युवाओं में मोटापे के कारण बढ़ रही है फैटी लिवर की समस्या, जानिए बचाव के तरीके

Fatty Liver: हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि फैटी लिवर के मरीजों की डाइट का ध्यान न रखा जाए तो यह उनकी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।

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मोटे लोगों को दूसरी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा भी अधिक होता है (Photo- Freepik)

युवाओं में फैटी लिवर की समस्या की मुख्य वजह मोटापा, बिगड़ा हुआ खानपान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल है। फैटी लिवर(Fatty liver) एक मेटाबॉलिक सिंड्रोम है, जो कई समस्याओं के कारण होता है, जैसे ब्लड प्रेशर, हाई बल्ड शुगर, मोटापा, असंतुलित कोलेस्ट्रॉल स्तर आदि। फैटी लिवर की बीमारी के दो प्रकार हैं, जिनमें अल्कोहलिक और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर शामिल हैं।

लेकिन शराब के आलावा भी कुछ ऐसे कारण हैं, जो फैटी लिवर (Fatty Liver) की वजह बन सकते हैं। नॉन अल्कोहलिक फैटी फैटी लिवर डिसीज वो बीमारी है, जो शराब के सेवन मात्र से नहीं होती है। इसलिए फैटी लिवर के पेशेंट को यह सलाह दी जाती हैं कि वह अपनी डाइट का खास ख्याल रखें और कुछ विशेष फूड आइटम को अपनी डाइट में शामिल करें।

लक्षण: फैटी लिवर की समस्या में लिवर सिकुड़ जाता है और वह अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाता, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। लिवर में अतिरिक्त वसा के जमने से वह फैटी हो होता है। अक्सर इसके लक्षण तब नजर आने शुरू होते हैं, जब लिवर संबंधी बीमारी बढ़ने लगती है। इसके लक्षणों में भूख न लगना, थकान, पीलिया और छोटी चोट में भी ब्लीडिंग आदि शामिल हैं।

अधिक मीठा: फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित मरीजों को अधिक मीठे के सेवन से बचना चाहिए। उन्हें अधिक चॉकलेट, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक या फिर केक और पेस्ट्री आदि चीजें खाने से परहेज करना चाहिए। खून में शुगर का अधिक स्तर बढ़ जाने से लिवर में अधिक फैट जमा होने लगता है। इसलिए शुगर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कैडी, आइस्क्रीम खाने से परहेज करना चाहिए। ( यह भी पढ़ें- स्पर्म काउंट बढ़ाने में मददगार हैं बाबा रामदेव के ये 5 टिप्स, जानिए )

ऑयली फूड: समोसे, ब्रेड पकौड़े, फ्रेंज फ्राइज, चिली पोटेटो,और स्प्रिंग रोल आदि में सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा होती है, जो आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए फैटी लिवर मरीजों को अधिक तली-भुनी चीजों को खाने से भी बचना चाहिए। (यह भी पढ़ें- आपकी इन गलतियों के कारण बढ़ सकता है यूरिक एसिड, जानिए कैसे करें कंट्रोल)

एक्सरसाइज करें: हर किसी के लिए केवल डाइट में बदलाव से फैटी लिवर से निजात पाना संभव नहीं है, ऐसे में सही परिणामों के लिए रूटीन में एक्सरसाइज को भी शामिल करना अनिवार्य है। चूंकि, फैटी लिवर लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई बीमारी है ऐसे में इसके रोकथाम के लिए बदलती जीवनशैली के हर पहलू पर ध्यान देना आवश्यक है। (यह भी पढ़ें- शराब की लत कैसे है संतान सुख पाने में बाधा, डॉक्टर से समझिए)

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