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नाश्ते से पहले कॉफी पीने से बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा, शोध में ये बात आई सामने

Tips for Diabetes Patients: रात की थकान मिटाने या ताजगी के लिए कई लोग सुबह पहले कॉफी पीते हैं, लेकिन ये डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाती हैं

diabetes, type 2 diabetes, diabetes treatment, diabetes symptomsखाली पेट कॉफी पीने से ब्लड शुगर के स्तर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है

Diabetes Risk: खराब जीवन शैली के कारण होने वाली बीमारियों में डायबिटीज सबसे खतरनाक रोगों में से एक है। शरीर में पैन्क्रियाज इंसुलिन बनाने का कार्य करता है। ये हार्मोन खाने में मौजूद ग्लूकोज और शुगर को सीमित मात्रा में हमारे शरीर में पहुंचाता है। वहीं, अगर बॉडी में इंसुलिन कम मात्रा में बनने लगती है तो इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। ये बीमारी अधिक परेशान इसलिए करती है क्योंकि डायबिटीज को जड़ से खत्म करना लगभग नामुमकिन सा ही है।

दवाइयों के साथ-साथ हेल्दी लाइफस्टाइल भी मधुमेह रोगियों के लिए बहुत जरूरी है। साथ ही, इन मरीजों को अपने खानपान का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है ताकि उनके शरीर में ग्लूकोज का स्तर ठीक बना रहे। ऐसे में हाल में हुए एक शोध से मिली जानकारी मधुमेह रोगियां के काम आ सकती है।

खाली पेट कॉफी खतरनाक: इंग्लैंड के एक जर्नल में छपी खबर के अनुसार खाली पेट कॉफी पीने से ब्लड शुगर के स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे न केवल डायबिटीज बल्कि हृदय रोग का खतरा भी बढ़ता है। मुख्य शोधकर्ता ने कहा है कि आज के समय में कई लोग रात को ठीक से सोते नहीं है और सुबह फ्रेश फील करने के लिए सबसे पहले कॉफी का सेवन करते हैं। अक्सर जितना ज्यादा लोग थकान महसूस करते हैं, उतनी ही स्ट्रॉन्ग कॉफी पीना पसंद करते हैं जो कि सेहत की दृष्टि से घातक हो सकता है।

कम सोने से भी ज्यादा नुकसानदेह है पहले कॉफी पीना: इस शोध में 29 स्वस्थ पुरुष व महिलाओं को शामिल किया गया जिन्हें तीन समूहों में बांटा गया। पहले समूह के लोगों को रात में सामान्य नींद लेने के बाद सुबह उठने पर एक मीठा पेय पीने दिया गया। दूसरे समूह को हर एक घंटे पर 5 मिनट के लिए जगाया गया और फिर सुबह उठने के बाद उन्हें भी वही ड्रिंक दिया गया। तीसरे समूह को भी दूसरे की तरह बाधित नींद के बाद सुबह सबसे पहले स्ट्रॉन्ग ब्लैक कॉफी दी गई।

रिसर्चर्स की मानें तो जब नतीजा देखा गया तो नाश्ते के समय पहले और दूसरे समूह के लोगों का ब्लड शुगर लेवल लगभग बराबर ही था। इससे पता चला कि संभव है कि लगातार न सोने पर मेटाबॉलिक रेट या ब्लड शुगर प्रभावित हो। लेकिन एक दिन किसी कारणवश नहीं सोने से ग्लूकोज पर कोई असर नहीं पड़ता है।

वहीं, तीसरे समूह में जिन लोगों ने सबसे पहले ब्लैक कॉफी का सेवन किया था, उनका नाश्ते के समय ब्लड शुगर लेवल तकरीबन 50 प्रतिशत ज्यादा हो गया। इससे पता चलता है कि रात की थकान मिटाने या ताजगी के लिए अपनाए जाने वाले इस घरेलू उपाय का शरीर के दूसरे अंगों पर गलत असर पड़ता है।

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