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शरीर के इन अंगों को नुकसान पहुंचाता है हाई ब्लड शुगर लेवल, जानिये

शरीर में ब्लड शुगर की उच्च मात्रा दिल के साथ ही आपके दिमाग पर भी असर डालता है। यह नर्व्स को डैमेज कर, पेरिफेरल न्यूरोपेथी के खतरे को बढ़ाता है, जिससे हाथ-पैर, और उंगलियों मे तेज दर्द होने लगता है और वह सुन्न हो जाती हैं।

डायबिटीज एक क्रॉनिक डिजीज है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहना बेहद आवश्यक होता है

शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से कई तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खून में शुगर की उच्च मात्रा शरीर के हर अंग पर प्रभाव डालती है। ऐसा नहीं है ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से केवल डायबिटीज और दिल से संबंधित बीमारी ही होंगी, बल्कि, यह आपके पाचन तंत्र, नर्वस सिस्टम और ब्लड सर्कुलेशन पर भी असर डालता है।

ब्लड शुगर लेवल की नॉर्मल रेंज: शरीर में नॉर्मल ब्लड शुगर का लेवल (फास्टिंग के दौरान यानी आठ घंटे या उससे अधिक समय से कुछ भी ना खाया हो) 70-99 mg/dl के बीच होता है। वहीं, अगर दो घंटे पहले व्यक्ति ने कुछ ना खाया हो, तो ब्लड शुगर लेवल की मात्रा बढ़कर 140 mg/dl हो जाती है। अगर ब्लड शुगर का लेवल 200 से 400 के बीच होता है, तो यह स्थिति खतरनाक हो सकती है। इसमें दिल का दौरा और ब्रेन स्ट्रोल की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

इन अंगों को करता है प्रभावित:

-सर्कुलेटरी सिस्टम: शरीर में हाई ब्लड शुगर लेवल की मात्रा सर्कुलेटरी सिस्टम पर गहरा असर डालती है। यह ब्लड वेसेल्स की इलास्टिसिटी को कम करता है, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में उच्च ब्लड शुगर की मात्रा लुमेन को पतला कर देता है, जिसके कारण खून का सर्कुलेशन प्रभावित होता है। यह दिल से ब्लड की होने वाली सप्लाई को भी रोकता है।

-आंखों पर: हाई ब्लड शुगर की मात्रा आंखों की रोशनी को प्रभावित करती है। जब शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा लंबे समय तक उच्च रहती है, तो इसके कारण आंखों की रोशनी धुंधली होने लगती है, साथ ही इससे सूजन भी आ जाती है।

-नर्वस सिस्टम: शरीर में ब्लड शुगर की उच्च मात्रा दिल के साथ ही आपके दिमाग पर भी असर डालता है। यह नर्व्स को डैमेज कर, पेरिफेरल न्यूरोपेथी के खतरे को बढ़ाता है, जिससे हाथ-पैर, और उंगलियों मे तेज दर्द होने लगता है और वह सुन्न हो जाती हैं।

-स्किन से संबंधित परेशानियां: शरीर में ब्लड शुगर के बढ़ने से स्किन संबंधी कई तरह की परेशानियां होने लगती है। इससे टैनिंग, फंगल इंफेक्शन, दाग-धब्बे और बैक्टीरियल इंफेक्शन जैसे दिक्कतें होने लगती हैं। यह सोरायसिस के खतरे को भी बढ़ाता है। जो लोग हाई ब्लड शुगर लेवल की समस्या से जूझ रहे हैं, बाकी लोगों के मुकाबले उनके चोट और घाव ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।

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