ताज़ा खबर
 

टायफाइड का भी एक लक्षण हो सकता है बुखार, जानें कैसे करें पहचान और बचाव

Tips for Typhoid Patients: एक्सपर्ट्स के मुताबिक अधिकतर लोगों को ये बीमारी तब होती है जब वो गंदा पानी पीते हैं या दूषित भोजन का सेवन करते हैं

आमतौर पर टायफाइड से ग्रस्त व्यक्ति को 102-104 डिग्री से ऊपर बुखार रहता है

Typhoid Symptoms Causes Prevention Tips: गर्मियों के मौसम की आम बीमारियों में से एक टायफाइड भी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि जब ब्लड स्ट्रीम और डाइजेस्टिव ट्रैक्ट में बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है तो लोग टायफाइड से पीड़ित हो जाते हैं। बता दें कि सालमोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया पानी या खाने के जरिये शरीर के अंदर पहुंचता है जिस कारण मरीजों को बुखार, उल्टी, खांसी-जुकाम और भूख कम लगने की शिकायत हो सकती है। कोरोना काल में ये सभी लक्षण महामारी से मिलते-जुलते हैं, ऐसे में आइए जानते हैं कि टायफाइड की पहचान कैसे करें –

जानें इस बीमारी के लक्षण: बुखार को टायफाइड का प्रमुख लक्षण माना जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये संक्रमण जैसे-जैसे शरीर पर पकड़ बनाता है, लोगों को कम भूख लगने लगती है।

इस बीमारी में लोगों को सिरदर्द, पेट में दर्द, शरीर के अन्य हिस्सों में तकलीफ, कमजोरी और थकान का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा, बेचैनी, दस्त, कब्ज, बॉडी पर पर लाल धब्बे दिखाई देना, सुस्ती जैसी परेशानियां भी मरीजों को होती हैं।

कैसे लगाएं पता: आमतौर पर टायफाइड से ग्रस्त व्यक्ति को 102-104 डिग्री से ऊपर बुखार रहता है, ऐसे में जो लोग इससे जूझ रहे हैं उन्हें डॉक्टर की सलाह पर जांच कराना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट और यूरिन टेस्ट के जरिये इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

रिपोर्ट पॉजिटिव ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ मरीजों को एंटीबायोटिक्स दवाएं दे सकते हैं। बताया जाता है कि अगर इलाज सही समय पर शुरू हो जाए तो कुछ ही दिनों में मरीज रोगमुक्त हो सकता है।

क्यों हो जाती है ये बीमारी: एक्सपर्ट्स के मुताबिक अधिकतर लोगों को ये बीमारी तब होती है जब वो गंदा पानी पीते हैं या दूषित भोजन का सेवन करते हैं। इसके अलावा, अगल-बगल साफ-सफाई न होने के कारण भी टायफाइड हो सकता है। इसके अलावा, कई बार देखा गया है कि किसी टायफाइड मरीज के संपर्क में आने या फिर उनके द्वारा बनाए गए खाना खाने से भी लोग इससे पीड़ित हो जाते हैं।

क्या हैं बचाव के उपाय: गर्मी के मौसम में भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है ताकि डिहाइड्रेशन न हो, लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि साफ पानी पीयें। हो सके तो पानी को उबाल कर पीयें। पूरी तरह से पका और गर्म खाना खाएं। बाजार से लाए गए फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर पकाएं।

क्या हैं घरेलू उपचार: इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों को फलों के रस, तुलसी और सूरजमूखी के पत्तों का रस, लहसुन, लौंग, शहद जैसी चीजों का सेवन करें। इससे आराम मिलेगा और संक्रमण का प्रभाव भी शरीर पर कम पड़ेगा।

Next Stories
1 सेब से लेकर ग्रीन टी तक, इन फूड्स के इस्तेमाल से काबू में रहेगा यूरिक एसिड
2 सूखी खांसी दूर करने में प्रभावी साबित होंगे ये घरेलू उपाय, जानिये
3 ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए दवा से कम नहीं अलसी का बीज, जानें कैसे करें यूज
यह पढ़ा क्या?
X