आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती डाइट का असर हमारे लिवर की सेहत को बिगाड़ रहा है। खराब डाइट का ही असर है कि कम उम्र में ही बच्चों को भी फैटी लिवर की समस्या हो रही है। डाइट में ऑयली, मसालेदार, प्रोसेस फूड, जंक फूड का अधिक सेवन लिवर को फैटी बना सकता है। फैटी लिवर एक ऐसी समस्या है जिसके लक्षण अक्सर लोग समझ नहीं पाते और सालों तक ये परेशानी बनी रहती है। अक्सर हम थकान या पेट के भारीपन को सामान्य परेशानी समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं।
लिवर के बड़े डॉक्टर और ILBS के डायरेक्टर डॉ. एस.के. सरीन के मुताबिक फैटी लिवर शरीर के लिए एक ‘फायर अलार्म’ की तरह है। यह संकेत है कि आपके शरीर के अंदर कुछ गंभीर गलत हो रहा है, जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस या हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों में बदल सकता है।
अच्छी खबर यह है कि फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज पर न केवल पहचाना जा सकता है, बल्कि सही लाइफस्टाइल को अपनाकर फैटी लिवर से जुड़ी परेशानी को रिवर्स भी किया जा सके। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आपको कैसे पता चलेगा कि आपका लिवर खतरे में है? कौन से टेस्ट हैं जो लिवर के फैट का पता लगा सकते हैं। आइए देश के जाने-माने लिवर विशेषज्ञ डॉ. सरीन से समझते हैं फैटी लिवर के खतरे कौन कौन से हैं और इसे मैनेज करने के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में कौन-कौन से बदलाव करें।
फैटी लिवर की स्टेजेस कौन-कौन सी है जो अलार्मिंग साइन है?
डॉक्टर सरीन ने बताया फैटी लिवर की शुरुआत में लिवर में सिर्फ फैट जमा होता है, जिसे पहली स्टेज कहा जाता है। इस समय ज्यादा खतरा नहीं होता, लेकिन ये फायर अलार्म की तरह होता है। दूसरी स्टेज में फैट के कारण लिवर में सूजन और सेल डैमेज होना शुरू हो जाता है, जिसे स्टीटोहेपेटाइटिस कहा जाता है। तीसरी स्टेज में लिवर में स्कारिंग यानी फाइब्रोसिस होने लगते हैं, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। चौथी और सबसे गंभीर स्टेज में यह सिरोसिस में बदल जाता है, जिसमें लिवर स्थायी रूप से डैमेज हो सकता है।
फैटी लिवर का पता लगाने में मदद करेंगे ये टेस्ट
फैटी लिवर की पहचान और कंट्रोल के लिए कुछ बेसिक टेस्ट बहुत जरूरी होते हैं। सबसे अहम टेस्ट है SGPT जिसे लिवर फंक्शन टेस्ट कहा जाता है। SGPT की नॉर्मल वैल्यू 40 तक होती है, लेकिन इसे 20–30 के बीच रखना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा ब्लड शुगर और सीरम कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल होना भी जरूरी है। साल में कम से कम एक बार पूरा हेल्थ चेकअप कराना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड से लिवर में फैट की जांच कराना भी जरूरी है।
लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें
लिवर को हेल्दी रखने के लिए डॉक्टर सरीन ने बताया आप सबसे पहले अपना वजन कंट्रोल करें। डॉक्टर के अनुसार हाइट में बदलाव करके आप आसानी से अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। वजन कंट्रोल करने के लिए आप डाइट में ज्यादा तली-भुनी और फैट वाली चीजों से परहेज करें। आप संतुलित डाइट का सेवन करें आपकी बॉडी हेल्दी रहेगी और लिवर का फैट भी कंट्रोल रहेगा। नियमित एक्सरसाइज करें और ब्लड शुगर व कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखें। अधिक शराब का सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
स्मोकिंग भी लिवर की कार्यक्षमता पर बुरा असर डालती है, इसलिए इनसे दूरी बनाना जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना लिवर के लिए जरूरी है। पर्याप्त पानी का सेवन बॉडी से टॉक्सिन निकालता है। समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके। अच्छी नींद और तनाव कम करें लिवर के लिए जरूरी है। रोजाना 7–8 घंटे की नींद लें और स्ट्रेस को मैनेज करें। फैटी लिवर को नजरअंदाज न करें, बल्कि इसे एक चेतावनी मानकर समय रहते लाइफस्टाइल सुधारें, ताकि आगे चलकर गंभीर बीमारी से बचा जा सके।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। फैटी लिवर की स्थिति हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है। किसी भी प्रकार का टेस्ट कराने या इलाज शुरू करने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर (Hematologist/Gastroenterologist) से परामर्श अवश्य लें। जनसत्ता किसी भी स्वास्थ्य संबंधी दावे की पुष्टि नहीं करता है।
