केवल रसोई तक ही दालचीनी का दायरा सीमित नहीं है। आयुर्वेद में दालचीनी को एक बहुउपयोगी औषधि माना गया है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में दालचीनी की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इसकी छाल पतली, हल्के पीले रंग की होती है और इसकी तीखी सुगंध तुरंत ध्यान खींच लेती है। आयुर्वेद के अनुसार, दालचीनी की छाल, जड़ और तेल का अलग-अलग रूपों में सेवन करने से कई तरह की बीमारियों में लाभ मिलता है। यह दांत और सिर के दर्द से लेकर त्वचा रोगों तक में असरदार मानी जाती है।

इतना ही नहीं, दालचीनी में ऐसे गुण भी पाए जाते हैं जो टीबी के जीवाणुओं को खत्म करने में मददगार हो सकते हैं। हेल्थ एडुकेटर प्रशांत देसाई के अनुसार, यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, शरीर को गर्माहट देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक है। ठंड के मौसम में दालचीनी का पानी पीने से शरीर अंदर से गर्म रहता है और शरीर की अंदरूनी सफाई भी होती है। आइए जानते हैं कि दालचीनी खाने से क्या फायदे होते हैं?

दर्द में दालचीनी है प्राकृतिक दवा

चाहे सिरदर्द हो या दांत का दर्द, दालचीनी राहत देने में कारगर मानी जाती है। आमतौर पर लोग ऐसे दर्द में दवाइयों का सहारा लेते हैं, जबकि दालचीनी एक घरेलू और प्राकृतिक विकल्प हो सकती है। हेल्थ एडुकेटर प्रशांत देसाई के अनुसार, सिरदर्द होने पर दालचीनी के 5–6 टुकड़ों को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे माथे पर लगाएं। कुछ देर बाद धो लें, इससे सिरदर्द में आराम मिलता है। इसके अलावा, दालचीनी के तेल से सिर की हल्की मालिश करने से भी राहत मिलती है।

दांत दर्द में

दांत दर्द की समस्या में दालचीनी का तेल रुई की मदद से दर्द वाली जगह पर लगाएं। वहीं दालचीनी को पीसकर मंजन के रूप में इस्तेमाल करने से दांत साफ होते हैं और चमक भी बढ़ती है।

खांसी और जुकाम में असरदार

खांसी और जुकाम की समस्या में भी दालचीनी बेहद फायदेमंद है। यह छाती में जमा कफ को बाहर निकालने में मदद करती है। इसके लिए एक चुटकी दालचीनी चूर्ण को एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह, दोपहर और रात को लें। इससे खांसी, सर्दी और ठंड लगने से आए बुखार में आराम मिलता है। इसके अलावा, दालचीनी के पत्तों का काढ़ा पीने से भी जुकाम और खांसी में राहत मिलती है।

पेट के लिए

दालचीनी पेट से जुड़ी कई समस्याओं में लाभ पहुंचाती है और आंतों को स्वस्थ रखती है। अगर दालचीनी के तेल से पेट पर मालिश की जाए, तो आंतों के खिंचाव और दर्द में आराम मिलता है। दो इलायची, दालचीनी के दो टुकड़े और एक तेजपत्ता लें और इन्हें पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। इसके सेवन से आमाशय की ऐंठन, पेट दर्द, वात, अम्लपित्त और पेट फूलने की समस्या में राहत मिलती है।

गठिया और जोड़ों के दर्द में उपयोगी

सर्दियों में घुटनों और जोड़ों का दर्द बढ़ जाना आम बात है। वहीं उम्र बढ़ने के साथ गठिया की समस्या भी परेशान करने लगती है। ऐसे में दालचीनी एक असरदार घरेलू उपाय हो सकती है। इसके लिए 10 ग्राम दालचीनी चूर्ण में 20 ग्राम शहद मिलाकर पेस्ट बना लें और इससे दर्द वाली जगह पर धीरे-धीरे मालिश करें। इससे जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा, गर्म पानी में एक चम्मच शहद और थोड़ी सी दालचीनी पाउडर मिलाकर चाय की तरह पीने से भी गठिया और जोड़ों के दर्द में फायदा होता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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