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ब्लड शुगर कम होने से दिल की धड़कन पर पड़ता है असर, जानें लक्षण और घरेलू उपाए

ब्लड शुगर कम होने का असर नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। ऐसा होने पर बॉडी से एड्रेनालाईन जैसा हार्मोन निकलता है जिसकी वजह से हाथ-पैरों में कंपन होने लगती है।

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ब्लड शुगर या ग्लूकोज शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। (फोटो क्रेडिट – Freepik)

आजकल के समय खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण ब्लड शुगर कम होने का खतरा सिर्फ डायबीटीज के मरीजों को नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति को भी होता है। ब्लड शुगर कम होने की स्थिति को हाइपोग्लाइसेमिया कहते हैं। अगर इस बीमारी को समय रहते कंट्रोल नहीं किया गया तो किडनी डिसऑर्डर, हेपेटाइटिस, लिवर डिजीज, मानसिक संतुलन खोना, बेचैनी, चक्कर आने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। शुगर या ग्लूकोज हमारे शरीर में ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। यह शुगर ब्लड के सहारे हमारे शरीर के अंगों तक पहुंचता है यानी ब्लड शुगर हमारे शरीर की मूलभूत आवश्यकता है। जानिए लो ब्लड शुगर के कारण, लक्षण और कैसे घर पर कंट्रोल करें।

उम्र के हिसाब से ब्लड शुगर का स्तर: 6 साल से छोटे बच्चों का फास्टिंग शुगर लेवल 80 से 180 mg/dl के बीच होता है, वहीं खाने से पहले इसका स्तर 90-180 mg/dl हो सकता है। पोस्ट प्रैंडियल शुगर लेवल 140mg/dL होना चाहिए। जबकि रात को 100-180 mg/dl हो सकता है।

13 से 19 साल के लोगों में नॉर्मल फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल 70 से 150 mg/dl होता है। खाने से पहले 90-130 mg/dl शुगर लेवल होना चाहिए। वहीं, खाने के 2 घंटे बाद सामान्य रक्त शर्करा का स्तर 140mg/dl होना चाहिए। इसके अलावा, बेडटाइम में ब्लड शुगर का स्तर 90-150 mg/dl होना चाहिए।

कारण: जब शरीर के खून में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है तब ब्लड शुगर लो होता है। कई बार तनाव और अधिक दवा के सेवन के कराण या बहुत कम खाना या देर से खाना खाना, ब्रेकफास्ट के बिना अधिक व्यायाम के कारण भी लो ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है।

लक्षण: ब्लड में शुगर लेवल 70 mg/dl या इससे कम हो जाने को लो ब्लड शुगर या हायपोग्लायसीमिया कहा जाता है। व्यक्ति के शरीर में लो ब्लड शुगर के निम्न लक्षण पाए जाते हैं। जैसे कि थकान महसूस होना, दिल में घबराहट, हाथ-पैर कांपना, अधिक पसीना आना, चिड़चिड़ापन, देखने में परेशानी होना, बेहोश होना, सिरदर्द आदि।

घरेलू उपचार: ऐसे फूड्स का सेवन करें जिसमें अधिक मात्रा में पानी और फाइबर पाया जाता है। इसलिए आप एक या आधा कप फलों का जूस पिएं। आप 1 चम्मच शुगर या फिर कैंडी का सेवन कर सकते हैं। लहसुन ब्लड शुगर को नॉर्मल करके इंसुलिन संवेदनशीलता और स्राव में सुधार करता है। ड्राई फूड्स में अधिक मात्रा में फाइबर के साथ-साथ विटामिन्स, एंटी ऑक्सीडेंट, मिनरल्स, पोटैशियम पाए जाते हैं। इसके सेवन से भी ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित होता है। लो ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को 4-5 घंटे बाद कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। ध्यान रखें कि खाना खाने के बाद करीब 1 या आधा घंटा एक्सरसाइज जरूर करें।ब्लड शुगर कम होने से दिल की धड़कन पर पड़ता है असर, जानें लक्षण और घरेलू उपाए

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