तंबाकू सुनने में भले ही छोटा सा शब्द लगे, लेकिन इसका असर इंसान की सेहत, परिवार और समाज पर बहुत गहरा पड़ता है। आज के समय में तंबाकू सिर्फ सिगरेट या बीड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके कई नए-नए रूप बाजार में आ चुके हैं। अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. प्रोफेसर एस.वी.एस. देव के मुताबिक, तंबाकू एक ऐसा नशा है जिससे निकल पाना कई लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि हर साल दुनियाभर में करीब 80 लाख लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण हो जाती है। इनमें से करीब 10 लाख मौतें सेकेंड हैंड स्मोकिंग यानी दूसरों के धुएं की वजह से होती हैं।
डॉ. देव बताते हैं कि तंबाकू की समस्या सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं है। आज के समय में हर साल लगभग 3.5 करोड़ बच्चे दुनिया भर में तंबाकू की लत का शिकार हो रहे हैं। यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है। भारत की बात करें तो यहां होने वाले कुल कैंसर मामलों में से करीब 25 प्रतिशत कैंसर सिर्फ तंबाकू की वजह से हो रहे हैं। यानी हर चौथा कैंसर मरीज तंबाकू सेवन से जुड़ा हुआ है।
तंबाकू के नए-नए रूप
पहले लोग तंबाकू को सिर्फ बीड़ी, सिगरेट या पान के रूप में जानते थे, लेकिन अब इसके कई नए और खतरनाक विकल्प बाजार में मौजूद हैं। इनमें स्मोकलेस तंबाकू, शीशा, हुक्का बार, ई-सिगरेट और अन्य फ्लेवर्ड तंबाकू प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कई लोग यह सोचकर इनका इस्तेमाल शुरू कर देते हैं कि ये कम नुकसानदायक हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ये सभी प्रोडक्ट्स शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
पेरेंट्स के लिए जरूरी चेतावनी
डॉक्टरों का मानना है कि आज के दौर में अवेयरनेस सबसे जरूरी हथियार है। खासतौर पर माता-पिता को बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। बच्चे किस तरह के दोस्तों के साथ उठते-बैठते हैं, क्या खा-पी रहे हैं और सोशल मीडिया या आसपास के माहौल से क्या सीख रहे हैं, इन सब बातों पर नजर रखना बहुत जरूरी है। सही समय पर बातचीत और समझाइश बच्चों को तंबाकू की लत से बचा सकती है।
तंबाकू की लत कितने दिन में छूटती है
तंबाकू की लत एक दिन में नहीं छूटती। डॉक्टर बताते हैं कि इसे पूरी तरह छोड़ने में समय लगता है। शुरुआत के 2 से 4 हफ्ते सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं। खासकर पहले 3 दिन सबसे कठिन माने जाते हैं, क्योंकि इस दौरान शरीर में निकोटिन की कमी से चिड़चिड़ापन, बेचैनी, सिरदर्द और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन अगर इंसान इन शुरुआती दिनों को पार कर लेता है, तो आगे का रास्ता आसान हो जाता है।
तंबाकू कैसे छुड़ाएं
तंबाकू छोड़ने के लिए सबसे पहले मजबूत इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। इसके साथ-साथ कुछ आसान उपाय भी मदद कर सकते हैं। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी यानि की डॉक्टर की सलाह से निकोटिन गम, पैच या लोजेज का इस्तेमाल किया जा सकता है। अपने परिवार और दोस्तों को बताएं कि आप तंबाकू छोड़ना चाहते हैं। उनका सहयोग आपको हिम्मत देगा। योग, प्राणायाम, सुबह की सैर और संतुलित भोजन तंबाकू की तलब को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, जिन हालात या जगहों पर तंबाकू पीने की इच्छा होती है, उनसे दूरी बनाएं।
तंबाकू छोड़ने के फायदे
तंबाकू छोड़ने के फायदे तुरंत और लंबे समय दोनों में दिखाई देते हैं। कुछ ही दिनों में ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगता है और सांस लेने में सुधार महसूस होता है। लंबे समय में कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा स्वाद और सूंघने की क्षमता बेहतर होती है, त्वचा साफ दिखने लगती है।
निष्कर्ष
तंबाकू एक ऐसी लत है जो धीरे-धीरे इंसान की जिंदगी को खोखला कर देती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि सही जानकारी, मजबूत इरादे और अपनों के साथ से इस लत को हराया जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
