सर्दी में एड़ियों का फटना एक आम समस्या है जिसका इलाज लोग फुट क्रीम, मॉइस्चराइजर और घरेलू नुस्खे से करते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी एड़ियां गर्मी और सर्दी सारे साल फटी रहती है, महंगी क्रीम, मॉइश्चराइजर और तमाम कोशिशों के बाद भी फटी एड़ियां ठीक नहीं होती तो ये सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है बल्कि बॉडी में जरूरी पोषक तत्वों की कमी है।  हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि जब शरीर में कुछ खास जरूरी विटामिन और पोषक तत्वों (Nutrients) का स्तर गिरने लगता है, तो स्किन अपनी प्राकृतिक नमी और लचीलापन खो देती है।

हाल ही में एक कायरोप्रैक्टर डॉक्टर जाबन मूर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर बताया कि आपके पैरों से शरीर में हुई पोषक तत्वों की कमी का पता चलता है। अगर आपकी एड़ियां फटी हुई और रूखी है और लम्बे समय से मुलायम नहीं हो रही तो इसका मतलब शरीर में जिंक और उन हेल्दी फैट्स की कमी है जिनकी स्किन को जरूरत है। अक्सर लोग फटी एड़ियों को केवल बाहरी समस्या मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स इसके पीछे 3 मुख्य अंदरूनी कारण बताते हैं जैसे

  1. जिंक की कमी (Zinc Deficiency) की वजह से फट सकती हैं एड़ियां। जिंक हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है जो स्किन की नई कोशिकाओं (Cell Regeneration) को बनाने में मदद करता है। जिंक की कमी होने पर त्वचा अपनी लचीलापन (Elasticity) खो देती है, जिससे पैरों की स्किन ड्राई होकर फटने लगती है।
  2. जिंक शरीर के नेचुरल हीलिंग सिस्टम को चलाता है। जब शरीर में जिंक कम होती है तो एड़ियों में आने वाले छोटे-छोटे क्रैक्स समय पर हील नहीं होते और वो गहरे व दर्दनाक घावों में बदल जाते हैं।
  3. कुछ विटामिन जैसे Vitamin C, E, and B3 की कमी भी फटी एड़ियों का कारण बनती है। विटामिन C कोलोजन बनाता है, विटामिन E त्वचा को मॉइस्चराइज रखता है और विटामिन B3 (नियासिन) स्किन बैरियर को मजबूत करता है। इनकी कमी भी एड़ियों में ड्राईनेस होती है।

जिंक की कमी और फटी एड़ियों का सीधा संबंध नहीं

PSRI अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्राइनोलॉजी एवं डायबिटोलॉजी डॉ. हिमिका चावला के अनुसार लगातार फटी एड़ियां होना जिंक की कमी या हेल्दी फैट्स की कमी का भरोसेमंद संकेत नहीं माना जा सकता। एक्सपर्ट ने बताया गंभीर जिंक की कमी या एसेंशियल फैटी एसिड की कमी से स्किन रूखी हो सकती है और घाव भरने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, लेकिन केवल फटी एड़ियों के आधार पर इन कमियों का निदान नहीं किया जा सकता। आमतौर पर ऐसी पोषण संबंधी कमियों के साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं।

फटी एड़ियों का कारण क्या हैं?

  • डॉ. चावला के मुताबिक, फटी एड़ियों की वजह अक्सर हमारी रोजमर्रा की आदतें और कुछ हेल्थ प्रॉब्लम हो  सकती हैं जैसे
  • लंबे समय तक खड़े रहना
  • मोटापा
  • नंगे पैर चलना
  • बढ़ती उम्र
  • मौसम में नमी की कमी
  • बहुत गर्म पानी से बार-बार पैर धोना
  • कठोर साबुन का इस्तेमाल
  • एक्जिमा, सोरायसिस और फंगल इंफेक्शन जैसी स्किन से जुड़ी समस्याएं फटी एड़ियों का कारण बनती है। इसके अलावा डायबिटीज और हाइपोथायरॉयडिज्म जैसी बीमारियों में भी एड़ियां फटने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या पैरों को देखकर पोषण की कमी का पता लगाया जा सकता है?

डॉ. चावला कहती हैं कि सिर्फ पैरों या स्किन के किसी एक बदलाव को देखकर पोषण की कमी का पता नहीं किया जा सकता। जिंक, आवश्यक फैटी एसिड या कुछ विटामिन की कमी से स्किन प्रभावित हो सकती है, लेकिन ऐसे बदलाव कई अन्य स्किन रोगों में भी दिखाई देते हैं। सही निदान के लिए डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, खानपान, शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर कुछ लैब टेस्ट कराते हैं। हालांकि, सीरम जिंक टेस्ट की भी अपनी सीमाएं हैं क्योंकि बीमारी और सूजन के दौरान इसके स्तर में बदलाव आ सकता है। इसलिए डॉक्टर पूरे क्लिनिकल मूल्यांकन के आधार पर ही निष्कर्ष निकालते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि नियमित मॉइस्चराइजर लगाने और पैरों की सही देखभाल के बावजूद कुछ हफ्तों तक फटी एड़ियां ठीक नहीं होतीं, या उनमें गहरी दरारें, दर्द या खून आने लगे तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर एड़ियों में रेडनेस, सूजन, गर्माहट, पस या बढ़ता हुआ दर्द दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। डॉक्टर चावला ने बताया जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है, डायबिटीज या खराब ब्लड सर्कुलेशन की परेशानी है या नसों की कमजोरी है ऐसे लोग फटी एड़ियों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करें। क्योंकि छोटी-सी दरार भी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख विशेषज्ञ की राय और उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।