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आंखों में महसूस हो भारीपन तो न करें इग्नोर, हो सकता है काला मोतिया! जानिए बचाव के तरीके

आंखों में भारीपन महसूस होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आपके द्वारा पर्याप्‍त नींद न लेने के कारण भी आंखों में भारीपन हो सकता है। इसके साथ ही एजर्ली होने से भी आंखों में भारीपन रह सकता है।

Eyes | How to Protect | Black Fungus
ऐसे आंखों के भारीपन से करें बचाव (फोटो-Freepik)

आंखों में भारीपन महसूस होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आपके द्वारा पर्याप्‍त नींद न लेने के कारण भी आंखों में भारीपन हो सकता है। इसके साथ ही एजर्ली होने से भी आंखों में भारीपन रह सकता है। लेकिन अगर यह भारीपन लंबे समय तक रहता है तो आपको इसे बिल्‍कुल भी इग्‍नोर नहीं करना चाहिए, क्‍योंकि यह कई बार गंभीर समस्‍याओं के कारण भी हो सकता है। यह साइनस और माइग्रेन के कारण भी हो सकता है और मोतियाबीन की समस्‍या भी हो सकती है।

आंखों के भारीपन के क्‍या होते हैं कारण?
एक्‍सपर्ट का कहना है कि कंप्यूटर स्क्रीन देखने, कार चलाने, किताब पढ़ने और कई अन्य गतिविधियों जैसे लंबे समय तक एक ही गतिविधि पर गहन रूप से ध्यान केंद्रित करने के बाद आंखें थकी हुई और चिड़चिड़ी महसूस होती हैं। इस कारण आंखों का भारीपन हो सकता है। इसके अलावा गंभीर कारण होने के साथ ही आंखों की सर्जरी, मौखिक दवाएं, डिहाइड्रेशन, बुढ़ापा, मांसपेशियों में तनाव के कारण व साइनसाइटिस के कारण आंखों में भारीपन हो सकता है।

हो सकता है काला मोतिया
अगर आपके आंखों पर भारीपन रहता है और अगर आप ब्लड प्रेशर या डाइबिटीज के मरीज हैं और आपकी आंखों में भारीपन हो सकता है, जो आंखों में काला मोतिया होना का लक्षण है। सामान्य तौर पर 40 साल की उम्र के बाद ही यह परेशानी होती है, लेकिन अगर जेनेरिक हो तो यह समस्‍या बचपन में भी हो सकती है। 2010 में हुए सर्वे के मुताबिक भारत में 40 साल तक की उम्र तक के 11.20 करोड़ लोग काला मोतिया (ग्लूकोमा) की बीमारी से पीड़ित थे।

समय से इलाज न करने पर अंधापन होने का खतरा
शुगर और ब्लड प्रेशर के लगातर बढ़ने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे आंखों पर भारीपन महसूस होता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे काला मोतियाबीन बन जाता है। अगर इसका समय रहते इलाज न कराया जाए तो व्यक्ति अंधा भी हो सकता है। ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) टेस्ट कराकर ग्लूकोमा का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

क्‍या है बचाव?
अगर आपको काला मोतिया से बचना है तो आंखों के भारीपन महसूस होते ही चेकअप कराना चाहिए। वहीं डॉ. हरप्रीत के मुताबिक काला मोतिया से बचने का सबसे कारगर तरीका एक्सरसाइज है। इसके अलावा खेलते समय आंख की सुरक्षा के लिए सेफ्टी उपकरण पहनें। ब्लड प्रेशर या ब्लड शुगर की शिकायत हों तो तुरंत इलाज कराएं और कंट्रोल करें। इसके साथ ही कोलेस्ट्रोल बढ़ने से रोकें और हार्ट डिजीज हो तो तुरंत इलाज करा लें।

यह भी करें उपाय
अगर आपको आंखों पर भारीपन महसूस हो रहा है और काला मोतिया की शिकायत नहीं है तो आप इसे ठीक करने के लिए कुछ और उपाय भी कर सकते हैं। थकी हुई और सूखी आंखों पर गर्म पानी में भिगोया हुआ कपड़ा लगाएं। कोशिश करते रहें कि ऐसा करते समय आंखें बंद रखें। इसके साथ ही आंखों में ड्राईनेस महसूस करने पर इन्हें तरोताजा करने के लिए आंखों में गुलाब जल या डॉक्‍टर की सलाह पर आईड्रॉप यूज कर सकते हैं। आईवियर का इस्‍तेमाल, साथ ही आंखों को आराम दें और तनाव न लें। अपने आंखों को दूषित न होने दें और न ही प्रदूषित जगह पर जाएं।

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