डायबिटीज आज एक ऐसी वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसे सही खान-पान और हेल्दी लाइफस्टाइल के बिना कंट्रोल करना बेहद मुश्किल है। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लगातार अनियंत्रित रहता है, तो यह किडनी, आंखों, दिल और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, डायबिटीज के मरीजों के लिए हर भोजन का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना जरूरी है। EatingWell की वरिष्ठ पोषण संपादक और रजिस्टर्ड डायटीशियन जेसिका बॉल ने बताया डायबिटीज मैनेजमेंट में डाइट की भूमिका सबसे प्रमुख होती है। खासकर फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ (Fiber-Rich Foods) पाचन तंत्र को धीमा करके ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
चना, ओट्स और दही जैसे रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थ न केवल शरीर को ऊर्जा देते हैं, बल्कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण इंसुलिन रिस्पॉन्स को भी बेहतर बनाते हैं। आइए डायटीशियन से विस्तार से जानिए कि डायबिटीज में काम आने वाले वे 5 मुख्य फाइबर रिच सुपरफूड्स कौन-से हैं, उन्हें अपनी दैनिक डाइट में शामिल करने का सही तरीका क्या है।
चने और चिकन का सलाद
चना और चिकन का सलाद प्रोटीन और फाइबर का अच्छा कॉम्बिनेशन है। इसमें उबले या पके हुए चने, चिकन, दही, थोड़ी सब्जियां और मेवे शामिल किए जा सकते हैं। चने में मौजूद फाइबर भोजन के बाद ब्लड शुगर के तेजी से बढ़ने को धीमा करने में मदद कर सकता है, जबकि चिकन प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है जो पेट भरता है और वजन को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। डायबिटीज मरीज इसे दोपहर के भोजन या हल्के डिनर में खा सकते हैं।
भुने हुए चने खाएं
भुने हुए चने भारतीय खान-पान में पहले से ही लोकप्रिय और आसानी से मिलने वाला स्नैक हैं। इनमें फाइबर और प्लांट प्रोटीन पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इन्हें शाम के समय चिप्स या अन्य कम पौष्टिक स्नैक्स की जगह लिया जा सकता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले ज्यादा नमक वाले विकल्पों के बजाय कम नमक वाले भुने चने चुनना बेहतर है।
हाई-प्रोटीन और हाई-फाइबर चिकन सूप पिएं
चिकन, बीन्स और सब्जियों से तैयार किया गया सूप प्रोटीन और फाइबर से भरपूर भोजन हो सकता है। इसमें गाजर, बीन्स, पालक, लौकी या दूसरी पसंदीदा सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। बीन्स और सब्जियों का फाइबर भोजन को अधिक संतुलित बनाता है, जबकि चिकन प्रोटीन देता है। डायबिटीज में इसे बनाते समय मैदा, ज्यादा नमक और क्रीम का इस्तेमाल सीमित रखना बेहतर है।
नमकीन ओट्स बाउल भी है जरूरी
ओट्स को केवल मीठे नाश्ते के रूप में खाने की जरूरत नहीं है। इन्हें सब्जियों, अंडे और थोड़े से एवोकाडो या दही के साथ नमकीन ओट्स बाउल के रूप में खाया जा सकता है। ओट्स में घुलनशील फाइबर, खासकर बीटा-ग्लूकॉन, पाया जाता है। फाइबर युक्त भोजन ब्लड शुगर मैनेजमेंट के लिए उपयोगी हो सकता है। इसमें चीनी डालने के बजाय सब्जियों और प्रोटीन को प्राथमिकता दें।
दही, रसभरी और केले का पारफे
डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए,भूख को कंट्रोल करने के लिए ग्रीक-स्टाइल दही के साथ फल और थोड़े मेवे शामिल कर पारफे बना सकते हैं। ये एक तरह की डेजर्ट होता है, जिसमें दही या योगर्ट के साथ फल, मेवे और कभी-कभी ग्रेनोला की परतें लगाई जाती हैं। भारतीय डाइट में इसे बिना चीनी वाला गाढ़ा दही, थोड़ी मात्रा में केला, बेरीज और अखरोट डालकर तैयार कर सकते है। दही से प्रोटीन और कैल्शियम, जबकि फल और मेवों से फाइबर मिलता है। डायबिटीज में इसे लेते समय अतिरिक्त चीनी, शहद या मीठी सिरप डालने से बचें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। डायबिटीज में खान-पान और फाइबर की मात्रा हर व्यक्ति की जरूरत, ब्लड शुगर और दवाओं के अनुसार अलग हो सकती है। किसी भी फूड को अपनी डाइट में शामिल करने या दवा में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन की सलाह लें।
