हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण भी आपको हो सकती है फैटी लिवर की समस्या, जानिए बचने के उपाय

Fatty Liver: हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि फैटी लिवर के मरीजों की डाइट का ध्यान न रखा जाए तो यह उनकी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।

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इस बीमारी से ग्रस्त लोग या तो लिवर के सिकुड़ने से परेशान होते हैं (File Photo)

शरीर को स्वस्थ एवं सुचारु रूप से कार्यशील बनाए रखने में लिवर अपनी अहम भूमिका निभाता है। चाहे पाचन के लिए पित्त निर्माण की हो या फिर शरीर के ऊर्जा के लिए प्रोटीन के उत्पादन करना यह सभी काम लिवर ही करता है। इसके साथ ही लिवर पोषक तत्वों को ऊर्जा में बदलकर शरीर के लिए प्रतिरोधक क्षमता बनाने और बैक्टीरिया व विषाक्त पदार्थों को खून से निकालकर संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है।

शरीर का इतना महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद जरा सी लापरवाही के चलते आप फैटी लिवर का शिकार बन सकते हैं। फैटी लिवर की बीमारी के दो प्रकार हैं, जिनमें अल्कोहलिक और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर शामिल हैं। जैसा कि नाम से स्पष्ट है अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या अल्कोहल का सेवन करने से होती है, जबकि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या की मुख्य वजह मोटापा, बिगड़ा हुआ खानपान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल है।

क्या है फैटी लिवर: आसान भाषा में कहें तो लिवर में अतिरिक्त फैट का जमा होना। जब लिवर में ज्यादा फैट जमा होने लगता है तो यह लिवर फेलियर या लिवर सिरोसिस का कारण भी बन सकता है। जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या होती है उन्हें अक्सर पेट से जुड़ी कोई ना कोई समस्या परेशान करती रहती है।

कारण और बचाव: स्वास्थ्य विषेशज्ञों के अनुसार खराब डाइट, टाइप- 2 डायबिटीज का होना, मोटापा, जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन, अनुवांशिक, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल की शिकायत इसके सामान्य कारण हो सकते हैं। वहीं इससे बचाव के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार डाइट में ताजा फल और सब्जियां, फाइबर से भरपूर चीजें फलियां और साबुत अनाज को शामिल करें।

परहेज: आपको चीनी, नमक, ट्रांस फैट, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और सैचुरेटेड फैट का सेवन कम करना है। शराब से परहेज करें, थायराइड और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें, मोटापा कम करें, समय पर डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए दवा लें। इसके साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करें। इसके अलावा कम वसा, कैलोरी वाला आहार आपके वजन को कम करके फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में आपकी मदद कर सकता है।

आपको बता दें कि फैटी लिवर कि स्थिति में व्यक्ति के लिवर में सूजन आने लगती है और वह सिकुड़ना शुरू हो जाते हैं। लिवर के खराब होने पर हेपेटाइटिस, लिवर सिरोसिस, एल्कोहॉलिक, नॉन एल्कोहॉलिक लिवर डिसीज और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है। हालांकि, घरेलू उपायों के जरिए फैटी लिवर की इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

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