क्या हैं डेंगू और मलेरिया के लक्षण? जानिये बचाव के उपाय और सभी जरूरी बातें

डेंगू होने की शुरुआत में मरीजों को सिर में तेज दर्द हो सकता है, मसल पेन और जोड़ों में दर्द से भी लोग परेशान हो सकते हैं

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बरसात का मौसम आते ही डेंगू का खतरा बढ़ जाता है, ये एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है

Dengue and Malaria: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देश की राजधानी दिल्ली के लोग तेजी से डेंगू से पीड़ित हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल डेंगू की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या साल 2018 के बाद सबसे अधिक है। महज दिल्ली में ही अब तक 120 से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, मलेरिया के मरीजों में भी वृद्धि देखने को मिली है। आइए जानते हैं इन दोनों बीमारियों के बारे में विस्तार से –

क्या है डेंगू बीमारी: बरसात का मौसम आते ही डेंगू का खतरा बढ़ जाता है, ये एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है। एडिज नामक मच्छर के काटने से लोग इस रोग से ग्रस्त हो जाते हैं। बता दें कि ये मच्छर साफ पानी में ज्यादा दिखते हैं और अधिकांश लोगों को सुबह के समय काटते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एडिज मच्छर के काटने के तुरंत बाद आपको इसका पता नहीं चलता है, बल्कि करीब 3 से 5 दिन बीतने के बाद ही लक्षण दिखाई देने शुरू होते हैं।

जानें इसके लक्षण: एक्सपर्टस के अनुसार डेंगू होने की शुरुआत में मरीजों को सिर में तेज दर्द हो सकता है, मसल पेन और जोड़ों में दर्द से भी लोग परेशान हो सकते हैं। इसके अलावा, तेज बुखार, शरीर में ठंड लगने जैसी कंपकंपाहट, ज्यादा पसीना आना, कमजोरी, थकान, भूख में कमी, मसूड़ों से खून आना और उल्टी भी डेंगू का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के लक्षण समान्यतः 3 से 14 दिनों में दिखाई दे सकते हैं।

वहीं, कुछ लोगों में आंखों के पास दर्द, ग्रंथियों में सूजन, रैशेज जैसी दिक्कत भी लोगों को हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ मामलों में डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। गंभीर मामलों में ब्लड वेसल्स डैमेज हो सकते हैं और प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में सांस लेने में कमी, बेचैनी, लगातार वोमिटिंग, यूरिन में ब्लीडिंग और अत्यधिक पेट दर्द हो सकता है।

कैसे करें बचाव: डेंगू के खतरे को कम करने के लिए घर में और आस-पास पानी जमा ना होने दें, कूलर और बाल्टियों में पानी भरकर न रखें। कचरे के डिब्बे को हमेशा ढ़क कर रखें और किसी भी खाली बर्तन में पानी रखने से बचाएं। साथ ही, पूरे शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।

क्या है मलेरिया: मलेरिया की बीमारी मादा एनिफिलीज मच्छर के काटने से होती है, ये एक प्रकार का संक्रामक रोग है। इसे हेल्थ एक्सपर्ट्स दुनिया की सबसे जानलेवा बीमारियों में से एक करार देते हैं। बरसात के मौसम में इस बीमारी की चपेट में आने की संभावना बढ़ती है।

ये हो सकते हैं लक्षण: इस बीमारी के आम लक्षणों में बुखार और बदन दर्द शामिल है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस रोग से पीड़ित मरीजों को ज्यादा ठंड लग सकती है और शरीर का तापमान 101 से 105 डिग्री फॉरेनहाइट तक बना रहता है। इसके अलावा, सांस लेने में दिक्कत, सिर दर्द, लिवर का बढ़ना, पेट दर्द, चक्कर, दस्त, एनीमिया, उल्टी और कंपकंपाहट हो सकती है।


जानें बचाव के उपाय: मलेरिया से बचने के लिए साफ-सफाई बरकरार रखना जरूरी है। घर के आसपास पानी न इकट्ठा होने दें और नालियों में डीडीटी का छिड़काव जैसे तरीके अपनाएं। साथ ही, इम्युनिटी बूस्टिंग फूड्स खाएं।

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