खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने के लिए अब बार-बार इंजेक्शन लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक US FDA ने Lipfendra (Enlicitide) नाम की पहली ओरल (मुंह से खाने वाली गोली) PCSK9 इनहिबिटर दवा को मंजूरी दे दी है। अब तक इस श्रेणी (PCSK9) की ज्यादातर दवाएं केवल इंजेक्शन के रूप में ही उपलब्ध थीं। यह नई दवा उन मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है जो इंजेक्शन के दर्द से बचना चाहते हैं।
कोलेस्ट्रॉल कैसे करता है असर
हाई कोलेस्ट्रॉल दिल के रोगों और स्ट्रोक के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आमतौर पर इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। शरीर में बढ़ा हुआ लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कोलेस्ट्रॉल, जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, धीरे-धीरे धमनियों की दीवारों में जमा होकर प्लाक (Plaque) बना सकता है। इससे ब्लड वैसल्स संकरी हो जाती हैं और रक्त प्रवाह कम होने लगता है। यदि यह प्लाक फट जाए तो खून का थक्का बन सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
LDL कोलेस्ट्रॉल के जोखिम कारक ?
- शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने का सबसे बड़ा जोखिम यह है कि इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।
- बढ़ा हुआ LDL धमनियों (ब्लड वेसल्स) की दीवारों में जमा होकर प्रलाक (Plaque) बनाने लगता है।
- इससे रक्त प्रवाह (रक्त संचार) धीमा हो जाता है।
- यदि प्लाक फट जाए, तो खून का थक्का बन जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
Lipfendra दवा कैसे काम करती है?
आर्टेमिस हॉस्पिटल के क्लिनिकल कार्डियोलॉजी चीफ डॉ. राहुल मेहरोत्रा के अनुसार Lipfendra दवा हमारे शरीर में PCSK9 नाम के एक प्रोटीन को काम करने से रोकती है। यह प्रोटीन आमतौर पर लिवर की बैड कोलेस्ट्रॉल साफ करने की क्षमता को कम कर देता है। जब Lipfendra इस प्रोटीन को ब्लॉक करती है, तो लिवर खून से तेजी से LDL कोलेस्ट्रॉल को खींचकर बाहर निकालने लगता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर घट जाता है। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. जगदीश हिरेमथ बताते हैं कि स्टैटिन (Statins) दवाएं लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनने से रोकती हैं और Ezetimibe आंतों में इसके अवशोषण को कम करती है। वहीं, Lipfendra एक अलग जैविक तंत्र पर काम करती है, इसलिए इसे पुरानी दवाओं के साथ मिलाकर देने पर बेहतर परिणाम मिलते हैं।
क्लिनिकल शोध में क्या आया सामने?
FDA की यह मंजूरी 3,207 वयस्क मरीजों पर किए गए दो बड़े क्लिनिकल ट्रायल्स के आधार पर दी गई है। दिल की बीमारी (ASCVD) के उच्च जोखिम वाले मरीजों में 24 हफ्तों के भीतर LDL कोलेस्ट्रॉल औसतन 56% तक घटा। फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (HeFH) से पीड़ित मरीजों में LDL में 59% तक की कमी देखी गई।
किन लोगों के लिए फायदेमंद है यह दवा?
- विशेषज्ञों के मुताबिक, यह रोजाना ली जाने वाली एक टैबलेट है जो निम्नलिखित मरीजों के लिए उपयोगी ह
- हाई रिस्क मरीज जिनका LDL कोलेस्ट्रॉल स्टैटिन की खुराक लेने के बाद भी कंट्रोल नहीं होता।
- जेनेटिक समस्या यानी फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (HeFH) से पीड़ित वयस्क।
- इंजेक्शन से परहेज करने वाले मरीज जो बार-बार सुई या इंजेक्शन लेने से बचना चाहते हैं।
साइड इफेक्ट्स और सावधानियां
क्लिनिकल ट्रायल में Lipfendra को सुरक्षित पाया गया है, लेकिन कुछ मरीजों में ये सामान्य लक्षण दिख सकते हैं
- दस्त (Diarrhoea)
- चक्कर आना (Dizziness)
एक्सपर्ट के मुताबिक यह दवा हेल्दी लाइफस्टाइल का विकल्प नहीं है। दवा के साथ-साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन कंट्रोल करना और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर FDA द्वारा दवा की मंजूरी पर आधारित एक समाचार रिपोर्ट है। Lipfendra या कोलेस्ट्रॉल की कोई भी अन्य दवा केवल योग्य कार्डियोलॉजिस्ट या डॉक्टर के पर्चे (Prescription) पर ही ली जानी चाहिए। स्वयं से दवा लेना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।”
