नवरात्रि के पावन दिनों में व्रत रखना आस्था का विषय है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए ये थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। व्रत के दौरान खान-पान और खाने के समय में बदलाव सीधे तौर पर ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहना या सिर्फ मीठे फल और तले हुए व्रत के फूड्स लेना शुगर लेवल को अचानक बढ़ा या घटा सकता है। डायबिटीज मरीज फास्ट के दौरान कुट्टू का आटा (Buckwheat flour) का सेवन करते हैं। अब सवाल ये उठता है कि क्या ये आटा सेहत के लिए बेहतर विकल्प है या नहीं।
Diabetes Coach Dr. Anupam Ghose ने बताया नवरात्र पर ज्यादातर लोग फलाहार में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला कुट्टू का आटा खाते हैं। लेकिन ये मधुमेह रोगियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कितनी मात्रा और किस तरह से खाते हैं। इस आटा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI) लो होता है इसके बावजूद इसे बनाने का तरीका और इसकी मात्रा आपकी सेहत बिगाड़ भी सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कट्टू का आटा डायबिटीज मरीजों की सेहत पर कैसा असर करता है।
कुट्टू के आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कितना है?
डायबिटीज एक्सपर्ट ने बताया कुट्टू के आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) करीब 45–55 के बीच होता है, जिसे लो कैटेगरी में रखा जाता है। इसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है। यही वजह है कि कई डॉक्टर इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं। एक्सपर्ट ने बताया सिर्फ ग्लाइसेमिक इंडेक्स ही सब कुछ नहीं होता। ग्लाइसेमिक लोड (GL) जो यह बताता है कि कुल मात्रा में खाने से शुगर कितना बढ़ेगा। कुट्टू के आटे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में खाने पर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
कितना और कैसे खाएं?
अगर डायबिटीज मरीज व्रत में कुट्टू का आटा खा रहे हैं तो वो एक बार में 25 ग्राम लगभग 1 छोटी रोटी ही खाएं।
इसे अकेले खाने के बजाय प्रोटीन और फैट जैसे पनीर, दही, मूंगफली के साथ लें।
तली हुई चीजें जैसे कुट्टू की पूड़ी का सेवन करने से बचें
आलू या हाई-कार्ब फूड्स के साथ कॉम्बिनेशन न बनाएं
क्या करें और क्या नहीं?
डायबिटीज मरीज अगर नवरात्र में फास्ट रख रहे हैं तो वो लंबे समय तक खाली पेट न रहें। छोटे-छोटे मील लें और ब्लड शुगर की नियमित मॉनिटरिंग करें।
एक्सपर्ट एडवाइज
व्रत के दौरान शुगर लेवल अचानक गिरने (Hypoglycemia) का खतरा भी रहता है। इसलिए अगर आप कुट्टू का सेवन कर रहे हैं, तो अपनी शुगर नियमित रूप से चेक करें और डॉक्टर की सलाह से ही अपनी दवाओं की डोज एडजस्ट करें।
निष्कर्ष
कुट्टू का आटा डायबिटीज मरीजों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा और कॉम्बिनेशन बेहद अहम है। सही तरीके से और सीमित मात्रा में सेवन करने पर इसे व्रत के दौरान शामिल किया जा सकता है, लेकिन ज्यादा मात्रा शुगर लेवल बढ़ा सकती है।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शैक्षिक और जागरूकता उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी डाइट, जीवनशैली या सप्लीमेंट में कोई भी बदलाव करने से पहले, कृपया अपने डॉक्टर या प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
