीं है, खासकर अगर आप पहले से पर्याप्त मीठा भोजन लेते हैं।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
अंजीर में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है, इसलिए डायबिटीज वाले लोगों को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा अंजीर खाने से फाइबर के कारण गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। वहीं, लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को दूध से परेशानी हो सकती है। किसी बीमारी या विशेष डाइट की स्थिति में डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
डिस्क्लेमर:अंजीर एक पौष्टिक फल है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। डायबिटीज, किडनी की बीमारी, एलर्जी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अंजीर का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लक्षण होने पर घरेलू नुस्खों के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
